SSP साहब कुछ तो कीजिए इस शहर में हो क्या रहा है?

  • रेलवे का ठेका हथियाने को लेकर दो ठेकेदारों के बीच गैंगवार
  • 500 मीटर की परिधि में करीब तीन पुलिस बूथ

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में अपराधी बेखौफ हो गये हैं। राजधानी में हजरतगंज स्थित डीआरएम आफिस के अंदर रेलवे का ठेका हथियाने को लेकर दो ठेकेदारों के बीच गैंगवार हुई। इसमें ठेकेदार आशीष और पप्पू के बीच विवाद शुरू हो गया। जिस वक्त यह घटना हो रही थी, उस समय डीआरएम कार्यालय में मौके पर आरपीएफ मौजूद थी। यहां से करीब 250 मीटर की दूरी पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आईएएस वीक के तहत तिलक हाल में सूबे के अफसरों को कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने की नसीहत दे रहे थे। डीआरएम आफिस के ठीक बाहर चन्द कदमों की दूरी पर चार पुलिस कर्मी यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। इस क्षेत्र में 500 मीटर की परिधि में करीब तीन पुलिस बूथ हैं, जिन पर हमेशा तीन से चार पुलिस कर्मियों की तैनाती रहती है। एसआई रैंक के लोगों की भी ड्यूटी रहती है। इस इलाके में चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इन सबके बावजूद शुक्रवार को दोपहर में खुलेआम आशुतोष को गोली मारने के बाद बदमाश फरार हो गये। इस हादसे में करीब 15-20 मिनट तक चली गोलियों की आवाज से भी पुलिस ने सतर्क होने की कोशिश नहीं की। आखिरकार बदमाश फरार हो गये। इस हादसे में घायल आशुतोष की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
तमाशबीन बनी रही आरपीएफ
डीआरएम कार्यालय के अंदर शुक्रवार दोपहर गोलीबारी होने के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। उस वक्त मौके पर आरपीएफ के सिपाही और अधिकारी चुपचाप खड़े होकर तमाशा देख रहे थे। युवक को गोली मारने के बाद बेखौफ होकर बदमाश डीआरएम आफिस के पीछे की तरफ से पैदल ही भागने में कामयाब रहे। रास्ते में बदमाशों ने चश्मे के कारोबारी अमित शर्मा को असलहा दिखाकर बाइक छीन ली और उस पर बैठकर फरार हो गये। इस घटना की सूचना मिलने के करीब 20 मिनट बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल आशीष को अस्पताल भेजा। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
हाई सिक्योरिटी जोन महज दिखावा
राजधानी का हजरतगंज क्षेत्र हाई सिक्योरिटी जोन में आता है। यहां दिन-दहाड़े गैंगवार और हत्या की घटना के बाद पहुंची पुलिस में हाई सिक्योरिटी की असलियत सामने आ गई। पुलिस की जांच में मालूम हुआ है कि डीआरएम आफिस के अंदर सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं लेकिन कैमरे का डीबीआर खराब था। इससे सीसीटीवी कैमरा डेमो के रूप में लगा हुआ था। इसी प्रकार 500 मीटर के दायरे में बनी पुलिस चौकियों पर भी पुलिस के लोग मौजूद थे लेकिन गोली की आवाज सुनने के बाद भी सक्रिय नहीं हुए। जबकि घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर मुख्यमंत्री आईएएस मीट में शिरकत कर रहे थे।
शहर में पन्द्रह दिनों के अंदर गैंगवार की दूसरी घटना हुई। इसमें मुन्ना बजरंगी के साले और उसके दो साथियों की गैंगवार में सरेआम हत्या के ठीक तेरहवें दिन डीआरएम आफिस में भी गैंगवार का मामला सामने आया।

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