गरीबों के लिए फिर खुले लोहिया संस्थान के दरवाजे, मुफ्त होगा इलाज

असाध्य रोगों से पीडि़त गरीबों का करीब एक महीने से ठप था इलाज
बजट जारी नहीं होने के कारण संस्थान ने रोक दी थी निशुल्क चिकित्सा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एक बार फिर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के दरवाजे गरीबों के लिए खोल दिए गए हैं। करीब एक महीने से ठप पड़ा गरीबों का इलाज शुरू हो गया है। इससे असाध्य रोगों की चपेट में आए गरीब रोगियों को भी राहत मिलेगी। बजट की कमी के कारण संस्थान ने गरीबों का निशुल्क इलाज करना बंद कर दिया था।
लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का असाध्य रोग का बजट काफी दिनों से फंसा था। तीन माह से धन मांगा जा रहा था, मगर नहीं मिल रहा था। वहीं इस दौरान संस्थान ने ढाई करोड़ खुद के खाते से खर्च कर दिए, मगर नए-पुराने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर इलाज रोक दिया गया। करीब एक महीने से नए-पुराने मरीजों का मुफ्त इलाज बंद था। इस मामले की जानकारी जैसे ही सीएम योगी को हुई उन्होंने तुरंत इलाज शुरू करने के निर्देश जारी किए। इसके बाद संस्थान के निदेशक डॉ. एके त्रिपाठी ने गरीब मरीजों के इलाज का निर्देश जारी कर दिया। गौरतलब है कि लोहिया संस्थान को 2018-19 में असाध्य रोग मद में नौ करोड़ मिले थे, वहीं 2019-20 में आठ करोड़ मिले थे। संस्थान ने ढाई करोड़ अपने पास से भी खर्च किए हैं।

असाध्य रोगियों को मिलेगी राहत

असाध्य रोग योजना के तहत कैंसर, लिवर, हृदय व किडनी रोग का मुफ्त इलाज किया जाता है। सुविधा बंद होने से सैकड़ों मरीजों का इलाज रूक गया था। अब उनकी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, ऑपरेशन, डायलिसिस, दवा व जांच मुफ्त होने लगेगी।

 

किडनी ट्रांसप्लांट भी होगा मुफ्त

नए असाध्य रोगियों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया। वहीं, बजट की डंप फाइलों को तत्काल पास करने के निर्देश दिए गए। योजना के दायरे में आए रोगियों का किडनी ट्रांसप्लांट भी मुफ्त होगा।

https://www.youtube.com/watch?v=JxHoGbFLcTk

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