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कोरोना से निपटने को रेलवे ने बनाई नई रणनीति, अब कैमरे करेंगे टिकटों की जांच

कोरोना से निपटने को रेलवे ने बनाई नई रणनीति, अब कैमरे करेंगे टिकटों की जांच

स्कैन होते ही पता चल जाएगा टिकट वेटिंग है या कंफर्म
लखनऊ और प्रयागराज स्टेशनों पर लगाए जा चुके हैं कैमरे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कोरोना से निपटने के लिए रेलवे ने नई रणनीति तैयार की है। अब रेलवे स्टेशनों पर रेलकर्मी टिकट को हाथ नहीं लगाएंगे। बिना छूए ही टिकटों की जांच आसानी से हो जाएगी। इसके लिए स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे रेलकर्मियों में संक्रमण का खतरा बेहद कम हो जाएगा। लखनऊ जंक्शन और प्रयागराज में कैमरे लगाए जा चुके हैं जबकि गोरखपुर जंक्शन और मंडुआडीह में कैमरे लगाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
नई व्यवस्था के तहत यात्री को मोबाइल में मौजूद ई टिकट या काउंटर से लिया गया प्रिंट टिकट कैमरे के सामने करना होगा। कैमरा में स्कैन होते ही पता चल जाएगा कि टिकट वेटिंग है या कंफर्म। कंफर्म टिकट वाले यात्री को प्लेटफार्म पर जाने के लिए अनुमित मिल जाएगी। जहां पहले से तैनात टिकट स्टाफ पहचान पत्र देखकर निर्धारित कोच व बर्थ पर यात्री को बैठा देंगे। वेटिंग टिकट के यात्रियों को वापस कर दिया जाएगा। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिह के अनुसार कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे सुरक्षा और बढ़ जाएगी।

जूते भी होंगे सेनेटाइज
कोरोना संक्रमण से बचाव को रेलवे के दफ्तरों में जूते भी सेनेटाइज किए जाएंगे। इसके तहत मुख्य गेट पर ट्रे में हाइपोक्लोराइट का घोल बनाकर रखा जाएगा। रेलकर्मी ही नहीं आने-जाने वाले सभी लोग ट्रे में जूते रखने के बाद ही गेट के अंदर प्रवेश कर सकेंगे। दरअसल, कार्यालयों में कर्मियों के अलावा दिनभर बाहरी लोगों का भी आना-जाना लगा रहता है ऐसे में संक्रमण से पूरी तरह बचाव के लिए जूतों को भी सेनेटाइज किया जा रहा है।

सेंसरयुक्त सेनेटाइजर की व्यवस्था
रेलवे ने स्टेशनों के गेट के पास ही सेंसरयुक्त सेनेटाइजर की व्यवस्था की है। यहां प्रवेश करने के पहले लोगों को अपने हाथ सेनेटाइज करने होंगे।

फेस मास्क और थर्मल स्क्रीनिंग भी
रेलवे में फेस मास्क पहले से ही अनिवार्य है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, कारखानों और महाप्रबंधक कार्यालय परिसर में थर्मल स्क्रीनिंग भी जरूरी है। रेलवे ने इसकी व्यवस्था की है।

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