सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से रिकवरी की प्रक्रिया जल्द करें पूरी: योगी

  • कहा, देश विरोधी नारा लगाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर होने वाले विरोध के दौरान सरकारी सम्पत्ति का नुकसान करने वालों पर सरकार सख्त ऐक्शन लेने का मन बना चुकी है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद प्रदर्शन के दौरान जिन प्रदर्शनकारियों को सरकारी सम्पत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए नोटिस भेजा गया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने डीएम और एसएसपी/एसपी को निर्देश देकर रिकवरी की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही देश विरोधी नारे लगाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा है कि हिंसक प्रदर्शन कर सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों पर अगर कोई अधिकारी रियायत दिखाता है, तो उसके खिलाफ भी ऐक्शन होगा। यूपी के जिन जिलों में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी और सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था। उसमें ज्यादातर जिलों में नोटिस भेजने के बाद जुर्माना वसूलने की कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है। इसकी वजह से मुख्यमंत्री नाराज हैं। यही वजह है कि सीएम ने जुर्माना वसूलने की कार्रवाई में अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
बता दें, सरकारी सम्पत्ति को हुए नुकसान के मामले में दो जिलों में लोगों ने स्वेच्छा से नुकसान की भरपाई के लिए जिला प्रशासन को डिमांड ड्राफ्ट दिया है। इसमें बुलंदशहर में मुस्लिम समाज ने 6.27 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट दिया था। इसके अलावा मऊ में एक व्यक्ति ने स्वेच्छा से नुकसान की भरपाई के लिए 10,000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जिला प्रशासन को दिया।

लखनऊ में 150 लोगों से जुर्माना वसूली का काम पेंडिंग

सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान लखनऊ में जो सरकारी सम्पत्ति का नुकसान किया गया था। उसके लिए 150 लोगों को नोटिस भेजा गया था। लेकिन अभी तक किसी से जुर्माना नहीं वसूला जा सका है। यहां तक की किसी ने अभी तक प्रशासन को नोटिस का जवाब तक नहीं दिया है। यही हाल कमोबेश यूपी के सभी शहरों का है। यूपी में 2000 से ज्यादा लोगों को नोटिस भेजा गया है। लेकिन कहीं भी अभी तक किसी से वसूली नहीं की जा सकी है। लखनऊ में सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को तीन बार नोटिस दी जा चुकी है। अभी तक किसी ने भी नोटिस का जवाब तक नहीं भेजा है। बता दें, लखनऊ में जिला प्रशासन ने करीब 4.55 करोड़ रुपये की सम्पत्ति के नुकसान का आंकलन किया है। वहीं रामपुर जिला प्रशासन ने 14.86 लाख रुपये की सरकारी सम्पत्ति के नुकसान का आंकलन किया है।

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