फेक न्यूज पर नकेल कसने की तैयारी में केंद्र सरकार

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मीडिया खासकर सोशल मीडिया के बढ़ते दायरे के बाद आज दुनियाभर में फेक न्यूज एक बड़ी चुनौती के तौर पर सामने आ रहा है। दुनिया में कई जगह इससे निपटने की पहल भी हो चुकी है। अपने यहां भी अब केंद्र सरकार फेक न्यूज से निपटने और उस पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार गाइडलाइंस या कानून लाने पर विचार कर रही है।
फेक न्यूज पर नकेल कसने के लिए सूचना व प्रसारण मंत्रालय दुनिया के तमाम देशों में इससे जुड़े कानूनों, गाइडलाइंस व दिशा निर्देशों को खंगाल रहा है। सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए दो एंगल को ध्यान में रखकर आगे बढऩा चाहती है। पहला, फेक न्यूज को काउंटर कैसे किया जा रहा है, दूसरा इसे लेकर दुनिया भर में सजा या इसके खिलाफ कार्रवाई का क्या प्रावधान है। इसके लिए सरकार ने विभिन्न देशों में इससे जुड़े मॉडल की जानकारी जुटा रही है।

तहलका टुडे के कार्यालय में डकैती व तोडफ़ोड़

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। अब अपराधी बेखौफ होकर दिन दहाड़े बड़ी से बड़ी दुस्साहसिक घटनाओं को अंजाम देने में भी नहीं डरते हैं। ताजा मामला बाराबंकी जिले का है, जहां एक तहलका टुडे अखबार के कार्यालय में दिन दहाड़े ताला तोडक़र डकैती की घटना को अंजाम दिया गया। अपराधी अपने साथ कार्यालय में रखे जरूरी कागजात और सामान लूट कर ले गये। इस मामले में कोतवाली बाराबंकी में एफआईआर दर्ज करवाई गई है, लेकिन अभी तक पुलिस बदमाशों का कुछ सुराग नहीं लगा पाई है।
तहलका टुडे अखबार के संपादक रिजवान मुस्तफा रिजवी ने बताया कि क्षेत्रीय माफिया लाला रंजीत बहादुर श्रीवास्तव लंबे समय से उनके पीछे पड़ा हुआ है। वह क्षेत्र की कई दुकानों व स्कूलों की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश में जुटा है। इसी मकसद से अपने गुर्गों को दुकान के आस-पास जमा किए रहता है। आरोप है कि रंजीत ने सीएए और एनआरसी के मुद्दे को लेकर शहर में साम्प्रदायिक तनाव फैलाने का काम किया था। जिसकी खबर तहलका टुडे ने प्रमुखता से छापी थी। इससे नाराज होकर रंजीत ने अपने गुर्गुों को भेजकर अखबार के कार्यालय पर हमला बोल दिया। असलहे के लैस बदमाशों ने सारा सामान तोड़-फोड़ दिया और जरूरी कागजात लूट ले गये। इस मामले में कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवाई गई है।

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