नगर निगम को चूना लगा रहे अफसर, गृहकर की लिस्ट से गायब हो गए दो हजार मकान

नगर निगम को चूना लगा रहे अफसर, गृहकर की लिस्ट से गायब हो गए दो हजार मकान

इस्माइलगंज वार्ड में किया गया खेल, खुलासे से निगम प्रशासन सन्न
गृहकर रिवाइज करने की नहीं योजना, वित्तीय संकट से जूझ रहा निगम
दस वर्षों से नहीं वसूला गया टैक्स, मामले की जांच-पड़ताल जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एक ओर नगर निगम का खजाना खाली हो चुका है तो दूसरी ओर अफसरों की लापरवाही के कारण करोड़ों का नुकसान हो रहा है। ताजा मामला इस्माइलगंज वार्ड का हैं। यहां गृहकर की लिस्ट से दो हजार मकान गायब हो चुके हैं। खुलासे के बाद से नगर निगम प्रशासन सन्न हो गया है और मामले की जांच कर रहा है।
पिछले कई वर्षों से नगर निगम लगातार वित्तीय संकट से जूझ रहा है। वहीं अधिकारियों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये से हर साल उसे करोड़ों के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हाल में इस्माइलगंज के प्रथम वार्ड में क्षेत्रीय निरीक्षकों की लापरवाही देखने को मिली है। इस वार्ड के दो हजार से अधिक मकान आश्चर्यजनक तरीके से गृहकर की सूची से गायब पाए गए हैं। 2010 से यहां के मकानों से गृहकर नहीं वसूला गया। जोन दो और आठ की तरह इंदिरानगर के जोन सात में भी हाउस टैक्स जमा करने के बजाय नगर निगम को चपत लगाने का मामला पकड़ में आने के बाद दोनों जोनों में कर निरीक्षकों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। यह खुलासा नगर आयुक्त के पत्रावलियों के निरीक्षण के बाद हुआ है। दरअसल, इस्माइलगंज प्रथम वार्ड में आवासीय और अनावासीय भवनों से हाउस टैक्स वसूले जाने की समीक्षा की गई थी। गौरतलब है कि इस्माईगंज प्रथम वार्ड में कुल 4741 आवासीय और 95 भवन अनावासीय भवन हैं। अब तक इनमें से 2668 आवासीय भवनों का गृहकर जमा किया जा रहा था जबकि 95 अनावासीय भवनों में से 22 ने ही टैक्स जमा किया है। शेष लगभग दो हजार भवन ऐसे पाए गए, जिन पर 2010 से एरियर समेत गृहकर बकाया है।

वेतन और निर्माण कार्यों के लिए नहीं पैसा
बीते कई वर्षों से नगर निगम लगातार वित्तीय संकट से जूझ रहा है। निगम के पास न तो कोई नया प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए पैसा है और न मरम्मत के कार्य कराने के लिए। यही नहीं निगम के पास कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए भी पर्याप्त बजट नहीं रहता है।

आवासीय मकानों में चल रहीं कॅमर्शियल गतिविधियां
राजधानी के पांच हजार से अधिक आवासीय मकानों में कॅमर्शियल गतिविधियां संचालित हैं लेकिन निगम के पास गृहकर रेट रिवाइज करने का कोई योजना नहीं है।

नहीं खरीद पा रहा कूड़ा उठान के लिए गाडिय़ां

पैसे के अभाव में नगर निगम कूड़ा उठान के लिए अभी तक नई गाडिय़ां भी नहीं खरीद सका है। निगम के पास मौजूदा समय में 300 गाडिय़ां हैं,जो शहर का कचरा ढो रही हैं। उसमें अधिकांशत: खस्ता हाल हैं।

कई खामियां सामने आई हैं। सभी जोनों में गृहकर वसूली को लेकर समीक्षा की जा रही है। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त

https://www.youtube.com/watch?v=eROf9htJG04

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