लागू हो गया यूपी में पुलिस कमिश्नर सिस्टम

आईएएस लॉबी को झटका
लखनऊ और नोएडा में कमिश्नर सिस्टम लागू कैबिनेट ने लगाई मुहर
लखनऊ में सुजीत पांडेय तो नोएडा में आलोक सिंह बनाए गए पहले पुलिस कमिश्नर
कानून व्यवस्था से जुड़े अधिकार होंगे कमिश्नर के पास, सीएम योगी ने खुद की घोषणा
१११ 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार ने पुलिस सुधारों के मद्देनजर ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब लखनऊ और नोएडा (गौतमबुद्धनगर) में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू हो गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। खुद सीएम ने मीडिया के सामने इसकी घोषणा की। लखनऊ में सुजीत पांडेय और नोएडा में आलोक सिंह पहले पुलिस कमिश्नर बनाए गए हैं। सरकार के इस फैसले से आईएएस लॉबी को झटका लगा है क्योंकि इससे जिलाधिकारियों के अधिकारों में कटौती की गई है।
ड्राफ्ट के मुताबिक, पुलिस कमिश्नर को सिर्फ कानून व्यवस्था से जुड़े अधिकार ही मिलेंगे। पुलिस कमिश्नर के पास धारा 144, कफ्र्यू लगाना, पाबंदी की कार्रवाई, धारा 151, गैंगस्टर, जिला बदर जैसे अधिकार होंगे। अभी तक ये सभी अधिकार जिलाधिकारी के पास होते थे। कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद बार, मनोरंजन कर, होटल, सराय एक्ट से जुड़े अधिकार डीएम के पास रहेंगे। राजधानी लखनऊ में एडीजी स्तर के अधिकारी को कमिशनर बनाया जाएगा। उसके नीचे आईजी रैंक के दो अधिकारी ज्वाइंट कमिश्नर होंगे। ये एडिशनल कमिश्नर (लॉ एंड आर्डर) और एडमिन की जिम्मेदारी संभालेंगे। पूरे शहर को पांच जोन में बांटा जाएगा, जहां एसपी स्तर के आईपीएस ऑफिसर तैनात किए जाएंगे। चार एसपी रैंक के अधिकारी होंगे जो सुरक्षा, अभिसूचना, ट्रैफिक और क्राइम की जिम्मेदारी संभालेंगे। इन सभी एसीपी के साथ एक-एक एडिशनल एसपी तैनात किए जाएंगे। लखनऊ में डीसीपी के पद पर 26 सीओ तैनात किए जाएंगे। इनमें 14 सीओ सर्किल और बाकी 12 सीओ ऑफिस, ट्रैफिक, क्राइम और इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी संभालेंगे। नोएडा में डीआईजी रैंक के दो जॉइंट कमिश्नर होंगे। नोएडा को तीन जोन में बांटा जाएगा। नोएडा में एसपी स्तर के 6 अधिकारी तैनात किए जाएंगे। इनके साथ 9 एडिशनल एसपी की भी तैनाती होगी। एसीपी के पद पर 15 डिप्टी एसपी तैनात होंगे। इसमें से 10 डिप्टी एसपी सर्किल में रहेंगे और बाकी पांच ट्रैफिक, अपराध, अभिसूचना और मुख्यालय की जिम्मेदारी संभालेंगे।

पुलिस सुधार का सबसे बड़ा कदम: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 50 वर्षों में पुलिस सुधार का सबसे बड़ा कदम उठाया है। लखनऊ और नोएडा में हम पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू कर रहे हैं। समय समय पर विशेषज्ञ के सुझाव दिये गए थे लेकिन कार्रवाई न होने से न्यायपालिका सरकारों को कठघरे में खड़ा करती थी। पुलिस ऐक्ट में भी 10 लाख से ऊपर की आबादी पर कमिश्नर प्रणाली लागू करने की बात है लेकिन राजनीतिक इच्छा शक्ति न होने के चलते ऐसा न हो सका। हमारी सरकार ने इस प्रणाली को स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि लखनऊ की आबादी करीब 40 लाख है और नोएडा में 25 लाख से अधिक आबादी है। नोएडा में 25 लाख की आबादी रहती है। ऐसे में महिला सुरक्षा के लिए महिला आईपीएस की तैनाती की जा रही है। उसके साथ एक महिला एएसपी की भी तैनाती होगी।

तेरह आईपीएस के तबादले
प्रदेश सरकार ने 13 आईपीएस के तबादले किए हैं। सुजीत पांडेय को लखनऊ का पहला पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। नवीन अरोड़ा संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था, लखनऊ, नीलाब्जा चौधरी, संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय लखनऊ, संदीप सालुंके, अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं, लखनऊ, असीम कुमार अरूण, अपर पुलिस महानिदेशक यूपी 112 लखनऊ, जयनारायण सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन, प्रेम प्रकाश, अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज, एस जावीद अहमद पुलिस महानिदेशक, फायर सर्विसेज, लखनऊ, विश्वजीत महापात्रा, पुलिस महानिदेशक रूल्स एंड मैनुअल, लखनऊ, जीएल मीणा, पुलिस महानिदेशक, राज्य मानवाधिकार आयोग लखनऊ और डीएल रत्नम को पुलिस महानिदेशक मानवाधिकार लखनऊ बनाया गया है। इसके अलावा प्रवीण कुमार को पुलिस महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र व लव कुमार को पुलिस उप महानिरीक्षक, गोरखपुर परिक्षेत्र बनाया गया।

आम्र्स-आबकारी बचाने में सफल रही आईएएस लॉबी

आईएएस लॉबी आम्र्स और आबकारी बचाने में कामयाब रही। नए फैसले में जिलाधिकारियों के अधिकार थोड़े बच गए हैं। इसके तहत आम्र्स और आबकारी के अधिकार जिलाधिकारियों के पास रहेंगे। आम्र्स लाइसेंस की मंजूरी डीएम ही देंगे।

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