कोरोना का संकट और कालाबाजारी का खेल

सवाल यह है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी थम क्यों नहीं रही है? आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की व्यवस्था होने के बाद भी कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद क्यों हैं? नकली सेनेटाइजर और मास्क बाजार में खुलेआम क्यों बिक रहे हैं? खाद्य एवं औषधि प्रशासन व पुलिस तंत्र आखिर क्या कर रहे हैं?

Sanjay sharma
चीन से निकलकर कोरोना वायरस अब पूरी दुनिया में फैल गया है। भारत भी इसकी चपेट में आ चुका है। अभी तक कुल 117 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं जबकि दो लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार इससे निपटने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। वहीं प्रभावित राज्यों में मास्क, ग्लब्स, सेनेटाइजर आदि की कालाबाजारी हो रही है। नकली सेनेटाइजर बनाकर बाजार में खपाया जा रहा है। सवाल यह है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी थम क्यों नहीं रही है? आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की व्यवस्था होने के बाद भी कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद क्यों हैं? नकली सेनेटाइजर और मास्क बाजार में खुलेआम क्यों बिक रहे है? खाद्य एवं औषधि प्रशासन व पुलिस तंत्र आखिर क्या कर रहे हैं? क्या लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने की छूट दी जा सकती है? क्या नकली सेनेटाइजर वायरस को नियंत्रित करने की सरकार की तमाम कोशिशों पर पानी नहीं फेर रहे हैं? क्या इन सबके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है?
घातक कोरोना वायरस से देश के करीब 15 राज्य प्रभावित हैं। सबसे अधिक रोगियों की संख्या महाराष्टï्र में मिली है। उत्तर प्रदेश में रोगियों की संख्या 13 पहुंच चुकी है। अन्य राज्यों में कोरोना की दहशत है। लोग चिकित्सकों के निर्देशानुसार मास्क, ग्लब्स, सेनेटाइजर का प्रयोग बचाव के लिए कर रहे हैं। अचानक इस वस्तुओं की मांग बढऩे से बाजार में इनकी कालाबाजारी बढ़ गई है। दुकानों पर इनको निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक में बेचा जा रहा है। जमाखोरी करके बाजार में इन वस्तुओं का अभाव पैदा कर दिया गया है। लिहाजा लोग कई गुना दाम पर सेनेटाइजर और मास्क खरीदने को मजबूर हैं। यही नहीं सेनेटाइजर की मांग बढऩे पर मुनाफा कमाने के चक्कर में नकली सेनेटाइजर बाजार में खपाया जा रहा है। ये सेनेटाइजर किसी काम के नहीं है और इसके उपयोग से कोरोना वायरस को रोकने में कोई मदद नहीं मिलेगी। दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में नकली सेनेटाइजर और दोयम दर्जे के मास्क बनाने वाले कई लोगों को गिरफ्तार किया गया लेकिन केवल कुछ लोगों की गिरफ्तारी से नकली सेनेटाइजर को बाजार में बिकने से शायद ही रोका जा सकेगा। जाहिर है सरकार के सामने न केवल कोरोना वायरस से निपटने के लिए बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने बल्कि नकली उत्पादों को रोकने की चुनौती है। सरकार ने ऐसे नकली उत्पादों और कालाबाजारी को शीघ्र नहीं रोका तो स्थितियां बिगड़ जाएंगी और चारों ओर अफरातफरी का माहौल बन जाएगा।

https://www.youtube.com/watch?v=_GjbGop5yMA

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