हादसों की रेल और लापरवाह तंत्र...

सवाल यह है कि रेल हादसों का सिलसिला थम क्यों नहीं रहा है? रेलवे यात्रियों की सुरक्षित यात्रा को सुनिश्चित करने में नाकाम क्यों है? क्या ट्रेनों के संचालन को हाईटेक किए बिना हादसों को रोका जा सकता है?...

बेसिक शिक्षा का गिरता स्तर और सरकारी तंत्र...

सवाल यह है कि बेसिक शिक्षा की गिरती स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या बेसिक शिक्षा विभाग बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है? क्या शिक्षकों और अन्य संसाधनों की कमी के कारण ये हालात पैदा हुए हैं...

जड़ें जमाते साइबर अपराधी और पस्त पुलिस...

सवाल यह है कि साइबर अपराधियों पर पुलिस शिकंजा कसने में नाकाम क्यों साबित हो रही है? क्या बढ़ते इंटरनेट के प्रयोग ने साइबर अपराधियों की पहुंच घर तक कर दी है? आखिर साइबर सेल क्या कर रहा है? क्या लोगों ...

तेजाब हमले, प्रतिबंध और सरकारी तंत्र...

सवाल यह है कि लोगों को तेजाब आसानी से उपलब्ध कैसे हो रहा है? सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बाजार में खुलेआम तेजाब बिक कैसे रहा है? क्या सरकारी तंत्र इस पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रहा है? क्या...

बेखौफ बदमाश और लचर पुलिस तंत्र...

सवाल यह है कि क्या अपराधियों के मन से खाकी का खौफ खत्म हो चुका है? सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के बावजूद स्थितियां बद से बदतर क्यों होती जा रही हैं? क्या पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष...