नगर निगम: डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में नहीं चलेगी लापरवाही, सेंसर करेगा निगरानी

  • कैसरबाग से जुड़े इलाकों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत योजना को किया जाएगा लागू
  • सीधे अधिकारियों तक पहुंचेगी सूचना, छह लाख घरों मेें लगाई जाएंगी कोड प्लेट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लगे कर्मचारी अब किसी भी तरह की लापरवाही नहीं कर सकेंगे। इसके लिए नगर निगम ने सभी घरों के बाहर सेंसर कोड की व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। आपके घर से कूड़ा लिया गया है या नहीं, इसकी पूरी जानकारी अब निगम अफसरों तक पहुंचेगी और क्यूआर कोड से भी इसकी निगरानी होगी।
योजना के अनुसार नगर निगम के कर्मचारी घर-घर क्यूआर कोड की प्लेट लगा देंगे। फिर डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाला कर्मचारी क्यूआर कोड को स्कैन कर रिपोर्ट देगा। इससे पता चल जाएगा कि घर से कूड़ा उठ गया है। दरअसल, पिछले कर्ई सालों से नगर की डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। इसको लेकर नगर निगम अफसरों तक लगातार यह शिकायत पहुंच रही थी कि कर्मचारी रोजाना कूड़ा लेने नहीं आते हैं। इसी क्रम में घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना को ठीक करने के लिए ही नगर निगम ने यह योजना बनाई है। विशाखापट्टनम में क्यूआर कोड से कूड़ा प्रबंधन में मिली सफलता और घर-घर से कूड़ा उठान की हकीकत का पता चलने के बाद नगर निगम सभी छह लाख घरों में क्यूआर कोड की मदद लेगा। फिलहाल स्मार्ट सिटी योजना में चयनित कैसरबाग से जुड़े इलाकों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस योजना को लागू किया जाएगा।

शुरू किया गया है प्रोजेक्ट: नगर आयुक्त

नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि शहर के हर घर के बाहर क्यूआर कोड की प्लेट लगाकर कूड़ा उठान की निगरानी होगी। फिलहाल स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल कैसरबाग क्षेत्र से जुड़े 813 एकड़ क्षेत्रफल में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत होगी। नगर निगम में दर्ज हाउस आईडी से क्यूआर कोड को जोड़ा जाएगा।

ये वार्ड शामिल

जेसी बोस वार्ड, रानीलक्ष्मी बाई, नजरबाग, यदुनाथ सान्याल, हजरतगंज रामतीर्थ और गोलागंज वार्ड को शामिल किया गया है। स्मार्ट सिटी में इन वार्डों के कुछ भाग ही जोड़े गए थे, जो कुल 813 एकड़ क्षेत्रफल में है।

कूड़ेदान में भी लगेंगे सेंसर

शहर में कूड़ा डालने के बाद ये फुल हो जाते हैं और फिर लोग सडक़ पर कूड़ा फेंकने लगते हैं जिससे गंदगी होती है लेकिन अब बड़े कूड़ादान से कूड़ा उठा या नहीं, इसकी जानकारी ऑनलाइन होगी। इसके लिए कूड़ेदान में सेंसर लगाए जाएंगे। दो टन और पौन टन कूड़ा वाले कूड़ेदान में सेंसर लगाया जाएगा और समय भी तय होगा। अगर निर्धारित समय पर कूड़ा नहीं उठा तो कंट्रोल रूम में अलार्म बजने लगेगा।

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