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प्रदेश को विनाश के रास्ते पर ले जा रही है भाजपा सरकार: अखिलेश

प्रदेश को विनाश के रास्ते पर ले जा रही है भाजपा सरकार: अखिलेश

सपा सरकार के विकास कार्यों से चिढ़ती है भाजपा
विपक्षी दलों का किया जा रहा अपमान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत नहीं मजबूर सरकार है। हर मोर्चे पर यह विफल है। समाजवादी सरकार के समय हुए विकास कार्यों से भाजपा चिढ़ी हुई है। लोकनायक जेपी अंतराष्टï्रीय केन्द्र की उपेक्षा से क्या संकेत मिलता है? प्रदेश के भव्य स्थलों में से एक यह केन्द्र भाजपा सरकार की आंखो में खटक रहा है इसीलिए उसको बर्बाद किया जा रहा है। सपा सरकार के समय जो थोड़ा काम रह गया था उसके लिए भाजपा सरकार बजट नहीं दे रही है। इससे जाहिर है कि भाजपा सरकार और इसके नेतृत्व की मानसिकता कितनी निम्न स्तरीय हैं वह प्रदेश को विकास के नहीं, विनाश के रास्ते पर ले जाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि चूंकि भाजपा नेतृत्व का स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान नहीं था। इसलिए उन्हें जेपी सेंटर की महत्व और आवश्यकता का क्या अंदाजा हो सकता है? यह सेंटर लोकतंत्र की प्राण प्रतिष्ठा का मंदिर होता जहां भारत के गौरवशाली अतीत के साथ समाजवादी विचारधारा का भी इतिहास अंकित किया गया है। उच्चस्तरीय विमर्श और शोध के लिए यह केन्द्र अत्यंत उपयोगी है। भाजपा ने अपनी कृतघ्नता में इसे खंडहर बना दिया है और अब उसकी मंशा औने-पौने दाम में बेंचकर लोकतंत्र रक्षक सेनानी की निशानी भी मिटा देने की है।
उन्होंने कहा कि सत्ता को संविधान की परिधि में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। संविधान किसी को भी मनमानी और स्वेच्छाचारी आचरण की अनुमति नहीं देता है। सत्ता द्वारा जनता का अपमान करने अथवा विपक्ष के प्रति रागद्वेष की भावना से लोकतंत्र आहत होता है। सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग विपक्ष को अपमानित करेंगे तो लोकतंत्र का सम्मान कैसे बचेगा? लोकतंत्र सत्ता के लिए नहीं जनता के भले के लिए होता है। लोकराज चलाने के लिए लोकलाज का आचरण करना सीखना चाहिए। लोकनायक में तनिक भी सत्ता लिप्सा नहीं थी। वे जनतांत्रिक मान्यताओं के लिए समर्पित थे। उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।

सपा सरकार के विकास कार्यों से चिढ़ती है भाजपा
विपक्षी दलों का किया जा रहा अपमान
१११ 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत नहीं मजबूर सरकार है। हर मोर्चे पर यह विफल है। समाजवादी सरकार के समय हुए विकास कार्यों से भाजपा चिढ़ी हुई है। लोकनायक जेपी अंतराष्टï्रीय केन्द्र की उपेक्षा से क्या संकेत मिलता है? प्रदेश के भव्य स्थलों में से एक यह केन्द्र भाजपा सरकार की आंखो में खटक रहा है इसीलिए उसको बर्बाद किया जा रहा है। सपा सरकार के समय जो थोड़ा काम रह गया था उसके लिए भाजपा सरकार बजट नहीं दे रही है। इससे जाहिर है कि भाजपा सरकार और इसके नेतृत्व की मानसिकता कितनी निम्न स्तरीय हैं वह प्रदेश को विकास के नहीं, विनाश के रास्ते पर ले जाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि चूंकि भाजपा नेतृत्व का स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान नहीं था। इसलिए उन्हें जेपी सेंटर की महत्व और आवश्यकता का क्या अंदाजा हो सकता है? यह सेंटर लोकतंत्र की प्राण प्रतिष्ठा का मंदिर होता जहां भारत के गौरवशाली अतीत के साथ समाजवादी विचारधारा का भी इतिहास अंकित किया गया है। उच्चस्तरीय विमर्श और शोध के लिए यह केन्द्र अत्यंत उपयोगी है। भाजपा ने अपनी कृतघ्नता में इसे खंडहर बना दिया है और अब उसकी मंशा औने-पौने दाम में बेंचकर लोकतंत्र रक्षक सेनानी की निशानी भी मिटा देने की है।
उन्होंने कहा कि सत्ता को संविधान की परिधि में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। संविधान किसी को भी मनमानी और स्वेच्छाचारी आचरण की अनुमति नहीं देता है। सत्ता द्वारा जनता का अपमान करने अथवा विपक्ष के प्रति रागद्वेष की भावना से लोकतंत्र आहत होता है। सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग विपक्ष को अपमानित करेंगे तो लोकतंत्र का सम्मान कैसे बचेगा? लोकतंत्र सत्ता के लिए नहीं जनता के भले के लिए होता है। लोकराज चलाने के लिए लोकलाज का आचरण करना सीखना चाहिए। लोकनायक में तनिक भी सत्ता लिप्सा नहीं थी। वे जनतांत्रिक मान्यताओं के लिए समर्पित थे। उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।

सादगी से मनायी जेपी की जयंती

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर रविवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 118वीं जयंती समाजवादी पार्टी मुख्यालय, लखनऊ सहित प्रदेश के सभी जनपदों के पार्टी कार्यालयों में सादगी से मनाई गई। जेपी इंटरनेशनल सेंटर में स्थापित जयप्रकाश की प्रतिमा पर सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी तथा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने माल्यार्पण किया।

भैंस पर छोड़ दिया असली मालिक को पहचानने का जिम्मा

एक भैंस को लेने के लिए दो मालिक पहुंचे थे थाने
भैंस चोरी की दो लोगों ने दर्ज कराई थी शिकायत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कन्नौज। यूपी पुलिस अपने अजीबोगरीब कारनामों से हमेशा चर्चा में रहती है। कभी अपराधी को डराने के लिए मुंह से ही गोली चलने की ठाएं-ठाएं आवाज निकालती है तो कभी आपस में उलझ जाती है। एक बार फिर से कन्नौज जिले में पुलिस ने एक ऐसा काम किया है, जिसे सुनकर आप दांतों तले उंगली दबा लेंगे। कन्नौज पुलिस ने चोरी की बरामद भैंस को उसके असली मालिक तक जाने के लिए भैंस के ऊपर ही फैसला छोड़ दिया। पुलिस का कहना था कि यदि भैंस अपनी मालिक को पहचान कर उनके पास चली जाती है तो समझो भैंस उसी आदमी की है।
मामला तिर्वा कोतवाली क्षेत्र का है। यहां के अलीनगर निवासी धर्मेंद्र की भैंस तीन दिन पहले चोरी हो गई थी। वहीं, तीन दिन पहले ही तालग्राम के वीरेंद्र की भैंस भी चोरी हुई थी। दोनों ने पुलिस में भैंस चोरी होने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने भैंस को बरामद कर लिया। इसके बाद अलीनगर निवासी धर्मेंद्र और तालग्राम के वीरेंद्र को भैंस के बरामदगी के बारे में जानकारी दी गई। दोनों ने भैंस के ऊपर अपना दावा ठोक दिया। ऐसे में पुलिस फैसला करने में असमर्थ हो गई क्योंकि एक भैंस पर दो लोग अपना दावा ठोक रहे थे। तभी पुलिस ने एक ऐसा निर्णय लिया, जिसने सभी को चौंका दिया। पुलिस ने भैंस को दोनों दावेदारों के बीच में छोड़ दिया। फिर क्या था, भैंस अपने असली मालिक को पहचानते हुए उसके पीछे चल दी। एसएसआई के इस सूझबूझ भरे निर्णय की जमकर प्रशंसा हो रही है। भैंस का दूसरा दावेदार भी इस फैसले से सहमत हो गया। एसएसआई विजयकांत मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्ष दावा ठोक रहे थे। मैंने फैसला भैंस के ऊपर ही डाल दिया जिसकी भैंस होगी उसके साथ चली जाएगी। मामला निपट गया। जिसकी भैंस थी उसके साथ वह चली गई। वहीं, दूसरा पक्ष संतुष्ट हो गया कि भैंस उसी की है।

https://www.youtube.com/watch?v=yeQljB8dOEE

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