संपादक को पत्र…

सर, मैंने आपके अखबार का नियमित पाठक हूं। खबरों के लिहाज से आपका अखबार अन्य अखबारों से एकदम भिन्न है। हर खबर में गहरी समझ और पैनी दृष्टिï साफ दिखाई पड़ती है। पहले पेज की खबरें तो लाजवाब होती हैं। हाल ...
capture

खत्म हुआ मुलायम समाजवाद का विद्रूप चेहरा...

कार्ल माक्र्स ने भारत को साम्यवादी आन्दोलन के लिए सबसे उपयुक्त जगह बताया था लेकिन आज देश के दोनों प्रमुख साम्यवादी दल राष्टï्रीय पार्टी के रूप में चुनाव आयोग द्वारा ‘अमान्य’ करार दिए जाने की कगार पर ...
capture

इंटरनेट का उपयोग करें मगर संभलकर...

आज के हाईटेक युग में इंटरनेट लोगों की जरूरत बन चुका है। इसके माध्यम से लोग न केवल अपने दूर रह रहे सगे-संबंधियों से करीबी बनाए हुए हैं बल्कि इसका बिजनेस में जमकर इस्तेमाल भी कर रहे हैं। लेकिन इंटरनेट ...

कश्मीर का भविष्य राजनीतिक इच्छाशक्ति और सोच पर...

कश्मीर, इस शब्द से शायद ही कोई अपरिचित होगा, हिन्दुस्तान में ही नहीं बल्कि सारे विश्व में। चौंकाने वाली बात यह है कि कश्मीर से पाकिस्तान का बच्चा-बच्चा इस तरह से परिचित है जिस तरह, वह पैदा होने के बा...

यह असंतोष देश की सुरक्षा और छवि के लिए ठीक नहीं...

सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों की ओर से सुविधाओं की मांग और अपनी समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया का उपयोग करना चिंतनीय तो है लेकिन यहां यह सवाल भी खड़ा होता है...