केजीएमयू छोड़ सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा शुरू

केजीएमयू छोड़ सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा शुरू

  • सिविल हॉस्पिटल, लोहिया अस्पताल के बाद पीजीआई में भी ओपीडी सेवा शुरू
  • घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर ले सकते हैं ओपीडी की सेवाएं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कोरोना के चलते बंद पड़ी ओपीडी सेवा सरकारी अस्पतालों में शुरू हो गई है। हालांकि कई अस्पतालों में मरीज देखने के समय में परिवर्तन किया गया है। सिविल, लोहिया के बाद अब पीजीआई में भी ओपीडी सेवा शुरू हो गई है। केजीएमयू में यह सेवा अभी भी बंद है। वहीं पीजीआई में घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर ओपीडी की सेवाएं ले सकते हैं।
पीजीआई में ओपीडी संस्थान की नवीन ओपीडी में है। ओपीडी में उन्हीं मरीजों को देखा जाएगा। जिन्हें डॉक्टर बुलाएंगे। रोजाना 10 नए मरीज और 5 पुराने मरीज देखे जाएंगे। ट्रॉमा 2 को ओपीडी जनरल हॉस्पिटल में चलेगी। सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल ने कोरोना संक्रमण के चलते ओपीडी का कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह आदेश संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष को भेज दिया है। ओपीडी में हर विभाग के 2 सीनियर रेजिडेंट और एक डॉक्टर मौजूद रहेगा। पीजीआई की ओपीडी में दिखाने के लिए मरीजों को ई-ओपीडी की तर्ज पर पहले फोन पर सलाह लेनी होगी। मरीज ई ओपीडी के पुराने नम्बरों पर बात करेंगे। डॉक्टर फोन पर मरीज की बीमारी के बारे में बात करेंगे। मरीज का उपचार सम्भव होने पर डॉक्टर उसे दवाई फोन पर बता देंगे। अन्यथा मरीज को पीजीआई बुलाकर डॉक्टर देखेंगे। केजीएमयू के एक अधिकारी ने बताया कि सभी अस्पतालों की अपेक्षा मेडिकल कॉलेज का बुरा हाल है। आए-दिन मरीज भटकते रहते हैं पर उनकी सुनने वाला कोई नहीं।

पीजीआई में ऑनलाइन पंजीकरण होगा

डॉक्टर की सलाह पर मरीज को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। फिर संस्थान द्वारा उस मरीज को पीजीआई में दिखाने की तारीख दी जाएगी। उस तारीख को ओपीडी आने वाले मरीजों को डॉक्टर देखेंगे। जरूरी होने पर उसका ऑपरेशन भी करेंगे,लेकिन मरीज को कोरोना जांच (आरटीपीसीर) की रिपोर्ट नेगेटिव होने के बाद ओपीडी में प्रवेश मिलेगा।

केजीएमयू में डिजिटल ओपीडी

केजीएमयू में टेली मेडिसन, डिजिटल ओपीडी के जरिए मरीजों का फॉलोअप किया जा रहा है। इसके अलावा आकस्मिक विभागों की ओपीडी जारी है। इमरजेंसी में आप कभी भी दिखा सकते हैं। टेलीमेडिसिन विभाग की डॉ. शीतल वर्मा ने बताया कि मरीजों की सहूलियत के लिए बेसिक फोन नंबर 0522-2258880 जारी किया गया है। इस पर कोई भी मरीज फोन कर इलाज से संंबंधित जानकारी जान सकता है। विशेषज्ञ डॉक्टर को फोन से जोड़ा जाएगा। सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक मरीज फोन पर सलाह ले सकेंगे। इसके अलावा कंट्रोल रूम 24 घंटे उपलब्ध हैं।

सिविल अस्पताल में ओपीडी रोगियों की संख्या बढ़ी

सिविल अस्पताल के सीएमएस एसके नंदा ने बताया कि यहां ओपीडी सेवा पीजीआई के पहले से चालू है। ओपीडी में दिन-प्रतिदिन मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। कोरोना के चलते पहले जहां मरीज कम आते थे, मगर वर्तमान में रोजाना दो हजार मरीज आ रहे, जिनमें चेस्ट की समय से सम्बंधित मरीज अधिक हैं। इसके अलावा अन्य जटिल बीमारियों का उपचार कराने आ रहे हैं।

यूपीएससी की प्री परीक्षा से पहले सेंटरों पर हो पूर्ण तैयारी: जिलाधिकारी

  • कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम अभिषेक प्रकाश ने ली बैठक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट द्वारा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सर्विसेज प्रारंभिक (प्री) परीक्षा टालने से इनकार करने के बाद लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश सख्त एक्ïशन में आ गए हैं। उन्होंने यूपीएससी की प्री परीक्षा को लेकर आज कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की।
उन्होंने कहा कि चार अक्टूबर को होने वाली इस परीक्षा में कोई लापरवाही न बरती जाए। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सेंटरों पर पूर्ण सावधानी बरती जाए। यहां तक कि सेंटरों पर पेपर आते समय भी पूरा ख्याल रखा जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि केंद्रों पर सुरक्षा के प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जाए। इसके अलावा सेंटरों पर मास्क व सेनेटाइजर की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी अभ्यर्थी संक्रमण का शिकार न हो सके। इसके लिए सेंटरों पर पूरी पारदर्शिता बरती जाए। डीएम ने यह भी कहा कि तीन अक्टूबर की शाम तक प्री-एग्जाम की तैयारियों का खाका व्हाट्स-अप ग्रुप में तैयार कर लें, ताकि किसी तरह की कोई परेशानी सेंटरों पर न उठानी पड़े। बता दें कि एक दिन पहले ही देश सहित प्रदेश में भी परीक्षा टालने की मांग की गई थी, लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने प्री परीक्षा टालने से साफ इंकार कर दिया। कुछ याचिकाकर्ताओं ने 72 परीक्षा केंद्रों और उपकेंद्रों पर परिवहन सुविधा व कोरोना के अभाव संबंधी शिकायत को लेकर परीक्षा टालने की बात कही थी।

https://www.youtube.com/watch?v=algSSDzGrOM

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