खेती की लागत घटाने और उत्पादकता बढ़ाने में जुटी सरकार : सीएम योगी

  • कहा, डिप इरिगेशन को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही 90 प्रतिशत तक सब्सिडी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित प्रगतिशील कृषक सम्मेलन में किसानों को लेकर सरकार की तरफ से किए जा रहे कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की धरती अत्यंत उर्वरा धरती है, हमारे पास पर्याप्त जल संसाधन हैं। लेकिन 15-20 वर्षों में शासन की उपेक्षा और लापरवाही के कारण तीन साल पहले तक किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर थे। अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। हम लगातार किसानों की खेती की लागत घटाने और उत्पादकता बढ़ाने में जुटे हैं। 80-90 प्रतिशत सब्सिडी पर ड्रिप इरिगेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही अन्य तकनीकों को भी कृषि से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और सीएम योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 352 कृषि उत्पादक संगठन हैं। प्रथम चरण में हमने तय किया है कि प्रदेश के 823 विकासखण्डों में एक-एक कृषि उत्पादक संगठन अनिवार्य रूप से कार्य करना प्रारंभ करें। प्रगतिशील किसान भाई-बहनों के परिश्रम से उत्तर प्रदेश की उर्वरा धरती पर कृषि उत्पादन आत्मनिर्भरता की ओर पुन: एक बार तेजी से बढ़ रहा है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को राजनीति के एजेंडे का हिस्सा बनाया। योगी ने कहा कि पीएमएफबीवाई, प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि, किसानों की आय दोगुना करने, प्रोक्योरमेंट द्वारा किसानों को उनकी फसल का डेढ़ गुना दाम देने की योजना आदि के माध्यम से आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रत्येक क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है।

बर्खास्त डीएसपी देविंदर को चुप कराने के लिए एनआईए को सौंपी गई जांच : राहुल गांधी

  • कहा, केंद्र सरकार गंभीर मामले पर भी लीपापोती करने में जुटी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर पुलिस के एंटी-हाइजैंकिंग सेल के डीएसपी रहे देविंदर सिंह का केस राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपे जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आपत्ति जताई है। राहुल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस गंभीर मामले पर लीपापोती करने में जुटी है। उन्होंने एनआईए की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़ा किया और कहा कि इस जांच एंजेंसी के प्रमुख भी एक ‘मोदी’ ही हैं।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि आतंकवादी डीएसपी देविंदर को चुप कराने का सर्वोत्तम तरीका है केस को एनआईए के हाथों सौंप देना। वर्तमान एनआईए प्रमुख के अधीन इस केस की जांच का कुछ नतीजा नहीं आने वाला। एनआईए के प्रमुख भी दूसरे मोदी ही हैं- वाईके जिन्होंने गुजरात दंगों और हरेन पांड्या की हत्या मामले की जांच की थी। वाईके की देखरेख में यह केस खत्म होने जैसा है। राहुल ने सवाल भी किया कि आखिर टेररिस्ट देविंदर को कौन चुप कराना चाहता है और क्यों? उन्होंने हैशटैग के साथ लिखा, आतंकवादी देविंदर को कौन लोग चुप कराना चाहते हैं और क्यों? राहुल पहले भी देविंदर सिंह के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठा चुके हैं।

सेंगर मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई से मांगा जवाब

  • 25 लाख मुआवजा देने की मियाद भी 60 दिन बढ़ाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। उन्नाव गैंगरेप मामले में दोषी ठहराए गए विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने तीस हजारी कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए दोषी कुलदीप सिंह सेंगर द्वारा 25 लाख का मुआवजा देने की मियाद 60 दिन और बढ़ा दी। लेकिन इस जमा पैसे में से 10 लाख रुपए किसी भी हालत में पीडि़ता को बिना किसी शर्त के जारी हो जायेगा। इसके अलावा हाईकोर्ट ने सेंगर की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
दरअसल उन्नाव रेप मामले में दोषी ठहराए गए कुलदीप सिंह सेंगर को तीस हजारी कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सेंगर को पीडि़त परिवार को पच्चीस लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया था। कोर्ट ने विधायक को अपहरण और रेप का दोषी पाया। वहीं हाल ही में उन्नाव रेप पीडि़ता के पिता का इलाज करने वाले डॉक्टर प्रशांत उपाध्याय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बता दें, कि डॉक्टर प्रशांत उपाध्याय ही वो डॉक्टर हैं जिन्होंने उन्नाव रेप केस की पीडि़ता के पिता का इलाज किया था। इसके बाद जब मामले की सीबीआई जांच शुरू हुई तो डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया था और काफी समय बाद इनकी बहाली हुई थी। इस वक्त प्रशांत फतेहपुर में तैनात थे। लेकिन उनकी मौत की खबर ने सबको चौंका दिया है।

राष्ट्रपिता को औपचारिक सम्मान की जरूरत नहीं: सुप्रीम कोर्ट

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भारत रत्न न दिए जाने को लेकर डाली गई एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस सिलसिले में केंद्र सरकार को भी कोई दिशा निर्देश देने से मना करते हुए कहा कि वे राष्ट्रपिता हैं और उन्हें औपचारिक सम्मान की जरूरत नहीं है। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सरकार से बातचीत करने की हिदायत दी है।
जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शरद अरविंद बोबडे ने कहा कि लोग राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का बेहद सम्मान करते हैं। ऐसे में उन्हें भारत रत्न जैसे सम्मान की जरूरत नहीं है। यह भी कहा कि गांधी जी राष्ट्र के पिता हैं और उन्हें किसी औपचारिक सम्मान की जरूरत नहीं हैं। बता दें कि महात्मा गांधी को कभी भी भारत रत्न नहीं दिया गया है। साल 2012 में भी कर्नाटक हाईकोर्ट में गांधी को भारत रत्न न दिए जाने को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी।

इसरो ने जीसैट-30 उपग्रह किया लॉन्च

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और कामयाबी हासिल की है। इसरों ने एक संचार उपग्रह जीसैट-30 को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ)में सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। यह सैटेलाइट दक्षिण अमेरिका के उत्तरपूर्वी तट पर कौरो के एरियर प्रक्षेपण तट से छोड़ा गया। इसरो का यह साल 2020 का पहला मिशन था। इस सैटेलाइट से भारत में संचार क्रांति आएगी। यह इनसैट सैटेलाइट की जगह काम करेगा। इससे सरकारी और प्राइवेट कंपनियों को संचार लिंक प्रदान करने की क्षमता बढ़ेगी। इसरो ने बताया है कि जीसैट-30 उपग्रह के कम्यूनिकेशन पेलोड को अधिकतम ट्रांसपोंडर लगाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

बीएचयू वीसी के खिलाफ शहर भर में हिन्दी विरोधी बताने वाली लगीं होर्डिंग्स

  • साक्षात्कार में प्रतियोगी के अंग्रेजी न बोलने पर बाहर किए जाने का मामला, मांगा इस्तीफा

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) एक बार फिर से चर्चा में है। बीएचयू कैंपस का विवाद अब बनारस की सडक़ों पर देखा जा रहा है। यहां शहर के अलग स्थानों पर बीएचयू वीसी के खिलाफ बड़े-बड़े होर्डिंग्स व पोस्टर चस्पा किये गए हैं। जिसमें बीएचयू के कुलपति को हिन्दी विरोधी बताते हुए इस्तीफे की मांग की गई। क्योंकि बीते महीने पहले इतिहास विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार चल रहा था। आरोप है कि इस साक्षात्कार में अंग्रेजी न बोलने पर किसी प्रतियोगी को कुलपति ने बाहर कर दिया था। वहीं बीएचयू प्रशासन ने इस आरोप पर मुंह बंद किये हुए है।
बता दें कि एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों पोस्टर बीएचयू सिंह द्वार के सामने लंका चौराहे से भगवानपुर, मंडुवाडीह, सामनेघाट, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, रविंद्रपुरी आदि इलाकों में पोस्टर चस्पा किए गए हैं। इसमें कुलपति को हिन्दी विरोधी बताते हुए इस्तीफे की मांग की गई है।
शहर में लगे पोस्टर पर एक हाथ में कुलपति को इंग्लिश मीडियम के स्टूडेंट को पकड़े दिखाया गया है तो दूसरे में इंग्लिश वनली लिखा गया है। पोस्टर में कुलपति के पैर के नीचे हिंदी भाषी अभ्यर्थी का चित्र बनाया गया है। पोस्टर चस्पा कर सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय की नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई है।

लापरवाही

ग्वारी चौराहे से गोमती नगर विस्तार की ओर जाने वाले मार्ग में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है। एलडीए की तरफ से जल निकासी के प्रबंध में लापरवाही बरते जाने के कारण गोमतीनगर विस्तार की जनता को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

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