विधान सभा में विपक्ष का हंगामा, सपा का वॉक आउट

  • हंगामे के चलते कुछ देर के लिए कार्यवाही को किया गया स्थगित
  • वेल में आकर विपक्षी विधायकों ने की नारेबाजी महिला सुरक्षा पर चर्चा न कराए जाने से नाराज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन भी विधान सभा में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित जैसे ही सदन में पहुंचे सपा और कांग्रेस के सदस्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर चर्चा कराने की मांग करने लगे। उनकी मांग नकारते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नोत्तर काल का समय बाधित करना वरिष्ठ सदस्यों को शोभा नहीं देता है। विधानसभा अध्यक्ष के आगृह को अस्वीकार करते हुए सदस्य वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई तो कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लखनऊ कचहरी में देशी बम से वकील पर हमले पर चर्चा की मांग करने लगीं। उनके समर्थन में कई और सदस्य खड़े हो गए और चर्चा की मांग करने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने इन मांगों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि प्रश्नोत्तर काल का समय बाधित करना वरिष्ठ सदस्यों को शोभा नहीं देता है। नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा कि पूरे प्रदेश में सरकार महिलाओं को प्रताडि़त कर रही है। इसलिए इस मामले पर चर्चा होनी चाहिए, जिसे भी विधान सभा अध्यक्ष ने सुनने से मना कर दिया। इस पर राम गोविंद चौधरी ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार की हमारी बात नहीं सुनी जा रही है, इसलिए इसके विरोध में समाजवादी पार्टी सदन का बहिष्कार कर रही है। इसके साथ ही सपा के सदस्यों ने सदन से वॉक आउट कर दिया। वहीं बसपा और कांग्रेस के सदस्यं भी वेल प्रदर्शन करते रहे।

टेलीकॉम कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा

  • कहा सरकार को नहीं दिया एक भी पैसा
  • अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की दी चेतावनी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने टेलिकॉम कंपनियों को आज जोरदार फटकार लगाई है। कोर्ट ने कंपनियों से कहा कि उन्होंने सरकार को एक पैसा नहीं दिया है। सुप्रीम कोर्ट को आज एजीआर से जुड़े बकाया को लेकर टेलीकॉम ऑपरेटर्स की याचिका पर सुनवाई करनी थी, लेकिन कोर्ट ने याचिका को रद्द कर दिया।
इस दौरान जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने टेलीकॉम कंपनियों को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि एजीआर के बकाया का भुगतान नहीं करने और सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश को नहीं मानने पर क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए। टेलीकॉम कंपनियों ने एजीआर के बकाया भुगताने के लिए और समय मांगने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों वाली बेंच ने कहा कि ऑपरेटर्स को 17 मार्च तक बकाया का भुगतान जरूर कर देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट को भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और टाटा टेलीसर्विसेज सहित टेलीकॉम कंपनियों की ताजा याचिका पर सुनवाई करनी थी। इन कंपनियों ने दूरसंचार विभाग में बकाया 1.47 लाख करोड़ रुपये के एजीआर से जुड़े भुगतान के लिए नई तारीख की मांग की थी।

डॉ. कफील पर लगा एनएसए मुश्किल हुई जेल से रिहाई

  • विवादित बयान देने के मामले में हुई थी गिरफ्तारी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में विवादित बयान देने के मामले में डॉ. कफील खान के खिलाफ अब एनएसए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही अब उनकी जेल से रिहाई मुश्किल हो गई है। वह फिलहाल मथुरा जेल में हैं।
10 फरवरी के बाद डॉ. कफील की रिहाई की तैयारी चल रही थी लेकिन अब रिहाई मुश्किल हो गई है। डॉ. कफील के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिविल लाइंस थाने में एनएसए के तहत मुकदमा लिखा गया है। गौरतलब है कि दिसंबर महीने में सीएए को लेकर योगेंद्र यादव के साथ डॉ. कफील ने एएमयू में विवादित बयान दिया था। इस पर कफील के खिलाफ सिविल लाइंस केस दर्ज किया गया था। उनके खिलाफ दर्ज शिकायत में कहा गया था कि छात्रों को संबोधित करने के दौरान खान ने बिना नाम लिए कहा कि मोटाभाई सबको हिंदू या मुस्लिम बनना सिखा रहे हैं लेकिन इंसान बनना नहीं। मुझे संविधान में भरोसा नहीं है। हमें लडऩा होगा।

नहीं छूट रहा कुर्सी का मोह, एलडीए की कई योजनाओं में सेवानिवृत्त कर्मियों का दखल

  • भ्रष्टाचार के कई मामले उजागर होने के बावजूद नहीं सुधारी जा रही एलडीए की छवि

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एलडीए के भ्रष्ट बाबुओं की कार्यप्रणाली के चलते भले ही शासन स्तर पर प्राधिकरण की छवि धूमिल हो रही हो लेकिन अभी भी अफसर इस छवि को सुधारने की कोशिश नहीं कर रहे हैं जबकि प्राधिकरण में भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामले प्रकाश में आ चुके हंै। पिछले साल दो बाबू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार भी हो चुके हैं। यही नहीं कई योजनाओं में सेवानिवृत्त कर्मचारियों का दखल ह्यह्यअभी भी जारी है।
ताजा मामला लखनऊ विकास प्राधिकरण की तमाम योजनाओं से जुड़ा है। जहां सेवानिवृत्त होने के बावजूद बाबुओं में मलाईदार कामों का मोह नहीं छूट रहा है। गोमती नगर विस्तार सेक्टर-चार, सरयू, ट्रांसपोर्ट नगर, बल्क सेल समेत कई योजनाओं में सेवानिवृत्त कर्मचारियों का हस्तक्षेप देखने को मिल रहा है। भले एलडीए के कर्मचारी समय पर कार्यालय न पहुंचे लेकिन सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारी समय से पूर्व ही कार्यलय में बैठे मिल जाते हैं। पिछले कई दिनों से ऐसे बाबुओं की चर्चा प्राधिकरण में खूब हो रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर कोई आवंटी ठगी का शिकार हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।

किसी भी सेवानिेेवृत्त कर्मचारी को एलडीए की योजनाओं में कार्य करने या हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं है। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जायेगा।
शिवाकांत द्विवेदी, उपाध्यक्ष, एलडीए

शरजील को रिमांड पर लेगी अलीगढ़ पुलिस दाखिल किया बी वारंट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में असम को देश से अलग करने का बयान देने के आरोपी शरजील इमाम को अलीगढ़ पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी में है। जल्द ही शरजील को अलीगढ़ लाने के लिए अलीगढ़ पुलिस ने तिहाड़ जेल में बी वारंट दाखिल किया है। इस मामले में 18 फरवरी को कोर्ट में सुनवाई होगी।
एएमयू में सीएए के खिलाफ धरना-प्रदर्शन के दौरान शरजील इमाम ने विवादित बयान दिया था। उसके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद कई जगह उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। दिल्ली पुलिस ने उसे उसके पैतृक गांव जहानाबाद, बिहार से गिरफ्तार किया था।

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