स्वच्छता सर्वेक्षण को मुंह चिढ़ा रहा गंदगी का ढेर

  • सडक़ किनारे जमा कर दी गई है नाले की सिल्ट
  • आरआर विभाग से चंद कदमों पर है यह हाल

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर में एक ओर स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 चल रहा है वहीं दूसरी ओर राजधानी के विभिन्न इलाकों में गंदगी की भरमार है। ऐसे में स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर वन आना लखनऊ नगर निगम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। हैरानी की बात यह है कि आरआर विभाग के चंद कदमों की दूरी पर गंदगी का अंबार लगा है लेकिन अधिकारियों के कान में जूं नहीं रेंग रही है।
निशात गंज स्थित भीखमपुर मार्ग पिछले कुछ समय से नाले की सील्ट से अटा पड़ा है। यहां जल निकासी की व्यवस्था की चौपट है। सडक़ किनारे करीब दो सौ मीटर की दूरी तक ऊंची-ऊंची सिल्ट लगी हुई है जिससे स्थानीय लोगों को दुर्गंध और गंदगी झेलनी पड़ रही है। जिस जगह पर मलबा पड़ा हुआ है वहां से मात्र कुछ कदम की दूरी पर नगर निगम का आरआर विभाग है। यहां से पूरे शहर की सफाई व्यवस्था संचालित होती है। यहां कूड़ा उठान से लेकर सिल्ट साफ करने तक की बड़ी-बड़ी मशीनें हैं लेकिन नगर निगम के अफसरों को यह गंदगी नजर नहीं आ रही है जबकि यहां से रोजाना नगर निगम के सैकड़ों कूड़ा वाहन और खुद कई अफसर व कर्मचारी निकलते हैं।

नहीं सुधरी सडक़ की हालत

भीखमपुर रोड की मरम्मत कई बार हो चुकी है। इस पर नगर निगम की ओर से लाखों रुपए खर्च भी किये जा चुके हैं बावजूद इसके कभी सीवरेज कार्य तो कभी निजी कंपनी के ठेकेदारों द्वारा सडक़ खोद दी जाती है। लिहाजा कई सालों से इस सडक़ की जर्जर स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। इससे राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

हाईकोर्ट का आदेश भी बेअसर

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ कई बार राजधानी की साफ-सफाई को लेकर नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगा चुकी है, लेकिन इसका भी कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। पिछले दिनों लखनऊ खंडपीठ ने चेतावनी दी कि यदि सडक़ों पर कूड़ा और आवारा जानवर घूमते मिले तो इसे कोर्ट गंभीरता से लेगी।

नाले का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए यहां से अवैध कब्जे हटाए गए हैं। जल्द निर्माण शुरू कराया जाएगा। सिल्ट और मलबा उठाने का काम बकाया है। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं।
महेश चंद्र वर्मा
नगर अभियंता, जोन चार

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