हाल-ए-डिफेंस एक्सपो, होर्डिंग्स से राजनाथ, कार्यक्रम से डिप्टी सीएम और एमओयू से उद्योग विभाग के अफसर गायब

  • भव्य आयोजन में डिप्टी सीएम केशव मौर्या की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय, बड़ा सवाल क्या अभी भी नाराज हैं केशव
  • एमओयू के किसी भी बड़े कार्यक्रम में नजर नहीं आए आईडीसी और प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास
  • ग्राउंड बे्रकिंग सेरेमनी की तरह होर्डिंग्स से राजनाथ सिंह की गायब तस्वीर बनी चर्चा का विषय

संजय शर्मा
लखनऊ। यूपी का डिफेंस एक्सपो यूपी में निवेश को लेकर भले ही उत्साहजनक परिणाम लेकर आया हो मगर राजनैतिक और नौकरशाही के गलियारों में इस एक्सपो को लेकर चर्चाएं कुछ ज्यादा ही हो रही हैेें। रक्षा मंत्रालय के इस कार्यक्रम में सडक़ों में लगी अधिकांश होर्डिंग्स में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की तस्वीर गायब रहना, सभी प्रमुख कार्यक्रमों में डिप्टी सीएम की अनुपस्थिति और सभी एमओयू में उद्योग विभाग के बड़े अफसरों के गायब रहने से अटकलों का बाजार गर्म रहा। राजनैतिक टीकाकारों का कहना है कि यह एक्सपो भी भाजपा की अंदरूनी जंग से बच नहीं पाया। विपक्ष ने इसको लेकर सरकार पर तंज भी कसे।
डिफेंस एक्सपो रक्षा मंत्रालय का कार्यक्रम था। होना यह चाहिए था कि सभी होर्डिंग्स और बैनर में अनिवार्य रूप से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की फोटो होनी ही चाहिए थी मगर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तरह इस बार भी आधी से ज्यादा होर्डिंग्स पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की फोटो गायब थी। रक्षा मंत्रालय ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दिन-रात एक कर दिया था। रक्षा मंत्रालय के कार्यक्रम में सडक़ों पर लगी होर्डिंग्स में राजनाथ सिंह की गैरमौजूदगी लखनऊ के लोगों को अखरी क्योंकि राजनाथ सिंह लखनऊ के सांसद भी हैं।
इसी तरह डिप्टी सीएम केशव मौर्या भी डिफेंस एक्सपो में सिर्फ उसी दिन नजर आए जिस दिन प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन करने आए थे। उन्होंने दूसरे डिप्टी सीएम के ट्वीट को तो रिट्वीट किया मगर चार दिनों में जब देशभर में कई बार डिफेंस एक्सपो ट्विटर पर टें्रड कर रहा था उस दौरान केशव मौर्या का एक भी ट्वीट डिफेंस एक्सपो को लेकर नहीं हुआ। हजारों करोड़ के एमओयू साइन हो रहे थे मगर केशव मौर्या एमओयू के साइन होने और रक्षामंत्री तथा सीएम के साथ विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधियों के फोटो सेशन में कहीं नहीं दिखे। सूत्रों का कहना है कि अपनी उपेक्षा से खिन्न केशव मौर्या इस एक्सपो से दूर रहे। दूसरे डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा रक्षा मंत्रालय के रात्रिभोज और पीएम के साथ तो कार्यक्रम में शामिल हुए मगर उन्होंने भी सिर्फ दो ही ट्वीट किए। यही नहीं डिफेंस एक्सपो के सारे फोटो में सतीश महाना के अलावा कोई मंत्री नजर नहीं आया। यही नहीं उद्योग विभाग के बड़े अफसर भी इस एक्सपो में स्टेज पर कहीं नजर नहीं आए। सारे उद्योगपतियों के साथ उद्योग विभाग को ही सैद्धांतिक मंजूरी देनी होती है मगर औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन और प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार को मंच पर लोग तलाशते रहे मगर दोनों अधिकारी किसी फोटो सेशन में नजर नहीं आए। व्यक्तिगत बातचीत में नौकरशाहों का कहना था कि ये गजब के हालात हैं जब जिस विभाग को सारे आयोजन की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए वही विभाग गायब नजर आ रहा है।

कार्यक्रम में छाया रहा अवनीश अवस्थी का जादू

डिफेंस एक्सपो के भव्य कार्यक्रम में अवनीश अवस्थी ने अपनी योग्यता साबित कर दी। पूरे कार्यक्रम में उद्योग विभाग भले ही गायब रहा हो मगर अवनीश अवस्थी हर मौके पर नजर आए। प्रमुख सचिव गृह, सूचना के साथ-साथ यूपीडा की कमान संभाल रहे अवनीश अवस्थी ने विदेशी निवेशकों से बेहतर संवाद स्थापित किया। किसी भी विभाग का मामला हो वे हर जगह तालमेल बिठाते नजर आए। एक्सप्रेस वे की बारीकियों और डिफेंस कारिडोर के लिए उन्होंने प्रमुख विदेशी कंपनियों को विस्तार से जानकारी दी।

इस कार्यक्रम में लखनऊ के सांसद और रक्षामंत्री की फोटो होर्डिंग्स से गायब होना हकीकत में लखनऊ के लोगों का अपमान है। बड़ा सवाल ये है कि देश का असली रक्षामंत्री है कौन?
वैभव माहेश्वरी, प्रवक्ता, आप

इस एक्सपो ने भाजपा की नाकामी को साबित कर दिया। जितने हथियारों का प्रदर्शन हुआ वे सभी कांग्रेस के समय के हैं। रक्षा मंत्रालय के कार्यक्रम में यूपी सरकार ने अपनी ब्रांडिंग में रक्षामंत्री और लखनऊ के सांसद की उपेक्षा करके साबित कर दिया कि भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।
दीपक सिंह, एमएलसी, कांग्रेस

डिफेंस एक्सपो में लखनऊ के सांसद और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह एक बार फिर सरकारी प्रचार-प्रसार में गायब नजर आए। यूपी सरकार रक्षामंत्री को अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ती।
आईपी सिंह, प्रवक्ता, सपा

ये कार्यक्रम केंद्र सरकार और राज्य सरकार का था। रक्षा मंत्रालय के मानकों के हिसाब से ही कार्यक्रम की तैयारी की गई थी। ये लखनऊ और यूपी का सौभाग्य है कि इतना भव्य और सफल आयोजन यहां संपन्न हुआ।
डॉ. चंद्रमोहन, प्रवक्ता, भाजपा

एससी-एसटी एक्ट: सरकार के फैसले पर ’सुप्रीम‘ मुहर, जारी रहेगी तुरंत गिरफ्तारी

  • शीर्ष अदालत ने 2-1 से सुनाया फैसला, नहीं मिलेगी अग्रिम जमानत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। एससी/ एसटी (अत्याचार निवारण) संशोधन कानून, 2018 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के फैसले पर मुहर लगा दी है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान जारी रहेगा और इस कानून के तहत किसी शख्स को अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी।
जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस रवींद्र भट्ट की पीठ ने 2-1 से फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार द्वारा उसके पहले के फैसले में किए गए संशोधन को बरकरार रखा है। केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत के पहले के फैसले को बदलते हुए एससी/एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी और अग्रिम जमानत नहीं देने का प्रावधान जारी रखा था। दरअसल, 20 मार्च 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के गिरफ्तारी के प्रावधान को हल्का कर दिया था और अग्रिम जमानत का प्रावधान कर दिया था। इस फैसले के बाद केंद्र सरकार ने संसद के जरिये कानून में बदलाव किया और पहले के कानूनी प्रावधान को बहाल कर दिया। इस कानूनी बदलाव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी जिस पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।

शाहीन बाग प्रदर्शन पर सख्त रुख

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग मामले की सुनवाई को 17 फरवरी तक के लिए टाल दिया है। सीएए के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन वाली याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कोई अंतरिम आदेश तो नहीं दिया लेकिन टिप्पणी की कि किसी सार्वजनिक जगह को प्रदर्शन के लिए जाम नहीं किया जा सकता है।

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