राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय ने शुरू किया सीएए का कोर्स, मिलेगा सर्टिफिकेट

  • 3 महीने का है पाठ्यक्रम और 500 रुपये फीस

गीताश्री
लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर जहां दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में विरोध चल रहा है, वहीं यूपी में राजश्री टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने इस कानून को कोर्स की शक्ल दे दी है। यूनिवर्सिटी से बाकायदा इसमें डिप्लोमा की डिग्री भी दी जाएगी।
सीएए सियासी मुद्दा बन चुका है। दिल्ली से लेकर बनारस तक इसका विरोध और समर्थन हो रहा है। वाराणसी में उत्तर प्रदेश राजश्री टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने सीएए पर नया कोर्स शुरू किया है। इसके तहत इस कानून में जितनी बातें हैं, इसे विस्तार से समझाया और पढ़ाया जाएगा।
यूनिवर्सिटी के समन्वयक प्रोफेसर सीके सिंह का कहना है कि इसमें तीन महीने का कोर्स होगा। इसके बाद इसका सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पाठ्यक्रम को जनवरी से ही शुरू कर दिया गया है। इसके लिए ऑनलाइन फॉर्म भी मिल रहे हैं। इस पाठ्यक्रम में भारतीय नागरिकता कानून के प्रावधान और उसके समाधान को पढ़ाया जाएगा। उनका कहना है कि इस कोर्स की फीस मात्र 500 रूपये रखी गई है, जो फॉर्म चार्ज के रूप में लिया जाएगा। इस कोर्स को विश्वविद्यालय से जुड़े करीब 200 सेंटर में शुरू कर दिया गया है। वहीं इस कोर्स को लेकर वाराणसी के प्रमुख विश्वविद्यालय के छात्रों में काफी उत्साह नजर आ रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार इस कोर्स को शुरू करने का एकमात्र मकसद इससे जुड़ी अफवाहों को दूर करना है। इसका सर्टिफिकेट मिलेगा तो लोगों का इस पर विश्वास होगा।

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