देश में हर दो घंटे में तीन बेरोजगार कर रहे खुदकुशी

एनसीआरबी के अनुसार किसानों की आत्महत्या के आकड़ों को भी छोड़ा पीछे
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक बेकारी और बेरोजगारी से तंग आकर खुदकुशी करने वालों की संख्या किसानों की आत्महत्या की तादाद से ज्यादा है। साल 2018 में 12 हजार 936 लोगों ने बेरोजगारी से तंग आकर खुदकुशी की थी। इस तरह से हर दो घंटे में लगभग तीन बेरोजगार खुदकुशी कर रहे हैं। जबकि इसी अवधि में खेती-किसानी से जुड़े 10 हजार 349 लोगों ने आत्महत्या की थी।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली संस्था है और ये संस्था देश भर में अपराध से जुड़े आंकड़े और ट्रेंड जारी करती है। एनसीआरबी के ताजा आंकड़े बताते हैं कि 2018 में देश में खुदकुशी के मामलों में 3.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 2018 में आत्महत्या के 1 लाख 34 हजार 516 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2017 में 1 लाख 29 हजार 887 लोगों ने खुदकुशी की थी। 2017 में 12,241 लोगों ने बेरोजगारी से परेशान होकर खुदकुशी की थी, जबकि खेती-किसानी से जुड़े 10,655 लोगों ने आत्महत्या की। हालांकि 2016 में बेरोजगारों के मुकाबले किसानों ने ज्यादा खुदकुशी की थी। एनसीआरबी आंकड़ों के मुताबिक 2016 में 11,379 किसानों-खेतिहर मजदूरों ने अपनी जान दे दी, जबकि इसी अवधि में 11,173 बेरोजगारों ने खुदकुशी की थी। हालांकि इन आंकड़ों के बीच अंतर बहुत कम था। 2015 में नौकरी और कमाई के साधनों से दूर रहे 10912 लोगों ने खुदकुशी की, जबकि इसी अवधि में किसानों के आत्महत्या के 12602 मामले दर्ज किए गए थे। इन आंकड़ों का अध्ययन करने पर पता चलता है कि 2018 में रोजाना लगभग 35 लोगों ने और 2017 में 34 लोगों ने बेरोजगारी से तंग आकर खुदकुशी की। जबकि 2016 में ये आंकड़ा 30 था।

यूपी का स्थान पांचवां
बेरोजगारों की खुदकुशी के संबंध में जारी आंकड़ों से कई तथ्यों का पता चलता है। इस कैटेगरी में सुसाइड करने वाले 82 फीसदी लोग पुरुष हैं। खुदकुशी के ज्यादा मामले केरल (1585) तमिलनाडु (1579), महाराष्ट्र (1260) कर्नाटक (1094) और उत्तर प्रदेश (902) में दर्ज किए गए हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में 5763 किसानों और 4586 खेतिहर मजदूरों ने खुदकुशी की है। अगर 2018 की बात करें तो किसानों की खुदकुशी में 5457 किसान पुरुष थे, जबकि 306 महिलाएं थी। खेतिहर मजदूरों की बात करें तो खुदकुशी करने वालों में 4071 पुरुष थे, जबकि महिलाओं की संख्या 515 थी। किसानों की खुदकुशी के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए हैं। जबकि पश्चिम बंगाल में किसी भी किसान या खेतिहर मजदूर ने आत्महत्या नहीं की है।

 

 

गौरी लंकेश हत्याकांड का साजिशकर्ता गिरफ्तार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड में बेंगलुरु एसआईटी ने धनबाद के कतरास से आरोपित ऋषिकेश देवरिकर उर्फ राजेश को गिरफ्तार कर लिया। बेंगलुरु पुलिस ने कतरास पुलिस के सहयोग से भगत मोहल्ले में छापेमारी कर ऋषिकेश को दबोचा। वह कुछ दिनों से पहचान छिपाकर प्रदीप खेमका के पेट्रोल पंप में केयरटेकर के रूप में काम कर रहा था। भगत मोहल्ला में वह पेट्रोल पंप के मालिक के ही घर में किराये पर रहता था।
बेंगलुरु पश्चिम के डीसीपी एमएन अनुचेत ने बताया कि ऋषिकेश का नाम गौरी लंकेशहत्याकांड में अनुसंधान के दौरान आया था। इस हत्याकांड में कुल 18 लोगों के नाम अभी तक सामने आए हैं। इनमें अमोल काले की भूमिका प्रमुख थी। ऋषिकेश भी हत्या की साजिश में शामिल रहा है। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर साथ लेकर जाएगी।

 

जेएनयू हिंसा: वीसी जगदीश कुमार तलब पुलिस ने दर्ज की तीन नई शिकायतें

मानव संसाधन मंत्रालय ने वीसी को बुलाया
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। जेएनयू हिंसा के बाद बने हालात पर बातचीत के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विभाग (एचआरडी) ने विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर जगदीश कुमार को फिर तलब किया है। वहीं जगदीश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्रों को भी बुलाया गया है। इस मुद्दे पर एक दिन पहले छात्रों और विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही थी।
विभाग द्वारा दो दिन पहले भी वीसी जगदीश कुमार को तलब किया गया था जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय शिक्षा सचिव अमित खरे से मुलाकात कर उन्हें जेएनयू हिंसा और उसके बाद की स्थिति के बारे में जानकारी दी थी। इस बीच दिल्ली पुलिस ने पांच जनवरी को हुई जेएनयू हिंसा मामले में तीन शिकायतें और दर्ज की हैं। इन्हें मिलाकर अब तक कुल 14 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। जेएनयू में हुई हिंसा के बाद से वीसी जगदीश कुमार से इस्तीफे की लगातार मांग उठ रही है।
बता दें कि रविवार शाम जेएनयू कैंपस में नकाबपोश हमलावरों ने घुसकर छात्रों और प्रोफेसर की लोहे की रॉड और लाठी-डंडे से पिटाई की थी। इस दौरान उन्होंने जमकर तोडफ़ोड़ भी की थी। मारपीट में 34 छात्रों और प्रोफेसर को चोट आई थी। इसके लिए एबीवीपी और लेफ्ट के समर्थन वाली स्टूडेंट यूनियन ने एक-दूसरे को कसूरवार ठहराया था।

 

 

सीएए के विरोध में घायल लोगों से मिलने काशी पहुंचीं प्रियंका
रविदास मंदिर में किया दर्शन, गंगा घाट पर की नौका यात्रा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सीएए के विरोध प्रदर्शन में घायल प्रदर्शनकारियों से मिलने काशी पहुंची। वे बीएचयू के छात्रों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगी।
प्रियंका ने वाराणसी के राजघाट स्थित रविदास मंदिर में दर्शन और पूजन किया। इसके बाद पंचगंगा घाट पहुंचकर सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और महिलाओं से बात की। वे वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृति विश्वविद्यालय में बुधवार को हुए छात्रसंघ चुनाव में जीते प्रत्याशियों से भी मिलेंगी। बता दें कि बीएचयू बीते कई महीनों से विवादों में घिरा हुआ है। सितंबर 2017 में छेड़छाड़ को लेकर परिसर में हिंसा देखी गई और नवंबर 2019 में संस्कृत विभाग में मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन चला। ऐसे में प्रियंका बीएचयू में छात्रों से अनौपचारिक रूप से मिलेंगी। वहीं वाराणसी के बेनियाबाग इलाके में 19 दिसंबर को नागरिकता कानून के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत भी हो गई थी। वाराणसी में धारा 144 लागू थी, जिसके चलते पुलिस ने यहां से 56 लोगों की गिरफ्तारी की थी।

 

 

लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी 
कड़ाके की ठंड पर भारी पड़ी लोगों की आस्था
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड पर भी लोगों की आस्था भारी है। माघ मेला के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर आज लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में डुबकी लगाई। इसी के साथ संगम नगरी में एक माह का कल्पवास भी शुरू हो गया है। यहां आधी रात से ही स्नान का क्रम शुरू हो गया लेकिन सुबह श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक हो गई है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु ट्रेनों, बसों और अपने निजी वाहनों से माघ मेला की ओर जा रहे हैं। सभी के मन में आस्था और होठों पर गंगा मइया का नाम है। जबकि ठंड इतनी अधिक है की पूछिए मत। शीतलहर चल रही है और आसमान पर बादल भी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सभी कल्पवासियों को अपनी मंगलकामनाएं दी हैं।
साधु-संतों, कल्पवासियों के लिए संगम तट पर मीहने भर के जप, तप, ध्यान के लिए करीब 25 सौ बीघा क्षेत्रफल में तंबुओं की आध्यात्मिक नगरी बसाई गई है। इसका भव्य स्वरूप भी दिखाई पड़ रहा है। लाखों श्रद्धालु पौष पूर्णिमा पर संगम और गंगा के विभिन्न घाटों पर पुण्य की डुबकी लगाएंगे। स्नान का सिलसिला भोर पहर से शुरू होकर दोपहर बाद तक चलेगा। पुलिस और प्रशासन की ओर से स्नान के लिए प्रबंध किए गए हैैं।

आज रात में लगेगा चंद्रग्रहण
पौष पूर्णिमा के अवसर पर आज रात में चंद्र ग्रहण लगेगा। यह आंशिक या पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं होगा। यह एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। इसे माद्य चंद्र ग्रहण कहा जाता है। इसमें चंद्रमा का कोई भी हिस्सा छिपता नहीं है, चंद्रमा मटमैले रंग का दिखाई देता है। चंद्र ग्रहण में सूतक काल ग्रहण प्रारंभ से 9 घंटे पूर्व लगता है। ऐसे में चंद्र ग्रहण का प्रारंभ रात में 10 बजकर 39 मिनट पर हो रहा है तो सूतक काल 9 घंटे पूर्व यानी दोपहर 01 बजकर 39 मिनट से लगना चाहिए। चंद्र ग्रहण के मोक्ष होने तक सूतक काल होता है। आपको बता दें कि इस बार माघ चंद्र ग्रहण है, इस चंद्र ग्रहण की कोई धार्मिक मान्यता नहीं होती है। ऐसे में सूतक नहीं लगेगा और न ही सूतक काल होगा। ज्योतिषाचार्र्यों का मत है कि माघ चंद्र ग्रहण में सूतक नहीं लगेगा और न ही मंदिरों के कपाट बंद होंगे।

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