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दस्तावेजों की जांच कराए बिना नहीं ले जा सकेंगे पार्किंग से अपनी कार

दस्तावेजों की जांच कराए बिना नहीं ले जा सकेंगे पार्किंग से अपनी कार

एलडीए की सरोजनी नायडू पार्क की भूमिगत पार्किंग में खड़ी सभी कारें पुलिस संदेह के घेरे में
मासिक पास पर गाड़ी खड़ी करने वाले लगा रहे थाने और पार्किंग का चक्कर
पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर वसूले जाते 12 सौ रुपए पर नहीं दी जाती रिसीविंग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एलडीए की सरोजनी नायडू पार्क की भूमिगत पार्किंग में संदिग्ध कारों के मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने पार्किंग में खड़ी 91 गाडिय़ों को बाहर निकालने पर रोक लगा दी है। ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनसे 1200 मासिक पास पर गाड़ी पार्किंग में खड़ी करने के वसूले गए लेकिन उन्हें पास नहीं दिया गया। जबकि इन कारों की इंट्री पार्किंग के रजिस्टर में दर्ज है। गाडिय़ों के मालिक अपनी गाड़ी निकलवाने के लिए लगातार पार्किंग और पुलिस थाने के चक्कर लगा रहे हैं।
स्टेशन रोड चारबाग के रहने वाले रवि शुक्ला ने बताया कि घर के बाहर गाड़ी खड़ा करने की जगह नहीं थी इसलिए उन्होंने सरोजिनी नायडू पार्क में पिछले महीने पास बनवा कर गाड़ी खड़ा कर दी। पुलिस द्वारा पार्किंग में रखी गई 91 गाडिय़ों में रवि शुक्ला की गाड़ी भी है। रवि शुक्ला ने बताया कि 20 सितंबर को उन्होंने आखिरी बार पार्किंग में गाड़ी पास थी जिसके लिए उन्होंने 1200 रुपए भी दिए लेकिन उन्हें किसी प्रकार की रिसीविंग नहीं दी गई। जबकि रजिस्टर में उसके होने के साक्ष्य मिले हैं। रवि शुक्ला बीते 4 दिन से थाने और पार्किंग के चक्कर लगा रहे हैं पर उनकी पीड़ा कोई सुनने को तैयार नहीं है। इसी तरह एक और वाहन मालिक बताते है कि हमारी गाड़ी भी इसी पार्किंग में खड़ी है। कागज भी है। पुलिस से बात भी की तो वे बोले- जब कागज चेक करने के लिए बुलाएंगे तो ही गाड़ी ले जा सकेंगे। जबकि हमें गाड़ी की जरूरत है पर पुलिस कहती है कि दस्तावेजों जांच के बिना आप कार नहीं ले जा सकते।

ठेकेदार और कर्मचारी एलडीए को लगा रहे चूना

एलडीए के ठेकेदार और कर्मचारियों ने मिलीभगत करके एलडीए को जमकर चूना लगाया है। डीएम आवास के ठीक सामने सरोजनी नायडू पार्क में जस्टिस पार्टी में अवैध रूप से स्टैंड चलाने का काम किया जा रहा था लेकिन इसकी न तो आला अधिकारियों को खबर लगी और न ही एलडीए को। लखनऊ पुलिस द्वारा चोरी की कार पार्किंग के माध्यम से खरीद फरोख्त करने का बड़ा खुलासा करने के बाद लगातार चीजें सामने आ रही हैं। इसी के चलते हाल ही में एलडीए वीसी से भी कार्यभार छीन लिया गया और लखनऊ जिलाधिकारी को चार्ज सौंप दिया गया।

इसलिए अभी नहीं छोड़ा जा सकता

पांडेगंज के रहने वाले हेमेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि वह पार्किंग की समस्या होने के कारण बीते 4 सालों से पार्किंग में गाड़ी खड़ी करते थे। हेमेंद्र ने बताया कि पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने के लिए 1200 रुपये दिए थे लेकिन पार्किंग के कर्मचारी द्वारा उन्हें किसी भी प्रकार का पास नहीं दिया गया वह उन्हें केवल मौखिक तौर पर ही जानते थे। उनका कहना है कि सरोजिनी नायडू पार्किंग में मासिक पास के आधार पर गाड़ी खड़ी कर गए लोगों को अब समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी गाडिय़ां जांच के घेरे में है। इसलिए इन्हें अभी नहीं छोड़ा जा सकता। वहीं गाड़ी मालिकों के पास पूरे कागज होने के बावजूद भी उन्हें गाड़ी ले जाने की अनुमति नहीं है।

पार्किंग में खड़ी सभी गाडिय़ों के कागज की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही गाड़ी मालिक के सुपुर्द की जाएगी। हां, अगर किसी के पास सारे कागजात है तो वह अपनी बात रख सकता है।
सोमेन वर्मा, डीसीपी सेंट्रल कमिश्नरेट, लखनऊ

https://www.youtube.com/watch?v=J2__IvUjIn8

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