कोरोना के तीसरे चरण का खतरा और सतर्कता

सवाल यह है कि क्या सरकार कोरोना वायरस को तीसरे फेज में जाने से रोकने में सफल हो जाएगी? क्या वायरस को केवल सरकार के भरोसे रोका जा सकता है? क्या कोरोना से जंग में अभी और सतर्कता की जरूरत है? क्या हमारी स्वास्थ्य सेवाएं तीसरे चरण की जंग लडऩे के लिए तैयार हैं?

Sanjay Sharma

चीन से फैले घातक कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा दिया है। यह वायरस भारत में भी लोगों को संक्रमित कर रहा है। इसकी चपेट में आकर अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। 173 संक्रमित हुए है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उठाए गए कदमों के कारण स्थितियां अभी नियंत्रण में हैं। बावजूद इसके वायरस के तीसरे चरण में प्रवेश का खतरा अभी टला नहीं है। हालांकि हालिया रिपोर्ट से साफ है कि फिलहाल देश में कम्युनिटी संक्रमण का खतरा नहीं दिख रहा है। सवाल यह है कि क्या सरकार कोरोना वायरस को तीसरे फेज में जाने से रोकने में सफल हो जाएगी? क्या वायरस को केवल सरकार के भरोसे रोका जा सकता है? क्या कोरोना से जंग में अभी और सतर्कता की जरूरत है? क्या हमारी स्वास्थ्य सेवाएं तीसरे चरण की जंग लडऩे के लिए तैयार हैं? क्या बिना नागरिकों के सहयोग के हालात को काबू में किया जा सकता है? क्या भारत इस जंग को जीतने की ओर बढ़ रहा है?
कोरोना वायरस से लडऩे के लिए सरकार कई स्तरों पर उपाय कर रही है। वह विदेशी सैलानियों को आईसोलेशन में रख रही है। संक्रमित लोगों की तत्काल जांच और इलाज की व्यवस्था की गई है। लोगों की निगरानी के लिए टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। इसके अलावा वायरस के कम्युनिटी स्तर पर फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी बनाने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। मसलन, स्कूल-कॉलेज, मॉल्स, स्वीमिंग पुल आदि को बंद कर दिया गया है। खेल प्रतियोगिताएं स्थगित कर दी गई हैं। यही वजह है कि अभी तक भारत में कोरोना का संकट बढ़ा नहीं है। चीन, इटली और ईरान की तुलना में यहां मरीजों के संक्रमित होने का प्रतिशत बेहद कम है। इसे अभी तक दूसरे चरण में रोक रखा गया है। यदि वायरस तीसरे चरण में पहुंच गया तो हालात को संभालना बेहद मुश्किल हो जाएगा। चिकित्सकों की कमी के कारण यह मुश्किल और बढ़ जाएगी। राहत की बात यह है कि अभी ऐसा खतरा नहीं दिख रहा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च का कहना है कि भारत में कोरोना वायरस कम्युनिटी में नहीं फैल रहा है यानी अगर किसी एक व्यक्ति में पॉजिटिव लक्षण पाए गए, तो उसकी वजह से पूरे इलाके में इसका असर नहीं फैला है। रिपोर्ट के मुताबिक संक्रमित लोगों के आंकड़े देखे जाएं तो उन सभी की ट्रैवल हिस्ट्री विदेश की है। इसका सीधा मतलब यह है कि अभी यह देश में तेजी से नहीं फैल रहा है। बावजूद इसके सरकार और जनता दोनों को सतर्कता बनाए रखनी होगी ताकि इसको लोकल ट्रांसमिशन से रोका जा सके। इसके लिए सभी को सरकार की गाइड लाइन का पालन सुनिश्चित करना होगा।

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