हम छात्र हैं मत मारो हमें

जेएनयू में नकाबपोश गुंडों ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को पीटा, तोडफ़ोड़

  • दो दर्जन से अधिक घायल, छात्र संघ अध्यक्ष भी जख्मी
  • छावनी में तब्दील हुआ परिसर अज्ञातों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
  • विपक्ष ने केंद्र सरकार पर लगाया हिंसा भडक़ाने का आरोप
  • एक दूसरे पर आरोप लगा रहे छात्र गुट, गृहमंत्री ने तलब की रिपोर्ट
  • देश के कई राज्यों में छात्रों का विरोध प्रदर्शन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली में मौजूद देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जेएनयू में हुई हिंसा से पूरा देश स्तब्ध है। लाठी-डंडे और लोहे की सरिया लेकर आए नकाबपोश गुंडों ने छात्रों को पीटा। गल्र्स हॉस्टल में घुसकर छात्राओं पर हमले किए। प्रोफेसर्स के साथ मारपीट की गई। छात्र चिल्लाते रहे कि हम छात्र हैं हमें मत मारो लेकिन नकाबपोशों का तांडव जारी रहा। हमले में दो दर्जन से अधिक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने आज अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा भडक़ाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज किया है। इस हमले को लेकर छात्रों के दो गुट एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। वहीं जेएनयू में हुई हिंसा पर विपक्षी दलों ने केंद्र की भाजपा सरकार पर हिंसा भडक़ाने का आरोप लगाया है। गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात कर हिंसा पर तत्काल रिपोर्ट मांगी है। एम्स में भर्ती किए गए छात्र-छात्राओं को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
रविवार रात कुछ नकाबपोशों ने छात्रों और शिक्षकों को बुरी तरह पीटा। छात्र संघ अध्यक्ष आयशी घोष को भी काफी चोट लगी है। कैंपस में तोडफ़ोड़ की गई। जेएनयू छात्र संघ ने एबीवीपी पर गुंडे बुलाने का आरोप लगाया तो एबीवीपी ने लेफ्ट के छात्रों पर नकाब पहनकर हमला करने का इल्जाम लगाया है।
फिलहाल ये नकाबपोश कौन थे? पुलिस अब इसकी जांच में जुट गई है। डीसीपी देवेंद्र आर्य ने बताया कि पुलिस ने रात में इलाके में फ्लैग मार्च करके हालात को काबू करने की कोशिश की है। कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात है। हिंसा की पूरी जांच ज्वाइंट सीपी वेस्टर्न रेंज शालिनी सिंह को सौंप दी गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, आप सांसद संजय सिंह, भाजपा नेता मनोज तिवारी, मीनाक्षी लेखी और कांग्रेस से अजय माकन समेत कई नेता एम्स में घायलों का हालचाल लेने पहुंचे। घटना के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में छात्रों ने विरोध किया। मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर लोगों ने विरोध किया। कोलकाता की जाधवपुर यूनिवर्सिटी और पुणे के एफटीआईआई में भी छात्रों ने जेएनयू में हुई हिंसा का विरोध किया। छात्र पुलिस पर कैंपस में देरी से पहुंचने का आरोप लगा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि कई कॉल करने के बावजूद पुलिस देरी से पहुंची और हिंसा रोकने के बजाय चुप रही।

विश्वविद्यालयों को बर्बाद करना चाहती है भाजपा: अखिलेश

लखनऊ (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क)। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा विश्वविद्यालयों को बर्बाद करना चाहती है। जेएनयू को एक विचारधारा के लोग एक विचारधारा में ढालना चाहते हंै। बीएचयू में चुनाव के दौरान एबीवीपी के छात्रों ने नंगा नाच किया था। ऐसे ही जेएनयू में हुआ। वे पूरा प्लान बनाकर गए थे। पुलिस गेट के बाहर खड़ी थी। एबीवीपी के लोग सारी यूनिवर्सिटी में कब्जा करना चाहते है और अपने लोगों बैठाना चाहते हैं। भाजपा नहीं चाहती कि गरीब घर के बच्चे अच्छी पढ़ाई करके कुछ बन सकें। ये लोग लोकतंत्र को बर्बाद करना चाहते हैं। इसके पहले सपा प्रमुख ने मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की।

अलीगढ़, बनारस और प्रयागराज में अलर्ट

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय और इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी को लेकर यूपी पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। इसमें अलीगढ़, वाराणसी और प्रयागराज पुलिस को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस को यूनिवर्सिटी प्रशासन से संवाद रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने जेएनयू में हुई घटना के विरोध में एएमयू में तिरंगा यात्रा का ऐलान किया है। यात्रा को लेकर पुलिस अलर्ट है। सुरक्षा को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

अब मोदी-शाह के गुंडे हमारे विश्वविद्यालयों में घुस रहे हैं, हमारे बच्चों में डर फैला रहे हैं। भाजपा नेता मीडिया में दिखावा कर रहे हैं कि यह उनके गुंडे नहीं थे जिन्होंने इस हिंसा को अंजाम दिया। जनता को धोखा नहीं दिया जा सकता है।
प्रियंका गांधी, कांग्रेस महासचिव

जेएनयू में छात्रों व शिक्षकों के साथ हुई हिंसा अति-निन्दनीय व शर्मनाक है। केन्द्र सरकार को इसे अति-गंभीरता से लेना चाहिये। साथ ही इस घटना की न्यायिक जांच हो तो बेहतर होगा।
मायावती, बसपा प्रमुख

जांच शुरू हो गई है, इसलिए इस वक्त कुछ कहना ठीक नहीं होगा, लेकिन विश्वविद्यालयों को राजनीति का अड्डा नहीं बनने देना चाहिए न ही छात्रों को राजनीतिक मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
स्मृति ईरानी, केंद्रीय मंत्री

जेएनयू में हुई हिंसा को जानकर मैं बहुत हैरान हूं। छात्रों पर बेरहमी से हमला किया गया। अगर हमारे छात्र परिसर के अंदर सुरक्षित नहीं रहेंगे तो देश कैसे आगे बढ़ेगा।
अरविंद केजरीवाल, सीएम, दिल्ली

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