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कोरोना काल में प्रदूषण और लापरवाही खतरनाक

कोरोना काल में प्रदूषण और लापरवाही खतरनाक

sanjay sharma

सवाल यह है कि कोरोना संक्रमण फिर क्यों बढऩे लगा है? क्या बढ़ता प्रदूषण कोरोना मरीजों के लिए घातक होगा? लोग महामारी को लेकर इतने निश्ंिचत क्यों हो गए हैं? लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और मास्क लगाने से परहेज क्यों कर रहे हैं? क्या सरकारी तंत्र की लापरवाही के कारण हालात बिगड़ रहे हैं? जुर्माने के बाद भी कोरोना गाइडलाइंस का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है?

कोरोना ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले रखा है। कई राज्यों में एक बार फिर संक्रमण बढ़ रहा है। सर्दी और प्रदूषण के दौरान जरा सी लापरवाही न केवल खतरनाक साबित हो सकती है बल्कि संक्रमण का विस्फोट भी कर सकती है। यह स्थिति किसी भी राज्य के लिए अच्छी नहीं होगी। सवाल यह है कि कोरोना संक्रमण फिर क्यों बढऩे लगा है? क्या बढ़ता प्रदूषण कोरोना मरीजों के लिए घातक होगा? लोग महामारी को लेकर इतने निश्ंिचत क्यों हो गए हैं? लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और मास्क लगाने से परहेज क्यों कर रहे हैं? क्या सरकारी तंत्र की लापरवाही के कारण हालात बिगड़ रहे हैं? जुर्माने के बाद भी कोरोना गाइडलाइंस का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है? क्या सामुदायिक संक्रमण का सामना करने में देश और राज्यों की स्वास्थ्य सेवाएं सक्षम हैं? सरकार के आदेशों का सख्ती से पालन क्यों नहीं कराया जा रहा है? क्या महामारी काल में भी लोग नागरिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर सकते हैं?
राष्टï्रीय स्तर पर भले ही कोरोना के केसों में गिरावट आ रही हो लेकिन उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में संक्रमण फिर बढऩे लगा हैं। देश में कोरोना से 95 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में करीब साढ़े पांच लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 7788 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें अकेले एक हजार से अधिक लोगों की मौत राजधानी लखनऊ में हो चुकी है। संक्रमितों में सबसे अधिक 47 फीसदी युवा है। संक्रमण को देखते हुए अब तो जरूरत पडऩे पर रात का कफ्र्यू लगाने के भी आदेश हैं। दरअसल, संक्रमण बढऩे के पीछे लापरवाही मुख्य वजह है। सरकार की तमाम अपीलों के बावजूद लोग न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं न मास्क ही लगा रहे हैं। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि प्रदूषण और बढ़ती सर्दी में इसका संक्रमण बढ़ सकता है। यही नहीं प्रदूषण जानलेवा भी साबित हो सकता है। कोरोना व्यक्ति के फेफड़े को संक्रमित करता है ऐसी स्थिति में प्रदूषण खतरनाक हो सकता है। यह सांस रोगियों के लिए भी नुकसानदायक साबित होगा। वहीं उत्तर प्रदेश के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स काफी खराब है। गाजियाबाद, लखनऊ, नोएडा, आगरा समेत कई शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। वहीं पुलिस भी कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्ती नहीं बरत रही है। इसके कारण बाजार में लोग पूरी तरह संक्रमण को लेकर लापरवाह हो गए हैं। सरकार यदि संक्रमण की दूसरी लहर को रोकना चाहती है तो उसे लोगों से कोरोना गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन कराना होगा अन्यथा स्थितियां विस्फोटक हो जाएंगी।

https://www.youtube.com/watch?v=bYR8yzhLITc

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