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कोरोना ने पकड़ी स्पीड अगस्त के पहले सप्ताह में संक्रमितों की संख्या ने उड़ाए होश

कोरोना ने पकड़ी स्पीड अगस्त के पहले सप्ताह में संक्रमितों की संख्या ने उड़ाए होश

  • 9 दिन में मिल चुके हैं पांच हजार संक्रमित, 42 लोग हुए मौत का शिकार
  • जुलाई माह में 6000 लोग हुए संक्रमण का शिकार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के साथ राजधानी लखनऊ में भी लगातार कोरोना के रिकॉर्ड मरीज मिल रहे हैं। जुलाई माह में कोरोना संक्रमितों की संख्या साढ़े तीन गुना की रफ्तार से बढ़ी तो वहीं अगस्त के पहले हफ्ते में ही पांच हजार के करीब केस मिले हैं। अब तक लखनऊ में संक्रमण के 13000 मामले सामने आ चुके है, जिनमें से 6220 एक्टिव केस हैं जबकि 147 लोगों की मौत हो चुकी है।
जुलाई माह में करीबन छह हजार लोग संक्रमण का शिकार हुए हैं। वहीं अगस्त में अब तक 4992 लोग संक्रमित हैं। करीब 42 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में एक जुलाई को कोरोना संक्रमितों के 24 हजार मामले सामने आए जो 31 जुलाई तक 85 हजार पर पहुंच गए। प्रदेश में अब तक एक लाख 23 हजार लोग संक्रमित मिले हैं। वहीं 31 लाख लोगों का कोविड-19 टेस्ट भी हुआ हैं। टेस्ट की संख्या बढऩे के साथ मामलों की तादाद भी बढ़ रही है। ऐसे में सरकार की तैयारियां और दावे बौने साबित हो रहे हैं। लखनऊ की बात करें तो शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण इलाकों में वायरस का दायरा बढ़ता जा रहा है। ज्यादातर इलाकों में वायरस ने शिकंजा कस दिया है। बड़ी संख्या में मरीज मिल रहे हैं। इस कारण स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।

अस्पतालों में बेड की कमी से मरीज परेशान

लखनऊ सहित यूपी में हालात सरकार के नियंत्रण के बाहर हो रहे हैं। राजधानी में एक हजार से अधिक संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं, जिससे पता चलता है कि राजधानी में कोरोना संक्रमितों के लिए अस्पतालों में बेड की कमी है। लखनऊ के चीफ मेडिकल आफिसर डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह का भी मानना है कि राजधानी के अस्पतालों में बेडों की थोड़ी कमी तो है। हालांकि इसे बढ़ाने की दिशा में पूरे प्रयास जारी है। लोगों को भी संक्रमण से बचना चाहिए क्योंकि संक्रमितों की तादाद लगातार बढ़ रही है। अस्पतालों में समय पर बेड न मिल पाना यह भी एक कारण है। हालांकि अब लखनऊ सहित बाराबंकी के कुछ अस्पतालों को मर्ज कर लिया गया है ताकि संक्रमितों को समय पर इलाज व बेड के लिए परेशानी न उठानी पड़े।

नहीं मिल रही एंबुलेंस

मेडिकल कॉलेज में कोरोना पॉजिटिव जांच कराने आए अधिकतर लोगों का कहना है कि कोरोना से हालात बेकाबू हैं, दावे बड़े-बड़े किए जा रहे हैं लेकिन रिजल्ट जीरो है। लखनऊ में लोगों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं। मरीजों को आठ-आठ घंटे एंबुलेंसों में बिठाकर अस्पतालों में घुमाया जाता है लेकिन बिस्तर नहीं मिलते हैं।

जुलाई का आखिरी सप्ताह

              केस        मृत्यु 

25 जुलाई 297 ०1
26 जुलाई 429 ०0
27 जुलाई 449 ०6
28 जुलाई 247 ०3
29 जुलाई 262 ०5
30 जुलाई 484 ०2
31 जुलाई 562 ०5

अगस्त में अब तक संक्रमित
केस मृत्यु
1 अगस्त 363 06
2 अगस्त 391 14
3 अगस्त 507 ०5
4 अगस्त 611 ०4
5 अगस्त 336 ०0
6 अगस्त 664 ०1
7 अगस्त 707 ०6
8 अगस्त का हाल
अस्पताल भर्ती बेड खाली
लोकबंधु 98 ०2
लोहिया 93 ०7
आरएसएम 50 10
एरा 290 110

अब तक 6630 लोग हो चुके हैंं ठीक

राजधानी में अगस्त माह में पॉजीटिव मिले मरीजों की संख्या अधिक रही लेकिन, डिस्चार्ज होने वालों की संख्या भी कम नहीं है। हालांकि लेवल टू व थ्री के अस्पतालों में बेड की समस्या बनी हुई है। लखनऊ में अब तक 6630 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं।

सरकारी अस्पतालों में बेडों की थोड़ी कमी तो है। हालांकि इसे बढ़ाने की दिशा में पूरे प्रयास जारी है।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह, चीफ मेडिकल आफिसर

https://www.youtube.com/watch?v=xdHBhsB3xCc

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