माघ मेला: विहिप के राम मंदिर मॉडल और निर्माण की तारीख पर होगा मंथन

  • विश्व हिंदू परिषद की चाहत उसके प्रस्तावित मॉडल पर हो मंदिर का निर्माण
  • केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की होगी बैठक, सम्मेलन में संत लगा सकते हैं मुहर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मंदिर के मॉडल और निर्माण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। विहिप की मांग है कि उसके प्रस्तावित मॉडल पर ही मंदिर का निर्माण किया जाए। इसके इतर कोई दूसरा मॉडल स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके लिए विहिप ने प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक बुलाई है। इसके बाद संतों का सम्मेलन भी किया जाएगा। इसके बाद मॉडल और मंदिर निर्माण की तारीख का ऐलान हो सकता है।
विश्व हिन्दू परिषद का कहना है कि उसके प्रस्तावित राम मंदिर मॉडल की तर्ज पर ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा। इससे अलग विहिप को कोई दूसरा मॉडल कतई मंजूर नहीं होगा। अयोध्या राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद पहली बार माघ मेले में 20 और 21 जनवरी को विश्व हिंदू परिषद की ओर से बड़ा आयोजन होने जा रहा है, जिसमें इसी मॉडल की तर्ज पर मंदिर निर्माण को लेकर साधु-संत अपनी अंतिम मुहर लगायेंगे। 20 जनवरी को जहां विहिप केन्द्रीय मार्ग दर्शक मंडल की बैठक होगी वहीं 21 जनवरी को संत सम्मेलन भी आयोजित होगा। जिसमें केन्द्रीय मार्ग दर्शक मंडल में पास किए गए कई प्रस्तावों पर मुहर लगेगी। विहिप केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक और संत सम्मेलन के बाद राम मंदिर निर्माण की तारीख का भी बड़ा ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही मंदिर किस मॉडल पर बनेगा, इसको लेकर भी साधु संत कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। विहिप के प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार के मुताबिक इसी प्रस्तावित मॉडल के जरिए विहिप ने राममंदिर को लेकर पूरे देश में जनजागरण अभियान चलाया था इसलिए इसी मॉडल के आधार पर ही मंदिर का निर्माण होना चाहिए।

चलाया गया था जनजागरण

राम जन्मभूमि का आन्दोलन विहिप ने अपने हाथों में लेने के बाद 8 अक्टूबर 1984 को अयोध्या से राम मंदिर आन्दोलन की शुरुआत की थी जिसके बाद 1989 में प्रस्तावित मॉडल भी विहिप ने संतों से स्वीकृत करा लिया था और इसी मॉडल के जरिए विहिप ने राममंदिर को लेकर पूरे देश में जनजागरण अभियान भी चलाया था।

मेले में रखा गया मंदिर मॉडल

पहली बार माघ मेले में अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर का मॉडल भी यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रखा गया है। हालांकि अभी तक ये मॉडल कुंभ मेले के दौरान ही प्रयागराज में रखा जाता रहा है। विहिप के प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार ने बताया कि पहली बार प्रस्तावित राम मंदिर का मॉडल 2001 के कुंभ में श्रद्धालुओं के लिए लाया गया था। उसके बाद से 2007, 2013 और 2019 के कुंभ के दौरान भी यह मॉडल प्रयागराज में रखा गया था लेकिन राममंदिर पर फैसला आने के बाद यह पहला मौका है जबकि राम मंदिर का मॉडल माघ मेले में रखा गया है जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में राम भक्त भी यहां पहुंच रहे हैं।

https://www.youtube.com/watch?v=F-OaZOAyuyw

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