राज्यपाल के भाषण में नहीं दिखा प्रदेश के विकास का रोडमैप: अखिलेश यादव

  • तीन साल में एक भी योजना नहीं लागू कर सकी भाजपा सरकार
  • बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही प्रदेश की जनता

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल ने जो अभिभाषण दिया है वह पूर्णतया दिशाहीन और सत्य से परे है। भाषण में प्रदेश के विकास का कोई रोडमैप नहीं दिखाई देता है। विकास के नाम पर भाजपा अपनी एक भी योजना तीन साल में लागू नहीं कर सकी है। समाजवादी सरकार के कामों पर ही अपना नाम लगाना उसका एक मात्र विकास कार्य है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय-अपराध बढ़े हैं। हत्या, बलात्कार की घटनाओं की बाढ़ आ गई है। फर्जी एनकाउंटरों पर सरकार को जवाब देना पड़ रहा है। मानवाधिकार उल्लंघन पर राज्य सरकार को नोटिस मिल रही हैं। भाजपा नेताओं और अपराधियों की साठगांठ के चलते प्रदेश में भय का वातावरण है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में अपराध नियंत्रण के लिए यूपी डायल 100 सेवा की शुरूआत हुई थी। उसका नंबर बदलकर 112 करना ही भाजपा सरकार की टोटल उपलब्धि है। महिलाओं के विरूद्ध अपराधों पर नियंत्रण के लिए 1090 वूमेन पावर लाइन थी, उसे भी भाजपा सरकार ने निष्क्रिय बना दिया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की जिन उपलब्धियों का राज्यपाल ने जिक्र किया है, वे सिर्फ आंकड़ों में हैं। हकीकत में भाजपा सरकार के विरूद्ध हर तरफ आक्रोश और निराशा है। राज्य में जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में बदतर हालत है। बिजली संकट है। निवेश के नाम पर सिर्फ समझौता पत्रों पर ही हस्ताक्षर होते हैं। एक भी उद्योग भाजपा राज में नहीं लगा है। बिजली का एक यूनिट भी उत्पादन नहीं हुआ है। सडक़ें गड्ढों से भरी हैं। छात्र-छात्राओं को जूते-मोजे-स्वेटर तथा किताबें तक समय से मुहैया नहीं कराई जा सकी हैं। समाजवादी सरकार ने गरीब महिलाओं के लिए समाजवादी पेंशन योजना स्वीकृत की थी जिससे 55 लाख से ज्यादा महिलाएं लाभान्वित हुई थीं। उसकी जगह भाजपा की पेंशन सिर्फ 24 लाख 75 हजार तक ही सीमित रही। उसकी कोई भी घोषित योजनाएं अभी परवान नहीं चढ़ी हैं। बस आकर्षक शीर्षक वाली योजनाओं का ब्यौरा देकर भाजपा सरकार ने राज्यपाल के अभिभाषण में अपनी प्रशंसा करा ली है।
उन्होंने कहा कि अच्छा होता राज्यपाल प्रदेश में सीएए के विरोध में उतरी महिलाओं पर भाजपा सरकार द्वारा बर्बर उत्पीडऩ का भी जिक्र कर लेती और बच्चियों के साथ बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं पर अपना रोष भी व्यक्त कर देती। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी अभिभाषण में किसानों, नौजवानों के लिए किए गए तमाम दावों में तनिक भी दम है तो किसान बदहाली में आत्महत्या क्यों करते? नौजवान बेरोजगारी की मुसीबत में क्यों होते? पिछड़ों, दलितों के साथ हमदर्दी होती तो आरक्षण खत्म करने की साजिश क्यों हो रही है? सीएए, एनपीआर और एनआरसी के बहाने समाज में नफरत फैलाने की कुचेष्टा क्यों हो रही है? क्या सबका विश्वास ऐसे ही हासिल होगा?
उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने जिला मुख्यालयों को जोडऩे के लिए चार लेन सडक़ों का निर्माण शुरू किया था। भाजपा सरकार बताएं कि कितने जनपदों को उसने जोड़ा है? समाजवादी सरकार की ही देन है पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जिसका श्रेय लेने का भाजपा सरकार अनैतिक प्रयास कर रही है।

घंटाघर पर प्रदर्शन जारी

लखनऊ। सीएए और एनआरसी के विरोध में घंटाघर और उजरियांव में महिलाओं का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी महिलाएं कानून को वापस लेने की मांग पर अड़ी हैं। इस आंदोलन को कई संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है।

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