कोरोना वायरस, वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत

सवाल यह है कि कोरोना वायरस के संभावित फैलाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा? क्या यह वायरस भारत समेत अन्य देशों को प्रभावित करेगा? क्या कोरोना को नियंत्रित करना मुश्किल है? क्या निगरानी भर से इसके संक्रमण को रोका जा सकेगा? क्या देश को इसके संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार रहने की जरूरत नहीं है?

Sanjay sharma

चीन में फैले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में हडक़ंप मचा दिया है। राजस्थान और बिहार में इसके संदिग्ध मरीजों को आईसोलेशन वार्ड में रखा गया है। हालांकि अभी इनके कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टिï नहीं हुई है। नेपाल में कोरोना की पुष्टिï के बाद भारत की चिंताएं बढ़ गई हैं। वायरस के कई देशों में फैलने व इसके महामारी बनने का खतरा है। सवाल यह है कि कोरोना वायरस के संभावित फैलाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा? क्या यह वायरस भारत समेत अन्य देशों को प्रभावित करेगा? क्या कोरोना को नियंत्रित करना मुश्किल है? क्या निगरानी भर से इसके संक्रमण को रोका जा सकेगा? क्या देश को इसके संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार रहने की जरूरत नहीं है? क्या यहां की सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी परिस्थिति से निपटने में सक्षम हैं? क्या यह भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?
चीन में कोरोना वायरस से अभी तक अस्सी लोगों की मौत हो चुकी है जबकि तीन हजार से अधिक इसकी चपेट में आ चुके है। चीन की सरकार अभी तक वायरस के मुख्य कारण का पता नहीं लगा सकी है। यह रोग जिस तेजी से फैल रहा है उससे पूरी दुनिया चिंतित है। भारत ने चीन से आने वाले लोगों का एयरपोर्ट पर परीक्षण करना शुरू कर दिया है। हालांकि इस वायरस से निपटने के लिए भारत के पास फिलहाल कोई ठोस रणनीति नहीं है। यहां के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में केवल निगरानी पर्याप्त नहीं होगी। सरकार को संभावित खतरे से निपटने के लिए अपनी चिकित्सा व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त करना होगा। इसमें दो राय नहीं है कि इस वायरस से भारत के पर्यटन उद्योग पर असर पड़ेगा। भारत में इस मौसम में पर्यटकों की खासी आमद होती है लेकिन कैरोना के कारण वे अपनी यात्राएं रद्द कर रहे हैं या तिथि को आगे बढ़ा रहे हैं। नेपाल-भारत के बीच खुला व्यापार होता है। अब जब नेपाल में कोरोना के रोगी की पुष्टिï हो चुकी है, दोनों देशों पर इसका असर पड़ेगा। चीन में यह समय पर्यटन के लिए मुफीद होता है लेकिन कोरोना के कारण यहां पर्यटकों की आमद बहुत कम हो गई है। इसके अलावा चिकित्सा पर होने वाले खर्च से चीन सरकार के खजाने पर अधिक बोझ पड़ेगा। जाहिर है, चीन के साथ विश्व के तमाम देशों को इस वायरस से निपटने की तैयारी करनी होगी अन्यथा स्थितियां बिगड़ सकती हैं।

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