बिहारियों के योगदान की अनदेखी...

आशुतोष चतुर्वेदी महात्मा गांधी जीवन पर्यंत अहिंसा के पुजारी रहे, उनकी धरती गुजरात से तो ऐसी उम्मीद नहीं की जाती है, लेकिन दुर्भाग्य है कि जब हम गांधी की 150वीं जयंती का उत्सव मना रहे हैं, गुजरात में ...

जिद… सच की- बेतरतीब विकास जनता और सरकार...

अहम सवाल यह है कि क्या जरूरी सुविधाओं के बिना संपूर्ण विकास की कल्पना की जा सकती है? क्या बेतरतीब विकास ही इस समस्या की असली जड़ नहीं है? क्या शहरों में लगातार विकसित हो रही अनियोजित कॉलोनियों ने समस...

विकास दर के परिदृश्य पर चुनौतियां...

डॉ. जयंतीलाल भंडारी इन दिनों पूरी दुनिया की निगाहें वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत द्वारा सर्वाधिक विकास दर के स्तर को बनाये रखने की चुनौतियों की ओर लगी हुई हैं। हाल ही में 9 अक्टूबर को अंतर...

बिरसा मुंडा की सबसे ऊंची मूर्ति समय पर बनाना चुनौती...

एक साल का समय ज्यादा नहीं होता। अभी यह भी योजना नहीं है कि मूर्ति किस धातु की होगी, कौन बनायेगा। प्रोजेक्ट आखिर है क्या? किसकी-किसकी मूर्ति लगेगी, कैसा होगा संग्रहालय, क्या शोधार्थी के लिए रेफरेंस से...

जिद… सच की- भ्रष्टाचार, सरकारी तंत्र और आम आदमी...

सवाल यह है कि भ्रष्टïाचार के खिलाफ कड़े कानूनों के बावजूद रिश्वत देने और लेने पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है? पारदर्शिता के तमाम दावे हवाई क्यों साबित हो रहे हैं? क्या सरकारी विभागों में बिना रिश्वत...