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ट्विटर पर सीएमओ के जवाब का इंतजार कर रहे कोरोना संक्रमित, इलाज के लिए मांगी थी मदद

ट्विटर पर सीएमओ के जवाब का इंतजार कर रहे कोरोना संक्रमित, इलाज के लिए मांगी थी मदद

सोशलसाइटï्स पर इलाज के लिए छेड़ रहे मुहिम
सीएम योगी आदित्यनाथ को टैंग कर मांग रहे मदद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए संक्रमित लोगों की कतारें न केवल अस्पतालों के बाहर लग रही हैं बल्कि अब सोशलसाइट्ïस पर भी इसके इलाज के लिए लोग मदद मांग रहे हैं। सबसे ज्यादा ट्विटर पर लोग सीएमओ से अपनी परेशानी बता रहे हैं मगर सीएमओ नरेंद्र अग्रवाल लोगों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। बीते एक हफ्ते से सैकड़ों लोगों ने सीएमओ को कोरोना को लेकर घेर रखा है। लक्षण और बिना लक्षण वाले मरीज तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं। मरीजों को सीमएओ के जवाब का इंतजार 24 घंटे रहता है। मगर वे मौन है। लोगों ने इसकी शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ को टैग कर की है।
ट्विटर हैंडल पर श्रेया नाम की महिला ने मुख्यमंत्री को टैग कर मरीज का नाम व फोन नंबर लिखा है। उसका कहना है कि लालगंज निवासी अशोक नाम का एक मरीज कोविड-19 से पीडि़त है, मरीज लखनऊ के विवेकानंद अस्पताल में भर्ती है। उसे कोविड-19 का इलाज नहीं दिया जा रहा है और न ही अन्य अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। मरीज की स्थिति गंभीर है। इससे उसकी जान भी जा सकती है। महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मरीज को किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती कर इलाज की गुहार लगाई है। वहीं बनारस निवासी श्याम का कहना है कि मरीज को लखनऊ के अस्पताल में रेफर किया गया था लेकिन यहां आने के बाद कोई नहीं सुन रहा है और न ही मरीज को भर्ती कर रहे हैं। गोरखपुर से आए अखिलेश का कहना है कि वह पहले गोरखपुर के अस्पताल में भर्ती थे लेकिन उन्हें लखनऊ के केजीएमयू में रेफर कर दिया गया। एक सिटी से दूसरी सिटी के अस्पताल में भर्ती होने के लिए सीएमओ भर्ती होने का लेटर जारी करते हैं उसके बाद ही मरीज भर्ती होता है। जब वह केजीएमयू पहुंचे तो लेटर मिलने का घंटों इंतजार करते रहे। भटकते रहते मगर उनकी कोई सुनने वाला ही नहीं है।

फैल सकता है कम्यूनिटी स्प्रेड

अस्पतालों में बेड की कमी व इलाज न मिल पाने के कारण संक्रमित सडक़ों पर घूम रहे हैं। ऐसे में संक्रमण स्प्रेड होने का खतरा अधिक बढ़ गया है। लीलावती का कहना है कि उन्हें अस्पताल से यह कहकर जल्दी छुट्ïटी दे दी गई कि अस्पताल में बेड फुल हैं। इस तरह से एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में जाने पर कई लोग एक-दूसरे के संपर्क में आकर संक्रमित हो रहे हैं और इस कारण कम्यूनिटी स्प्रेड फैल सकता है।

हाईकोर्ट में आज से होगी ऑनलाइन सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के कारण सिर्फ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही सुनवाई होगी। इसके लिए पहले से ऑफलाइन व ऑनलाइन के नियम तय रहे हैं। मुकदमों का दाखिला भी ई-फाइलिंग से ही होगा। अगले आदेश तक खुली अदालत में मुकदमों की सुनवाई पूरी तरह से ठप रहेगी। न्यायालय भवन परिसर में अधिवक्ताओं को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। दरअसल, हाईकोर्ट ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए 22 जुलाई से अगले आदेश तक सिर्फ वीसी के जरिए मुकदमों की सुनवाई का निर्णय लिया है। हाई कोर्ट में सिर्फ उन्हीं पुराने मुकदमों में सुनवाई होगी, जिनमें अर्जेंसी एप्लीकेशन दी जाएगी। इसके मंजूर होने पर मुकदमा सुनवाई के लिए लिस्ट होगा। नए फ्रेश मुकदमों में अर्जेंसी एप्लीकेशन देने की आवश्यकता नहीं होगी। नए मुकदमे सिर्फ ई-फाइलिंग के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे।

लखनऊ में एक हफ्ते में 1500 का आंकड़ा पार

मंगलवार को शहर में 212 कोरोना के नए मरीज पाए गए। वहीं सोमवार को तीन और मरीजों की मौत हो गई। केजीएमयू में तीन रेजीडेंट डॉक्टरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इससे एक दिन पहले भी 282 मरीज कोरोना की चपेट में आए। इनमें से सबसे अधिक संख्या इंदिरा नगर, गोमतीनगर के मरीजों की है। बीते एक हफ्ते में राजधानी में 1500 संक्रमित मिल चुके हैं।

https://www.youtube.com/watch?v=Yh2QPzmyW9s

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