गोमती की दुर्दशा का जिम्मेदार कौन?...

सवाल यह है कि जीवनदायिनी गोमती की इस दुर्दशा का जिम्मेदार कौन है? करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाने के बाद भी नदी की सेहत में सुधार क्यों नहीं हो रहा है? नदी में प्रदूषण का स्तर क्यों बढ़ रहा है? क्या ...

मिलावटखोरों पर शिकंजा कब ?

सवाल यह है कि कड़े कानूनों के बावजूद मिलावटखोरों के हौसले बुलंद क्यों हैं? खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग क्या कर रहा है? क्या यह धंधा कर्मियों और मिलावटखोरों की मिलीभगत से चल रहा है? क्या मिला...

पिघलते ग्लेशियर विनाश की आहट...

सवाल यह है कि ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने के खतरे क्या हैं? क्या इसका नकारात्मक असर भारत समेत कई पड़ोसी देशों पर पड़ेगा? क्या भविष्य में नदियां सूख जाएंगी और लोग पानी के लिए तरस जाएंगे? क्या पिघलते ...

पानी बचायें या मिट जायें

 संजय बारू भारत के पश्चिमी तट पर अभी जहां एक ओर मॉनसून की तेज बौछारें पड़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसी रिपोर्टें भी मिल रही हैं कि देश का 40 प्रतिशत से भी ज्यादा हिस्सा सुखा की चपेट में है। देश के अलग-...

कूटनीतिक दृढ़ता पर रहें कायम...

 पवन के वर्मा भारत से पाकिस्तान को वार्ता करनी चाहिए या नहीं इसको लेकर अब तक हम पारम्परिक मत पर ही काम कर रहे हैं। जिसमें स्पष्ट है कि जब तक वह दहशतगर्दी को संरक्षण देना जारी रखता है, हमें बातचीत से ...