तानाजी हुई टैक्स फ्री, विपक्ष ने पूछा छपाक क्यों नहीं

  • सरकार पर फिल्म को राजनीतिक चश्मे से देखने का लगाया आरोप
  • जेएनयू में हुए प्रदर्शन में दीपिका के शामिल होने के बाद सुर्खियों में आई थीं दोनों फिल्में
  • फिल्म अभिनेता अजय देवगन ने सीएम योगी को दिया धन्यवाद, फिल्म देखने का किया आग्रह

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार ने अजय देवगन अभिनीत फिल्म तानाजी: द अनसंग वॉरियर को टैक्स फ्री कर दिया है। इस फैसले के बाद विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष ने पूछा है कि जब तानाजी को टैक्स फ्री किया जा सकता है तो एसिड पीडि़ता पर बनी फिल्म छपाक को क्यों नहीं किया गया। विपक्ष ने सरकार पर फिल्मों को राजनीतिक चश्मे से देखने का आरोप लगाया है। वहीं, तानाजी फिल्म के अभिनेता अजय देवगन ने ट्वीट कर सीएम योगी को धन्यवाद दिया है। साथ ही सीएम से फिल्म देखने का आग्रह भी किया है।
अजय देवगन की फिल्म तानाजी और दीपिका पादुकोण की छपाक एक साथ रिलीज हुई थी। ये दोनों फिल्में सोशल मीडिया पर तब सुर्खियों में आई, जब दीपिका छपाक की रिलीज से कुछ दिनों पहले जेएनयू प्रदर्शन में उपस्थिति दर्ज करवाने पहुंच गई थीं। इसके बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया। एक हिस्से को दीपिका का ये कदम पसंद नहीं आया था वहीं एक हिस्से ने उनका सपोर्ट भी किया। दीपिका की फिल्म के विरोध के तौर पर कई लोगों ने तानाजी को जबरदस्त सपोर्ट करना शुरू कर दिया था। सोशल मीडिया पर इस फिल्म के फ्री टिकट बांटने की बात भी सामने आई थी। अजय देवगन की फिल्म यूपी में टैक्स फ्री हुई है। वहीं दीपिका की फिल्म छपाक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान में टैक्स फ्री है। तानाजी: द अनसंग वॉरियर फिल्म छत्रपति शिवाजी महाराज के साहसी एवं समर्पित सेनापति सूबेदार तानाजी मालुसरे की वीरगाथा पर आधारित है। यूपी सरकार के मुताबिक तानाजी की वीरता और उनके त्यागपूर्ण जीवन से अधिक से अधिक लोग प्रेरणा ले सकें इसको ध्यान में रखते हुए इस फिल्म को प्रदेश के सिनेमाघरों में टैक्स फ्री किया गया है।

ये संवेदनहीन गूंगी बहरी सरकार है। छपाक तेजाब पीडि़तों की कहानी है। समाज की बुराई की इससे बड़ी संघर्ष की कहानी नहीं हो सकती है। ये सरकार राजनीति के चश्मे से हर चीज को देखती है।
उदयवीर सिंह, एमएलसी, सपा

यह सरकार हमेशा महिलाओं और पीडि़तों के खिलाफ रही है। लखनऊ में एसिड अटैक लड़कियां जिस शिरोज में काम करती हैं उसको बंद करवाने की पूरी कोशिश की गई। छपाक मूवी समाज में एक अहम मुद्दे पर बनाई गई है उसको भी टैक्स फ्री करना चाहिए। किसी फिल्म पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
दीपक सिंह, एमएलसी, कांग्रेस

अंग्रेजों के दबाव में जिन महान सपूतों को इतिहास में उचित जगह नहीं दी गयी, ऐसे वीर पुरुषों को हमारी सरकार तरजीह देती है। तानाजी फिल्म के डायरेक्टर ने मुख्यमंत्री जी से उसको टैक्स फ्री करने का अनुरोध किया था। छपाक के कलाकार बताएंगे कि क्या उन्होंने यूपी सरकार से मूवी को टैक्स फ्री करने का आग्रह किया था?
नवीन श्रीवास्तव, प्रवक्ता, भाजपा

बढ़ी महंगाई दर पर प्रियंका का केंद्र पर हमला सरकार ने जेब काटकर गरीब के पेट पर मारी लात

  • आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गए खाद्य पदार्थ

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। खुदरा महंगाई दर के बढ़े आंकड़ों को लेकर कांग्रेस महासचिव ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुदरा मुद्रास्फीति की दर के 7.35 फीसदी तक पहुंच जाने को लेकर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गरीब की जेब काटकर उसके पेट पर लात मारने का काम किया है।
प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, सब्जियां, खाने पीने की चीजों के दाम आम लोगों की पहुंच से बाहर हो रहे हैं। जब सब्जी, तेल, दाल और आटा महंगा हो जाएगा तो गरीब खाएगा क्या? प्रियंका ने आरोप लगाया, ऊपर से मंदी की वजह से गरीब को काम भी नहीं मिल रहा है। भाजपा सरकार ने तो जेब काटकर पेट पर लात मार दी है। गौरतलब है कि खुदरा मुद्रास्फीति की दर दिसंबर, 2019 में जोरदार तेजी के साथ 7.35 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है। यह भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से कहीं अधिक है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी की वजह से खुदरा मुद्रास्फीति में उछाल आया है। खाद्य पदार्थों की खुदरा महंगाई दर भी छह साल से ज्यादा के उच्चतम स्तर 14.12 फीसदी पर रही। मोदी सरकार के कार्यकाल में यह पहला मौका है, जब खाने-पीने की चीजों के दाम इस कदर बढ़े हैं। सब्जियों की कीमतें दिसंबर 2019 में दिसंबर 2018 से औसतन 60.5 प्रतिशत ऊपर चल रही थीं।

अब सीएए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा केरल

  • सीएम पिनराई विजयन ने दायर की याचिका

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। केरल पहला ऐसा राज्य है, जिसने इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। केरल सरकार ने सीएए के खिलाफ संविधान के आर्टिकल 131 के तहत सूट दाखिल किया है। याचिका में सीएए को भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक बताया गया है। संविधान का आर्टिकल 131 भारत सरकार और किसी भी राज्य के बीच किसी भी विवाद में सर्वोच्च न्यायालय को मूल अधिकार क्षेत्र देता है। सीएम पिनराई विजयन ने यह याचिका दायर की है।
इसके पहले केरल विधानसभा में दिसंबर में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास हुआ था। इसमें केंद्र से इस कानून को लागू नहीं करने की मांग की गई थी। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पेश किया था। भाजपा विधायक ओ. राजगोपाल को छोड़ सभी विधायकों ने इसका समर्थन किया था। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ अब तक सुप्रीम कोर्ट में 65 से अधिक याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। सीएए के खिलाफ देशभर में हो रहे प्रदर्शन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब इस मामले की सुनवाई 22 जनवरी को होगी। नागरिकता संशोधन कानून को 10 जनवरी से लागू कर दिया गया है।

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