CCTV से 29 वकीलों की पहचान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पुलिस ने स्वास्थ्य भवन के पास 10 फरवरी को हुई तोडफ़ोड़ और आगजनी में शामिल 29 उपद्रवी वकीलों को चिन्हित करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक हाईकोर्ट के पास लगे चार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से इन वकीलों की पहचान की गई है। इसके अलावा पुलिस ने स्वास्थ्य भवन से लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज वीडियों क्लीपिंग, फोटोग्राफ और लोगों के मोबाइल से की गई रिकार्डिंग भी खंगाल रही है।
स्वास्थ्य भवन के पास हुए बवाल के मामले में वजीरगंज कोतवाली में कुल नौ मामले दर्ज हुए हैं। इनमें दो केस की संयुक्त जांच होगी। ऐसे में कुल आठ दरोगा को हर केस की जांच सौंपी गई है। कोतवाली प्रभारी महंथ यादव खुद एक मुकदमें में वादी है। वह मामले की छानबीन पर नजर रखे है। एसएसपी राजेश पांडेय ने कहा कि आरोपितों की पहचान के लिए हाईकोर्ट के पास लगे सीसीटीव कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जिसमें 29 वकीलों को चिन्हित किया गया है।
अब तक की छानबीन में पुलिस ने उपद्रवियों के एक मुखिया की पहचान की है। चश्मा लगाए क्लीन शेव में यह शख्स फुटेज में हाथ में हॉकी स्टिक लिए अगुवाई करता दिखा है। उसने हॉकी स्टिक से कई गाडिय़ों में तोडफ़ोड़ को अंजाम दिया। फुटेज से पुलिस को उसके बारे में पुख्ता सुबूत मिले है। इस फुटेज में कुछ वरिष्ठ वकील एक दूसरे को समझाते दिख रहे हैं।
हाईकोर्ट के सामने बवाल के दौरान स्वास्थ्य भवन के कर्मचारियों पर भी छत से वकीलों पर पत्थर मारने का आरोप भी है। उनके छत पर होने की वजह से उनकी हरकतें न किसी कैमरे में कैद हुईं, न कोई फोटो सामने आ रही है। वकीलों का आरोप है कि कुछ कर्मचारियों ने खुद वाहनों में तोडफ़ोड़ और आगजनी की। इसकी तह तक जाने के लिए पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। हाईकोर्ट के पास हुए बवाल के तीसरे दिन शुक्रवार और शनिवार को भी पुलिस की तैनाती जारी है। आसपास के सभी थानेदारों के अलावा पीएसी और आरएएफ के जवान वहां खड़े है। एसएसी के मुताबिक हालात सामान्य होने तक फोर्स तैनात रहेगी।

Pin It