जेएनयू में हिंसा के खिलाफ छात्रों और शिक्षकों ने निकाला पैदल मार्च

विवि के गेट पर आंदोलनकारी और पुलिस आमने-सामने

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हिंसा के खिलाफ छात्रों और शिक्षकों का मार्च शुरू हो गया है। ये मार्च मंडी हाउस से शुरू होकर जंतर मंतर तक जाएगा। लेकिन दिल्ली पुलिस की ओर से छात्रों को मार्च की परमिशन नहीं मिली है। छात्रों की मांग है कि जेएनयू वीसी को पद से हटाया जाए। छात्र लगातार आगे बढऩे पर अड़े हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि वे आंदोलनकारियों को बस में बैठकर ही मंडी हाउस जाने देंगे।
पुलिस ने छात्रों से अपील की है कि वे बस में बैठकर मंडी हाउस तक चलें, लेकिन पैदल मार्च न निकालें। कैंपस के बाहर प्रदर्शन को देखते हुए 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम भी जेएनयू पहुंच गई है। यहां एडमिन ब्लॉक में क्राइम ब्रांच ने अपना कैंप बनाया है। कैंपस में शांति व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश जारी है। वहीं दूसरी तरफ जेएनयू में छात्रों की तरफ से कराया जा रहा रजिस्ट्रेशन दोबारा शुरू हो गया है।

अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू में हमला करने वाले नकाबपोशों की पहचान कर लेने की बात कही थी। लेकिन नकाबपोश हमलावरों में से किसी एक की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस का दावा है कि वह इस केस को पूरा करने के मुहाने पर खड़ी है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा। वहीं दूसरी ओर एचआरडी मंत्रालय ने जेएनयू वीसी से कहा है कि वह जल्द से जल्द कैंपस में शांति बहाली की कोशिश करें।

 

प्रकाश पैकेजर्स को मिला एनएईपी अवार्ड
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान 14वें नेशनल अवार्ड 2020 के तहत प्रकाश पैकेजर्स को नेशनल अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन प्रिंटिंग (एनएईपी) अवार्ड दिया गया है।
इस अवार्ड को लखनऊ के प्रतिष्ठित प्रकाश पैकेजर्स के अमित भार्गव ने ग्रहण किया। यह संस्था लखनऊ की पहली ऐसी संस्था है, जो 2001 से नेशनल और इंटरनेशनल पुरस्कार प्राप्त कर रही है। बता दें, एनएईपी पुरस्कार में दो लाख 50 हजार से अधिक प्रिंटर्स हिस्सा लेते हैं। यह एक ऐसा मंच है, जहां प्रिंटिंग संगठनों से जुड़े लोगों को अपनी गुणवत्ता और कार्य क्षमता को दिखाने का मौका मिलता है।

 

 

लोकपाल सदस्य जस्टिस दिलीप भोसले ने पद से दिया इस्तीफा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। लोकपाल कमेटी के सदस्य जस्टिस दिलीप बी. भोसले ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक भोसले ने निजी कारणों से यह पद छोड़ा है। जस्टिस भोसले ने पिछले साल 27 मार्च को देश के पहले लोकपाल जस्टिस पिनाकी घोष की अगुवाई वाले पैनल में पदभार ग्रहण किया था। जस्टिस भोसले के अलावा लोकपाल कमेटी में जस्टिस प्रदीप कुमार मोहंती, जस्टिस अभिलाषा कुमारी और जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी को भी सदस्य नियुक्त किया गया था।
लोकपाल और लोकायुक्त कानून के तहत कुछ श्रेणियों के सरकारी सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति का प्रावधान है। यह कानून 2013 में पारित किया गया लेकिन मार्च 2019 में जस्टिस पिनाकी घोष ने देश के पहले लोकपाल के तौर पर शपथ ग्रहण की थी। लोकपाल समिति में एक अध्यक्ष और अधिकतम आठ सदस्य हो सकते हैं। इनमें से चार न्यायिक सदस्य भी होते हैं।

 

 

युवा महिलाओं को सशक्त बनाया जाना बहुत जरूरी: डॉ. मंजुला
कहा, वित्तीय स्वतंत्रता से महिलाओं को मजबूत बनाने का काम प्रशंसनीय
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के महाराजा बिजली पासी राजकीय महाविद्यालय आशियाना में ऑस्ट्रेलिया के ह्यूमन राइट्स एंड हेल्थ मेलबर्न के सहयोग से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का शीर्षक इम्पॉवरिंग यंग वुमेन: अर्ली इंटरवेंशन एंड प्रिवेंशन ऑफ फेमिली वॉयलेंस रखा गया है। आयोजन में प्रमुख रूप से मेलबर्न विश्वविद्यालय ऑस्ट्रेलिया से आईं ह्यूमन राइट्स एंड हेल्थ की कार्यकारी निदेशक डॉ. मंजुला ओ कॉनर ने शिक्षा और वित्तीय स्वतंत्रता के माध्यम से युवा महिलाओं को सशक्त बनाये जाने की प्रशंसा की। इसे महिला विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना है।
डॉ. मंजुला ने कहा कि यह मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है। लैंगिक असमानता का मुद्दा वैश्विक समस्या है। इसका ठोस समाधान किया जाना चाहिए। इस कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग की प्रोफेसर निशि पांडेय ने की। उन्होंने अपने संबोधन में हिंसा की रोकथाम के लिए कॉलेज की ओर से की गई पहल की सराहना की। वहीं वुमेन पावर लाइन की अतिरिक्त महानिदेशक अंजू गुप्ता ने महिलाओं को विभिन्न प्रकार की हिंसा का एहसास करने और उनके खिलाफ आपत्ति दर्ज कराते हुए आवाद उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

 

विश्व बैंक ने घटाया भारत के जीडीपी ग्रोथ का अनुमान
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। विश्व बैंक ने भारत के जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है। इस संदर्भ में विश्व बैंक ने कहा है कि वित्त वर्ष 2019-2020 में भारत की जीडीपी में बढ़त दर सिर्फ पांच फीसदी रह सकती है। लेकिन अगले वित्त वर्ष में भारत के जीडीपी में विश्व बैंक ने 5.8 फीसदी बढ़त का अनुमान जताया है। यह वल्र्ड बैंक के अनुमान में बड़ी कटौती है। इससे पहले अक्टूबर माह में विश्व बैंक ने कहा था कि वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत के जीडीपी में छह फीसदी की ग्रोथ हो सकती है।
ग्लोबल इकोनॉमिक प्रोस्पेक्ट्स रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा कि भारत में गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का कर्ज वितरण कमजोर बना हुआ है। जीडीपी के मामले में भारत से तेज बढ़त दर बांग्लादेश की होगी। बांग्लादेश में इस वित्त वर्ष में जीडीपी में सात फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं पाकिस्तान की जीडीपी में भी इस वित्त वर्ष में महज तीन फीसदी की बढ़त हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर की दो बिल्डिंगों में लगी आग, एक की जलकर मौत
ईएसआई अस्पताल से 40 मरीजों को किया गया शिफ्ट
प्रिंटिंग फैक्ट्री में लगी आग बुझाने में जुटीं दमकल की 30 गाडिय़ां

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में एक ही दिन में आग लगने की दो घटनाएं सामने आई हैं। इनमें पहली घटना पटपडग़ंज इंडस्ट्रियल एरिया स्थित प्रिंटिंग फैक्ट्री में आग लगने की हुई, जिसमें एक व्यक्ति की आग में झुलसकर मौत हो गई। इसके बाद दूसरी घटना नोएडा सेक्टर 24 के ईएसआई अस्पताल में आग लगने की सामने आई है। यहां भर्ती मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। जबकि दमकल की गाडिय़ां आग बुझाने में जुटी हैं।
जानकारी के मुताबिक आज सुबह दिल्ली के पूर्वी दिल्ली इलाके में पटपडग़ंज इंडस्ट्रियल एरिया की एक प्रिंटिंग फैक्ट्री में आग लग गई। इस इलाके में कई फैक्ट्रियां हैं, जहां हजारों लोग काम करते हैं। इस हादसे की सूचना मिलते ही हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। फायर विभाग को सूचना दी गई। खबर लिखे जाने तक मौके पर दमकल की 30 गाडिय़ां पहुंच गई थीं। आग बुझाने की कोशिश जारी थी। लेकिन इस हादसे में बुरी तरह घायल एक शख्स की इलाज के दौरान मौत हो गई है। वहीं दूसरी घटना नोएडा में सेक्टर-24 के ईएसआई अस्पताल में आग लगने की है। यहां दमकल की 6 गाडिय़ां आग बुझाने में जुटी रहीं। आग के कारण चारों ओर धुआं फैल गया जिससे लोगों को सांस लेने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। आग के कारण यहां भर्ती करीब 40 मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। ग्राउंड फ्लोर पर काफी धुआं फैल गया है। ऐसा माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी है। अस्पताल में आगजनी में किसी भी जनहानि की सूचना नहीं है।

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