भाईचारा खत्म कर रही भाजपा: अखिलेश

  • शहरों के बाद अब नदियों के नाम बदलने का चल रहा खेल
  • युवा और किसान हो रहे परेशान कानून व्यवस्था ध्वस्त

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा इसकी व्यवस्था करती है कि समाज में अमनचैन न रहे। उसका रास्ता हिंसा का है। सत्य से उसे नफरत है। संविधान से खिलवाड़ करना उनका तरीका है। भाजपा भाईचारा खत्म कर रही है। भाजपा नेता शहरों के बाद अब नदियों के नाम बदलने का खेल खेल रहे हैं। इससे नौजवानों को क्या हासिल होगा? इससे न रोजगार मिलेगा और नहीं भविष्य संवरेगा। बाहर से निवेश नहीं आया है। उद्योग धंधे बंद हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों को लाभ नहीं देना चाहती है। किसान बदहाल हंै। खेत नहीं बच रहे हैं। डीजल-पेट्रोल मंहगा है। धान-गन्ना किसान परेशान हैं। एक्सप्रेस-वे पर मंडिया नहीं बनी। भाजपा सद्भाव की दुश्मन है। उन्होंने कहा कि वे एनपीआर का फार्म नहीं भरेंगे। उत्तर प्रदेश में आज मुख्यमंत्री की कोई भूमिका नहीं बची है। प्रशासन पंगु है। मंत्रियों में तालमेल नही है। जनता के काम नहीं हो रहे है। भाजपा विधायक भी असंतुष्ट हैं। सपा ने लैपटॉप बांटे, भाजपाई शौचालय बनवाने में जुटे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व दो ट्रक सुरक्षाकर्मियों के साये में चलता हैं। जनता की सुरक्षा से उनका कोई मतलब नहीं है। प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट है। महिलाएं-बच्चियां तक दुष्कर्म की शिकार हो रही हंै। लगता है घूसखोरी और रिश्वतखोरी छुपाने के इरादे से ही भाजपा सरकार ने पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की है।

गणतंत्र दिवस: नेपाल सीमा पर बढ़ी चौकसी

  • पगडंडियों पर भी होगी गश्त

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गोरखपुर। गणतंत्र दिवस को देखते हुए नेपाल से लगने वाली सीमा पर गश्त बढ़ दी गई है ताकि देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में रहने वाले तत्व दोनों देशों के बीच खुली सीमा का दुरूपयोग न कर सकें।
एडीजी दावा शेरपा ने नेपाल सीमा से लगने वाले जिलों के पुलिस कप्तानों को पत्र लिखकर सीमाई इलाके में लगातार गश्त करने और सीमा की सुरक्षा में तैनात एसएसबी से तालमेल बिठाकर निगहबानी करने का निर्देश दिया है। दोनों देशों को जोडऩे वाले पगडंडियों पर खासतौर से नजर रखने का निर्देश दिया गया है। जोन के छह जिलों कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिले की सीमा नेपाल से लगती है। दोनों देशों के बीच आवाजाही के लिए अधिकृत रास्ते निर्धारित हैं लेकिन दोनों देशों में सीमाई इलाके में रहने वाले ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दिनभर में कई बार एक देश से दूसरे देश में आवाजाही लगी रहती है। इसके लिए उन्होंने अपनी सुविधानुसार पगडंडी बना रखी है। अधिकृत रास्तों पर तो हर समय सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं, लेकिन पगडंडी पर सुरक्षा व्यवस्था करना संभव नहीं है। हालांकि एसएसबी जवान लगातार गश्त कर इन रास्तों पर नजर रखते हैं लेकिन इन रास्तों से आवाजाही नहीं रुक पाती। आपराधिक या आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले तत्व पगडंडियों का ही इस्तेमाल कर ही देश की सीमा में प्रवेश करते हैं। इसको देखते हुए एडीजी जोन ने 26 जनवरी के मद्देनजर अलर्ट जारी किया है। उन्होंने पगडंडी रास्तों के साथ ही सीमाई इलाके में संदिग्ध नजर आने वालों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया है।

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