नए साल पर राज्यकर्मियों को सौगात, सरकार ने बढ़ाया भत्ता

  • गोरखपुर में शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान को मिली हरी झंडी
  • मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में 6 प्रस्ताव पास

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छह प्रस्तावों को मंजूरी मिली। सरकार ने नए वर्ष पर राज्यकर्मियों के मासिक भते में इजाफा करने के प्रस्ताव पर भी अपनी मुहर लगा दी है। वहीं अब आबकारी विभाग ई-लाटरी के जरिए भांग के ठेके का टेंडर जारी करेगा।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और श्रीकांत शर्मा ने कहा कि राज्यकर्मियों के मासिक भत्ते की दरें बढ़ाई गई हैं। लगभग 1.50 लाख सरकारी कर्मचारियों को इसका लाभ होगा। इससे 20 करोड़ सालाना का सरकार पर भार आएगा। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के अंतर्गत भांग के ठेकों के लिए नियमावली बनाई गई है। भांग की फुटकर दुकानों का व्यवस्थापन अब ई-लाटरी के जरिए होगा। अभी तक शासनादेश के मुताबिक टेंडर होता था। गोरखपुर में शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान के निर्माण से संबंधित परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना 2008 से 2009 से प्रस्तावित थी। प्राणि उद्यान की स्थापना का उद्देश्य, वन्य जीवों का संरक्षण है। इसके बनने से गोरखपुर में पर्यटन का और विकास होगा। इसके लिए 236 करोड़ का अनुमोदन किया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश जगद्गुरू रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय अधिनियम 2001 में संशोधन किया गया है। अब यह जगद्गुरू रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा। अब इसे वित्तीय सहायता मिल सकेगी। जनपद प्रयागराज में बहादुरपुर ब्लाक में पीएचसी को सीएचसी में परिवर्तित किया जाएगा।

1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, खजाने पर 20 करोड़ का आएगा भार

स्थायी मासिक भत्ते की बढ़ी दरें
100 को 200
200 को 300
300 को 400
400 को 600

पीजीआई में बनेगा नया छात्रावास

सरकार के प्रवक्ता व मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि लखनऊ पीजीआई में वर्तमान में 60 छात्रों के रहने की व्यवस्था है। अब वहां 200 बेड का नया छात्रावास बनाने का प्रस्ताव पास किया गया है। इसके निर्माण में 12.15 करोड़ की लागत आएगी।

सीएए विरोध: पुलिस बर्बरता की जांच करेगा मानवाधिकार आयोग

  • याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने दिया आदेश
  • अगली सुनवाई 17 फरवरी को, प्रदेश के कई जिलों में हुए थे उग्र प्रदर्शन

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में पुलिस बर्बरता की जांच का आदेश मानवाधिकार आयोग को दिया है। कोर्ट ने यह आदेश जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया।
हाईकोर्ट में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस बर्बरता को लेकर कई जनहित याचिकाएं दाखिल की गई थीं। मोहम्मद अमन खान समेत कुल पांच याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस गोविंद माथुर की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने राष्टï्रीय मानवाधिकार आयोग को पुलिस बर्बरता की जांच का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई 17 फरवरी को होगी। गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्रदर्शन हुए थे। इसमें दर्जनों लोग घायल हो गए थे जबकि कई लोगों की मौत हो गई थी। विपक्ष ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हंै।

जेएनयू बवाल: छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत 19 पर एफआईआर, जांच को पहुंची टीम

  • नकाबपोश गुंडों ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों पर किया था हमला, 34 लोग हुए थे जख्मी
  • हिंदू रक्षा दल के मुखिया पिंकी चौधरी पर भी दिल्ली पुलिस की नजर, हिंसा की ली थी जिम्मेदारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में हुए हिंसा के मामले में स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष आइशी घोष समेत 19 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। रविवार रात को कुछ नकाबपोश बदमाशों में जेएनयू कैंपस में घुसकर छात्रों और टीचरों की लोहे की रॉड-डंडे से पिटाई की थी। इसमें कुल 34 छात्र-छात्राएं जख्मी हो गए थे, जिनमें आइशी घोष भी शामिल थीं। वहीं दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम जांच के लिए जेएनयू पहुंची है।
जेएनयू में 4 जनवरी को मारपीट और सर्वर रूम तोडऩे की एफआईआर दर्ज हुई थी, उसमें जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष और उनके 7-8 साथियों के नाम शामिल हैं। ये एफआईआर जेएनयू प्रशासन की तरफ से दर्ज कराई गई है। वहीं हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक 3 एफआईआर दर्ज की है। इनमें से दो एफआईआर जेएनयू प्रशासन की तरफ से दर्ज कराई गई है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा भडक़ाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज किया है। फिलहाल अभी तक दोषियों का कोई पता नहीं चल सका है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 5 जनवरी को हुई हिंसा के मामले में पुलिस जांच में जुटी है। दिल्ली पुलिस की नजर हिंदू रक्षा दल के मुखिया पिंकी चौधरी पर भी है। पिंकी ने जेएनयू में हुई मारपीट की जिम्मेदारी ली है। पिंकी चौधरी के दावे पर पुलिस ने खुद संज्ञान लेकर जांच शुरू की है। पुलिस जेएनयू में हमला करनेवाले नकाबपोशों को पहचानने की कोशिशों में भी जुटी हुई है। इसके लिए वीडियो फुटेज, चेहरा पहचानने वाली तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।

3 एफआईआर हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक दर्ज की

Loading...
Pin It

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.