स्मार्ट सिटी का काम शुरू न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं से वसूलेंगे अर्थदंड: तिवारी

  • मुख्यसचिव ने बरेली और मुरादाबाद में स्मार्ट सिटी के काम न होने पर मांगा स्पष्टीकरण

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने बरेली और मुरादाबाद में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत काम न होने पर मंडलायुक्तों से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी का काम न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं से अर्थदंड वसूलने का भी निर्देश दिया है।
मुख्य सचिव प्रोजेक्ट मानीटरिंग ग्रुप की बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत योजना, नमामि गंगे और मेट्रो परियोजना की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल पर मैनपावर और मशीनरी की स्थिति फोटो प्राप्त कर प्रतिदिन समीक्षा की जाए। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन भारत सरकार से समन्वय कर नमामि गंगे परियोजना के तहत फर्रुखाबाद, गाजीपुर व मिर्जापुर के ड्रेनेज डायवर्जन व सीवरेज ट्रीटमेंट और आगरा सीवरेज स्कीम के तहत नवीनीकरण व सुधारीकरण के संशोधित डीपीआर पर शीघ्र अनुमोदन लिया जाए। वृंदावन एसटीपी, एसपीएस के नवीनीकरण व सुधारीकरण, वाराणसी में गंगा एक्शन प्लान फेज-2, मुरादाबाद में रामगंगा नदी के प्रदूषण की रोकथाम, वाराणसी में 50 एमएलडी क्षमता की एसटीपी रमाना का काम 31 मार्च तक पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा के लिए होने वाली वीडियो कांफ्रेंसिंग में स्मार्ट सिटी परियोजना को भी शामिल किया जाए। मुख्य सचिव ने कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कामों पर संतोष व्यक्त किया। वहीं अधिकारियों ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना में 45 में 15 का कार्य पूर्ण हो चुका है, 19 प्रगति पर है।

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