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एलडीए की उपेक्षा से फीकी पड़ी जनेश्वर मिश्र पार्क की चमक, गंडोला बोट कबाड़ में तब्दील

एलडीए की उपेक्षा से फीकी पड़ी जनेश्वर मिश्र पार्क की चमक, गंडोला बोट कबाड़ में तब्दील

  • रखरखाव के अभाव में बर्बादी की कगार पर पहुंचा 350 एकड़ में बना पार्क
  • सरकारी लापरवाही का दंश झेल रहा पूर्व सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट
  • लंदन के हाइड पार्क की तर्ज पर गोमतीनगर में 300 करोड़ में बनाया गया है पार्क

सत्य प्रकाश
लखनऊ। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट जनेश्वर मिश्र पार्क सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा है। साढ़े तीन सौ एकड़ में बने इस पार्क की चमक देखरेख के अभाव में फीकी पडऩे लगी है। पार्क की बदहाली देखकर यहां आने वाले पर्यटक भी मायूस हो रहे हैं और उनके आमद में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। दूसरी ओर इसके रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रहे एलडीए के अधिकारी बस आश्वासनों की घुट्टी पिला रहे हैं।
सपा सरकार में लंदन के हाइड पार्क की तर्ज पर राजधानी के गोमतीनगर में वर्ष 2012 में इस पार्क के निर्माण का काम शुरू किया गया था। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने 350 एकड़ में तकरीबन 300 करोड़ की लागत से इस पार्क को बनाया था। पार्क की झील में गंडोला बोट चलाने की योजना बनाई गई। इसके लिए अक्टूबर 2015 में 1.6 करोड़ रुपये की लागत से चीन से गंडोला बोट मंगवाई गईं। यह बोट कुछ वर्षों में ही कबाड़ में तब्दील होने लगी है। हाल यह है कि पार्क की झील में बोटिंग के लिए मंगाई गईं 90 प्रतिशत बोट खराब हो चुकी हैं। 80 पैडल बोट में से 72 बोट खराब हो चुकी हैं। रख-रखाव न होने के कारण करोड़ों की लागत से आई ये बोट झील में तैरने की जगह पानी में डूब चुकी हैं। इनमें से ज्यादातर बोट ल्यूटमस मरीन कंपनी से खरीदी गयी थीं। आने के बाद ही यह बोट खराब होने लगी थीं। किसी का पैडल उखडऩे लगा था तो किसी में चार लोगों के बैठने पर पानी भर जा रहा था। बोट की क्वालिटी को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस पर कड़ी नाराजगी जतायी थी। इस पर एलडीए के इंजीनियरों ने आनन-फानन में कम्पनी के इंजीनियरों को बुलाकर इन बोटों को सही कराया था। अब तो 90 प्रतिशत बोट पूरी तरह से खराब हो चुकी हैं। किसी का पैडल उखड़ गया है तो किसी की बीयिरंग खराब हो चुकी है।

पूर्व सीएम अखिलेश ने की थी बोटिंग

इंजीनियरों ने जिस गंडोला बोट को लाखों में खरीदा था वह कबाड़ में तब्दील हो गई हैं। चीन से मंगाई गयीं 10 गंडोला बोट में से पांच पूरी तरह खराब हो गयी हैं। इन गंडोला बोट को तत्कालीन मुख्मंत्री अखिलेश यादव ने चार दिसम्बर 2016 को पार्क में आयोजित एक समारोह में शुरू कराया था। उन्होंने खुद गंडोला बोट से बोटिंग भी की थी।

निराश हो रहे पर्यटक
पार्क में बोटिंग के लिए आने वाले लोगों को रोजाना निराशा हाथ लग रही है। बोट की हालत खस्ताहाल होने के कारण उसे चालू नहीं किया जा सका है। पार्क में शाम को चार बजे से लोग आना शुरू कर देते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले 80 बोट चलती थीं तो लोग बोटिंग का आनंद लेते थे। इससे एलडीए की आय भी होती थी लेकिन अब लोग को वापस लौटना पड़ रहा है। इससे प्राधिकरण को भी काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

https://www.youtube.com/watch?v=9zRwQA2DI5Y

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