छोटे पंडालों में विराजेंगी मां दुर्गा, ड्रोन से होगी निगरानी

छोटे पंडालों में विराजेंगी मां दुर्गा, ड्रोन से होगी निगरानी

कोरोना गाइडलाइंस का करना होगा सख्ती से पालन
पंडालों में नहीं होंगे किसी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शारदीय नवरात्रि आज से शुरू हो गयी है। राजधानी में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी है लेकिन कोरोना काल के कारण इस बार बड़े-बड़े पंडाल नहीं दिखेंगे। मां दुर्गा को छोटे पंडालों में विराजमान किया जाएगा। इसके अलावा दर्शनार्थियों को सरकारी गाइडलाइंस के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाइजर का प्रयोग करना होगा। संक्रमण को देखते हुए कई पंडालों से देवी मां की पूजा का ऑनलाइन प्रसारण भी किया जाएगा।
महामारी के चलते शारदीय नवरात्रि के दौरान राजधानी में बड़े-बड़े पूजा पंडालों की जगह छोटे पंडाल और मां दुर्गा की छोटी प्रतिमाओं के दर्शन होंगे। विकासनगर में शाश्वत सोशल एंड कल्चरल क्लब इस बार प्रदेश सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक छोटा पंडाल बनाने जा रहा है। यहां 22 से 26 अक्टूबर के बीच पंडाल सजेगा। इस बार मां दुर्गा की प्रतिमा का आकार भी छोटा कर दिया गया। क्लब के सचिव सुमित भौमिक ने बताया कि हर बार की तरह खुले मैदान में पूजा होगी। मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन तक के कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रसारण होगा। हर दिन सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक यूट्यूब चैनल व फेसबुक के जरिए पूजा का प्रसारण होगा। गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाएगा। कोई सांस्कृतिक आयोजन नहीं होंगे। वहीं कैंटोमेंट दुर्गा पूजा सेवा समिति के मीडिया सचिव निहार डे ने बताया कि पूजा को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा। लालबाग के झंडीवाला पार्क, आलमबाग, सिंधी स्कूल और आशियाना मेें भी छोटे पंडाल सजेंगे। बंगाली समाज के दुर्गा पूजा पंडालों में 108 कमल के फूलों से होने वाली संधि पूजा 24 अक्टूबर को होगी। बंगाली समाज की प्रिया सिन्हा ने बताया कि अष्टमी व नवमी के बीच में यह पूजा होती है। बंगाली समाज में इसका विशेष महत्व है। ढाक वादकों को बुलाया गया है। दूसरी ओर सरकार ने दुर्गा पंडालों की निगरानी ड्रोन से करने का फैसला किया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किये हैं। पंडालों के आस-पास की लाइटिंग व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए मंडलायुक्त ने आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही दुर्गा पंडालों में गाइडलाइंस का पालन हो रहा है या नहीं इस पर भी नजर रखी जाएगी।

विसर्जन के लिए तैयार करना होगा रूट मैप

सरकार ने कहा है कि मूर्तियां रखने के लिए ऐसी जगह का चुनाव किया जाए जो खुली हो और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके। चौराहों या सडक़ों पर मूर्तियां न रखी जाएं। इसके अलावा मूर्तियों का आकार छोटा रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन के लिए भी रूट मैप पहले ही तैयार करके प्रशासन से इजाजत लेनी होगी और अगर रूट लंबा है तो एबुंलेंस की भी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और मास्क अनिवार्य है।

ये हैं सरकार की गाइडलाइंस

प्रदेश सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि अगर कार्यक्रम का आयोजन बंद हॉल में हो रहा है तो कुल क्षमता के 50 फीसदी लोग ही अंदर जा सकेंगे और यहां भी फेस मास्क, सेनेटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य होगी। अगर आयोजन खुले स्थान पर होता है तो एरिया के हिसाब से लोगों को अनुमति दी जाएगी और यहां भी 6 फीट की दूरी सुनिश्चित की जानी जरूरी है। यह भी सलाह दी गई है कि कार्यक्रम में 65साल से ज्यादा के लोग, 10 साल की उम्र से कम के बच्चे और गर्भवती महिलाएं शामिल न हों।

https://www.youtube.com/watch?v=GKZf_3O9z2g

Next Story
Share it