ISRO ने 26 मिनट में लॉन्च किए रिकॉर्ड 20 सेटेलाइट

Captureनई दिल्ली/बेंगलुरु। एक साथ 20 सैटेलाइट लॉन्च कर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। सुबह 9.25 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से क्कस्रुङ्क-ष्ट34 लॉन्च किया गया। 26 मिनट 30 सेकंड में सभी सेटेलाइट स्पेस में पहुंचा दिए गए। इससे पहले 2008 में इसरो ने एक साथ 10 सैटेलाइट लॉन्च किए थे। इस कारनामे के साथ ही भारत सिंगल मिशन में सबसे ज्यादा सैटेलाइट भेजने के अमेरिका-रूस के एलिट क्लब में शामिल हो गया है। अमेरिका ने 2013 में 29 और रूस ने 2014 में एक साथ 33 सैटेलाइट भेजे थे।
मिशन में गूगल, अमेरिका, जर्मनी के भी सैटेलाइट…
इसरो के नए मिशन में अर्थ की निगरानी करने वाला इंडियन स्पेस शटल कार्टोसैट-2 (725 ्यत्र) शामिल है। इसमें गूगल की कंपनी टेराबेला का अर्थ इमेजिंग सैटेलाइट (स्काईसैट जेन2-1) भी है। इसरो अब तक 20 देशों के 57 सैटेलाइट लॉन्च कर चुका है। इसरो ने अपने स्टेटमेंट में कहा, “एक साथ 20 सैटेलाइट लॉन्च कर हमने लैंडमार्क बनाया है।
इस लॉन्चिंग में अमेरिका के कुल 13 सैटेलाइट हैं। इसमें गूगल के अर्थ इमेजिंग सैटेलाइट का वजन 110 किलो है। स्काईसैट से अर्थ के हाई डेफिनेशन फोटो और वीडियो मिलेंगे। 3 सैटेलाइट भारत के हैं, जबकि 4 सैटेलाइट कनाडा, जर्मनी और इंडोनेशिया के हैं। पीएसएलवी के साथ स्पेस में भेजे जाने वाले 20 सैटेलाइट का कुल वजन 1288 किलोग्राम है। इन सैटेलाइट्स को 505 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऑर्बिट में पहुंचाया गया है।
पीएम मोदी ने दी बधाई
एक बार में 20 सैटेलाइट! इसरो ने नए रिकॉर्ड बनाना जारी रखा है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हमारे वैज्ञानिकों को दिल से बधाई।
दुनिया का सबसे भरोसेमंद
लॉन्च व्हीकल
अपनी 36वीं उड़ान के साथ पीएसएलवी दुनिया का सबसे भरोसेमंद सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल बन गया। 1993 से लेकर अब तक इसने 36 उड़ानों में कई भारतीय और 35 विदेशी सैटेलाइट स्पेस में पहुंचाए हैं। इसमें 2008 में चंद्रयान-1 और 2014 में मार्स मिशन में मंगलयान की लॉन्चिंग शामिल है।

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