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कारीगर और शिल्पकार समृद्ध होंगे तो ही खुशहाल बनेगा समाज: सीएम योगी

कारीगर और शिल्पकार समृद्ध होंगे तो ही खुशहाल बनेगा समाज: सीएम योगी

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में तीन नई श्रेणियों को शामिल करने की घोषणा
बीस लाख एमएसएमई इकाइयों को देंगे ऋ ण

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने कारीगरों और शिल्पियों के हुनर को प्रोत्साहित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी क्रम में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में तीन नई श्रेणियों भड़भूजा, धोबी और शिल्पकार को शामिल करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में टूल किट का वितरण किया गया और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत प्रदेश भर में 4500 लाभार्थियों को 60 करोड़ रुपये का ऋ ण बांटा गया।
सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग द्वारा टूल किट और ऋ ण वितरण कार्यक्रम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑनलाइन संबोधित किया। प्रतीक स्वरूप दस लाभार्थियों को उन्होंने टूल किट और ऋ ण स्वीकृति पत्र भी सौंपे। सीएम योगी ने कहा कि अर्थव्यवस्था और समाज की व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण विभिन्न ट्रेड के हस्तशिल्पियों, कारीगरों व अन्य पारंपरिक उद्योगों से जुड़े लोगों को वर्तमान सरकार ने समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया है। पहले यह लोग उपेक्षित थे। उनके पास हुनर था, लेकिन मंच नहीं था। कौशल था, लेकिन प्रोत्साहन नहीं था। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और एक जिला एक उत्पाद योजना लागू की, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों को लाभान्वित किया गया। सीएम योगी ने कहा कि 20 लाख एमएसएमई इकाइयों को ऋ ण दिया जाएगा। केंद्र सरकार के आर्थिक पैकेज के तहत प्रदेश के 10 लाख स्ट्रीट वेंडरों को लाभान्वित कराने का लक्ष्य रखते हुए उन्होंने कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए। कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी सहित कई अफसर व अधिकारी मौजूद थे।

ताकि अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकें

अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल ने बताया कि पारंपरिक हस्तशिल्पी व कारीगर जब खुशहाल व समृद्ध होंगे, तभी समाज खुशहाल होगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। प्रशिक्षण एवं टूल किट प्राप्त कर चुके लाभार्थियों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से जोड़ा जा रहा है, ताकि कारीगर अपना व्यवसाय शुरू कर अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-2020 में 19,938 कारीगरों को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण दिया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 1,12,889 आवेदन आए हैं, जिसमें से 20 हजार को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शेष आवेदकों को भी इसी वर्ष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।

राम मंदिर निर्माण के लिए विदेशों से भी चंदा ले सकेगा ट्रस्ट

एफसीआरए के तहत गृह मंत्रालय ने किया आवेदन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विदेश में रहने वाले रामभक्तों से भी चंदा लिया जा सकेगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कार्यालय में विदेशों से चंदा देने के लिए रोजाना आ रहे फोन के मद्देनजर अब गृह मंत्रालय से फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) के तहत इजाजत लेने के लिए आवेदन किया है। अनुमति मिलते ही लाखों की तादाद में विदेशों में रह रहे भारतीय भी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दे सकेंगे।
अयोध्या में भूमिपूजन के बाद से मंदिर निर्माण के लिए दान देने का सिलसिला तेज है। चंदा देने वाले लोग चेक, मनीऑर्डर, ऑनलाइन ट्रांसफर, नकदी समेत आभूषण, चांदी की ईंटें आदि के जरिए चंदा भेज रहे हैं। ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार राम मंदिर के लिए 70 करोड़ रुपए से ज्यादा का चंदा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अकाउंट में जमा हो चुका है। सबसे ज्यादा चंदा ट्रस्ट के एसबीआई खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर के द्वारा आया है। राममंदिर ट्रस्ट के कार्यालय में भी रोजाना करीब 20 से 30 हजार की नकदी आ रही है। इसके अलावा प्रतिदिन कई चेक भी आ रहे हैं, जिन्हें ट्रस्ट के बैंक अकाउंट में जमा कराया जाता है। इसके अलावा मनीऑर्डर भी बड़ी संख्या में डाकखाने में
आ रहे हैं।

https://www.youtube.com/watch?v=UXmMNWbJcCM

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