कोरोना फाइटर्स तैयार करने में जुटा पीजीआई मेडिकल स्टाफ को रोकथाम की दे रहा ट्रेनिंग

  • ऑनलाइन भी दिया जा रहा प्रशिक्षण, रोकथाम को चिकित्सा स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग ने कसी कमर
  • निजी और सरकारी अस्पतालों में बेड किए गए रिजर्व, क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट की भी दी जाएगी ट्रेनिंग

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ के पीजीआई में सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों के स्टाफ की ट्रेनिंग आज से शुरू हो गई है। इलाज की पुख्ता व्यवस्था को लेकर चिकित्सा शिक्षा,चिकित्सा स्वास्थ्य दोनों ही विभागों को लगाया गया है। पीजीआई के सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल का कहना है कि सरकार कोरोना से निपटने के लिए तैयार है। 51 मेडिकल कॉलेजो में 24 सरकारी व 27 निजी मेडिकल कॉलेज शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही पीजीआई कोरोना मरीजों के इलाज की ऑनलाइन ट्रेनिंग देगा, जिससे ट्रेनर्स घर बैठे अपने कार्यों को सुचारू रूप से कर सकें।
सरकार कोरोना से निपटने के लिए युद्धस्तर पर जुटी है। एक ओर वायरस का प्रसार रोकने के लिए पूरे प्रदेश को लॉकडाउन कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर इलाज की पुख्ता व्यवस्था का खाका भी खींचा गया है। इसके लिए चिकित्सा स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा दोनों विभागों को लगा दिया गया है। सरकारी से लेकर प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में बेड आरक्षित किए जा रहे हैं। वहीं कोरोना फाइटर्स तैयार करने की जिम्मेदारी एसजीपीजीआई को सौंपी गई है। एसजीपीजीआई में राज्य के 51 मेडिकल कॉलेजों के स्टाफ को कोरोना ट्रीटमेंट ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने बताया कि 24 सरकारी व 27 निजी मेडिकल कॉलेजों के स्टाफ को प्रशिक्षण दिलाने का फैसला किया है। ट्रेनिंग में बारी-बारी से मेडिकल कॉलेज पीजीआई से जुड़ेंगे। ऑनलाइन वीडियो ट्रेनिंग में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ शामिल होंगे। विशेषज्ञ इनको कोरोना मरीज को अस्पताल आने पर रिसीव करने, आईसोलेशन, व वार्ड मैनेजमेंट में दक्ष करेंगे।

केजीएमयू में वायरस टेस्टिंग ट्रेनिंग

राजधानी में अभी केजीएमयू में कोरोना की जांच हो रही है। अब पीजीआई कमांड हॉस्पिटल में भी जांच होगी। इसके अलावा गोरखपुर, प्रयागराज, झांसी मेडिकल कॉलेज के लैब के स्टाफ को कोरोना वायरस की टेस्टिंग का प्रशिक्षण केजीएमयू में दिया जाएगा।

लखनऊ में 1500 बेड रिजर्व

लखनऊ। कोरोना से निपटने के लिए सरकार की युद्ध स्तर पर तैयारी जारी है। अस्पतालों में ओपीडी बंद रहेंगी। वहीं गंभीर मरीजों का इमरजेंसी में इलाज किया जा रहा है। अस्पतालों में खाली हो रहे बेडों को क्वारंटाइन वार्ड में तब्दील किया जा रहा है। संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए आईसोलेशन वार्ड, 14 दिनों तक निगरानी के लिए क्वारंटाइन वार्ड बनाए गए हैं। गत सप्ताह शहर के अस्पतालों में 640 क्वारंटाइन के बेड थे। वहीं 77 आइसोलेशन के बेड रहे। अब केजीएमयू में 225, लोहिया हॉस्पिटल ब्लॉक में 300, सिविल अस्पताल में 70, बलरामपुर अस्पताल में 250, ठाकुरगंज संयुुक्त अस्पताल में 15 बेड बढ़ा दिए गए हैं। वहीं अन्य अस्पतालों में भी बेड आरक्षित किए जाएंगे।

https://www.youtube.com/watch?v=8oSIkqvlKAA

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