बदला-बदला दिखेगा माघ मेला दिखानी होगी कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट

बदला-बदला दिखेगा माघ मेला दिखानी होगी कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट

एक महीने में दो बार होगी रैपिड एंटीजेन जांच
कल्पवासियों का तैयार किया जाएगा डाटा बेस
केवल लग सकेगी जरूरी वस्तुओं की दुकानें

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कोरोना संक्रमण का असर इस बार संगम की रेती पर लगने वाले माघ मेले पर भी दिखायी पड़ेगी। मेले में प्रवेश के लिए कोरोना रिपोर्ट दिखानी अनिवार्य होगी। इसके अलावा कल्पवासियों की एक महीने में दो बार रैपिड एंटीजेन से कोरोना जांच की जाएगी। साथ ही उनका डाटा बेस भी तैयार किया जाएगा।
प्रयागराज में संगम की रेती पर 14 जनवरी से आयोजित होने जा रहे माघ मेले को लेकर हुई मेला सलाहकार समिति की पहली बैठक में मेले के आयोजन को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गयी है। डीएम भानु चन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि बगैर कोरोना की निगेटिव जांच रिपोर्ट के मेले में आने वाले श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और साधु संतों को प्रवेश नहीं मिलेगा। मेले में आने वाले लोगों को अधिकतम तीन दिन पुरानी आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट लानी अनिवार्य होगी। इसके साथ ही मेले में आने वाले कल्पवासियों का डाटा बेस तैयार किया जायेगा और 15-15 दिनों में दो बार रैपिड एंटीजेन किट से हर कल्पवासी की कोविड जांच भी करायी जायेगी। जरूरी दुकानों को छोडक़र अन्य दुकानों पर भी पाबंदी लगायी जा रही है।

शिविर के सभी लोगों को किया जाएगा आइसोलेट

डीएम भानु चन्द्र गोस्वामी ने कहा है कि किसी भी शिविर में एक भी पॉजिटिव मरीज निकलने पर सभी लोगों को 15 दिनों के लिए आइसोलेट करना पड़ेगा, जिससे कल्पवास खंडित हो जायेगा। जिन लोगों को डायबिटीज, दिल की बीमारी है वे कतई मेले में न आयें, क्योंकि उनके संक्रमित होने का खतरा सबसे ज्यादा है। मेले में भीड़ को नियंत्रित करने का प्राधिकरण हर संभव कोशिश भी करेगा।

कब तक रहेगा मेला

माघ मेला 14 जनवरी मकर संक्रान्ति से 11 मार्च महाशिव रात्रि के पर्व तक चलेगा। हालांकि कोरोना के चलते इस बार मेले का क्षेत्रफल घटाकर 538.34 हेक्टेयर कर दिया गया है और चार सेक्टरों में ही मेला बसाया जा रहा है लेकिन माघ मेले में हर साल स्नान पर्वों को मिलाकर करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। इनमें पांच लाख के लगभग कल्पवासी और हजारों साधु संत भी शामिल होते हैं जिन्हें कोरोना काल में नियन्त्रित करना और सुरक्षित घर वापस भेजना मेला प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

लोगों से की गई अपील

दंडी बाड़ा, खाक चौक, आचार्य बाड़ा और तीर्थ पुरोहितों की संस्था प्रयागवाल से अपील की गई है कि वे श्रद्धालुओं को इस बात के लिए प्रेरित करें कि कम से कम लोग मेले में आयें और घर पर ही संकल्प लेकर कल्पवास करें।

https://www.youtube.com/watch?v=F6rOAG8SSCU

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