एलडीए-नगर निगम के विवाद में विकास बेपटरी प्रियदर्शनी कॉलोनी में बुनियादी सुविधाएं नदारद

एलडीए-नगर निगम के विवाद में विकास बेपटरी प्रियदर्शनी कॉलोनी में बुनियादी सुविधाएं नदारद

वर्षों से नहीं बनी सडक़ें, कॉलोनी की सीवर और नालियां चोक
अधूरे निर्माण के कारण टेकओवर नहीं कर रहा नगर निगम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ । एलडीए और नगर निगम के विवाद के कारण प्रियदर्शनी कॉलोनी के बाशिंदे बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। यहां न तो अभी तक पूरी तरह सडक़ों का निर्माण किया गया है न ही साफ-सफाई की व्यवस्था ही दुरुस्त की गई है। खाली प्लॉटों में कूड़े का अंबार लगा हुआ है। वहीं जलभराव के कारण संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है। अधूरे निर्माण के कारण नगर निगम इस कॉलोनी को टेकओवर करने को भी तैयार नहीं है।
नगर निगम और एलडीए की लापरवाही के कारण करीब तीन हजार से अधिक लोग असुविधाओं का शिकार हो रहे हैं । अधूरे निर्माण के चलते नगर निगम एलडीए द्वारा बसाई गई प्रियदर्शनी कॉलोनी को टेकओवर करने को तैयार नहीं है । जिसके चलते क्षेत्र में सफाई नहीं हो पा रही है। फिलहाल एलडीए विवाद बढऩे के बाद ठेके पर कूड़ा उठान करा रहा है। दरअसल, सीतापुर रोड के नगर निगम के जोन तीन में प्रियदर्शनी कॉलोनी आती है। क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम की ओर से कोई साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। प्लॉटों में बारिश के कारण पानी भर गया है। कई लोग टायफायड ,मलेरिया और डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। नगर निगम से कई बार लिखित शिकायत की गई लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं हुआ है। यही नहीं खाली प्लाटों में अवैध डेयरियां संचालित की जा रही हैं। डेरियों में पाले गए मवेशी सडक़ों पर घूमते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। गौरतलब है कि एलडीए ने आज से तीन दशक पहले यहां आवासीय कॉलोनी बसाई थी। यहां पर लोग 1990 से रह रहे हैं। प्रियदर्शनी कॉलोनी में एलडीए ने 500 वर्ग मीटर के चार सौ मकान और 1000 वर्ग फीट के 300 से अधिक मकान बनाये थे। यहां सीवर के साथ पानी और सडक़ की सुविधा दी गई थी। लोगों का कहना है कि कोई सुविधा नहीं है। अब सब कुछ खुद से ही करना पड़ता है। कई बार मन्त्रियों का दौरा भी हुआ लेकिन आज तक कोई विकास कार्य नही हुआ। क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या ड्रेनेज की है। यहां सीवेज सिस्टम ठीक न होने के कारण आये दिन सीवर उफनाने लगते हैं । सीवर का पानी सडक़ों पर बहने लगता है। लोगों का आरोप है कि सैकड़ों बार क्षेत्रीय लोगों ने नगर निगम के दफ्तर जाकर शिकायत की लेकिन वहां से यह कहकर लौटा दिया जाता है कि एलडीए की जमीन है। उसने हैंडओवर नहीं की है।

एक दशक से नहीं बनी सडक़

क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि कॉलोनी की सडक़ एक दशक से नहीं बनी हैं। आस पास खाली पड़े प्लॉटों में लोग गन्दगी फेंकते हैं। इसके साथ ही कई लोगों ने इन पर अवैध कब्जा कर लिया है ।

बिजली कटौती से त्रस्त हैं लोग

क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि दिन में पांच बार बिजली कटौती की जाती है। कटौती का समय भी एक घंटे से अधिक होता है। चौबीस घंटे में कम से कम पांच घंटे बिजली नदारद रहती है।

खाली प्लाटों पर लगा कूड़े का अंबार, स्थानीय निवासी हलकान

मैं जब से विधायक बना हूं तब से इसकी लड़ाई लड़ रहा हूं । सीएम की वीसी से इस संबंध में चर्चा हुई है। दो तीन महीने में यह क्षेत्र नगर निगम को हैंडओवर हो जाएगा ।
नीरज बोरा, विधायक, लखनऊ, उत्तर

क्षेत्र में गंदगी फैली रहती है । पार्षद से कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है ।
केके मिश्रा, क्षेत्रीय निवासी

सीवेज की समस्या है। आये दिन नाले चोक हो जाते हैं। सीवर का पानी रोड पर बहता है। कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई ।
नीरज शुक्ला, क्षेत्रीय निवासी

https://www.youtube.com/watch?v=GJmLwcLxqdQ

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