KGMU में लगा विशेषज्ञों का जमावड़ा

कैंसर पर चार दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कैंसर चिकित्सा एवं शिक्षा के क्षेत्र में 20 साल बाद 37 वां नेशनल कान्फ्रेंस का आयोजन किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के साइंटिफि क कन्वेंशन सेंटर पर किया जा रहा है। कांफेंस का आयोजन किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेडियोथैरेपी विभाग, एस.जी.पी.जी.आई., राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ कैंसर इंस्टीट्यूट और कमाण्ड हास्पिटल कर रहे है। कान्फ्रेंस का मूल विषय ‘‘
एन ऑडिट आफ प्रेक्टिसेस इन रेडिएशन आंकोलाजी’’ है।
किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेडियोथेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष डा.एम.एल.भट्ट ने यह जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ इण्डियन कॉलेज आफ रेडिएशन आंकोलाजी के एक दिवसीय शैक्षिक कोर्स से हुआ। तदुपरान्त बाकी के दिनों में कैंसर चिकित्सा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा का आयोजन होगा। कार्यक्रम में देश-विदेश से आये अनेक विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। शैक्षिक गतिविधियों जैसे कि गोष्ठियां, वैज्ञानिक सत्र, व्याख्यान, अतिथि वक्ताओं के लेक्चर, प्रोफेसरों से मुलाकात, पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा 28 नवम्बर को सुबह जन सामान्य के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन होगा, जिसमें कि विख्यात कैंसर चिकित्सा विशेषज्ञ कैंसर की पहचान, रोकथाम, इलाज आदि से जुड़ी हुई समस्याओं, सवालों और जिज्ञासाओं का जवाब देंगें।
इस अवसर पर डा. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट के कैंसर सर्जन डा. मधुप रस्तोगी ने कहा कि कैंसर लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर बीमारी की पहचान कर इलाज द्वारा कैंसर का उपचार संभव है। डा. मधुप ने कहा कि कैंसर चिकित्सा की तमाम नई तकनीकि आ गयी हैं। डा. मधुप ने बताया कि वर्तमान में कैंसर के इलाज में जीन थेरेपी और कैंसर वैक्सीन सबसे कारगर है क्योंकि इसके साईडइफेक्ट नहीं होते हैं। इस विधि द्वारा केवल कैंसर से प्रभावित कोशिकाओं को ही टारगेट किया जाता है। स्वस्थ कोशिकाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है।
डा. एमसी पंत के नाम से शुरू होगा गोल्ड मेडल
केजीएमयू के डा. सुधीर सिंह के मुताबिक रेडिएशन आंकोलॉजी एसोसिएशन ने प्रख्यात कैंसर चिकित्सक स्व. एम.सी.पंत की याद में एक गोल्ड मेडल शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार की जनरल बाडी से इसकी इजाजत मिल चुकी है।
तंबाकू के कारण बढ़ रहा मुंह व गले का कैंसर
लोहिया इंस्टीट्यूट के डा. एस.पी.मिश्रा ने कहा कि तंबाकू खाने के कारण भारत में मुंह व गले का कैंसर बढ़ रहा है। गुटखे के अन्दर केमिकल भरा होता है जो कैंसर का कारण बनता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों की मानें तो भारत में 28-30 लाख कैंसर के मरीज हैं। प्रतिवर्ष 7-8 लाख कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। 2022 तक यह आंकड़ा चार गुना तक बढ़ जायेगा। देशभर के आंकड़ों को देखें तो मुंह के कैंसर बढ़ रहे हैं। वहीं उत्तर भारत के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां पर गाल ब्लैडर का कैंसर अधिक पाया जाता है।

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