भारत-पाक सीमा पर अशांति के निहितार्थ

सवाल यह है कि सीमा पर लगातार हो रही गोलीबारी के निहितार्थ क्या हैं? क्या कश्मीर में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तानी हुक्मरान बौखला गए हैं? क्या इमरान खान बलूचिस्तान और सिंध में चल रहे आंदोलन से विश्व का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं? क्या ये स्थितियां दोनों देशों के लिए युद्ध की नई जमीन तैयार कर रही हैं? …

Sanjay sharma

भारत-पाक सीमा पर तनाव चरम पर है। पाकिस्तानी सेना लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही है। भारतीय सेना भी जवाबी कार्रवाई कर रही है। पिछले दिनों भारतीय सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान की कई चौकियां तबाह हो गईं और 12 पाक सैनिक मारे गए। सवाल यह है कि सीमा पर लगातार हो रही गोलीबारी के निहितार्थ क्या हैं? क्या कश्मीर में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तानी हुक्मरान बौखला गए हैं? क्या इमरान खान बलूचिस्तान व सिंध में चल रहे आंदोलनों से विश्व का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं? क्या ये स्थितियां दोनों देशों के लिए युद्ध की नई जमीन तैयार कर रही हैं? क्या भारत द्वारा पीओके पर कब्जा करने के अंदेशे को लेकर पाकिस्तानी सेना यह सब कर रही है? क्या एक और युद्ध दिवालिया होने की कगार पर खड़े पाकिस्तान को तबाह नहीं कर देगा? क्या दोनों देशों के बीच शांति के मार्ग पूरी तरह बंद हो चुके हैं? क्या आतंकवादियों को पनाह देने वाली पाकिस्तानी सेना अपना अस्तित्व बचाने के लिए भारत से युद्ध लडऩे की तैयारी कर रही है?
भारत-पाक के बीच संबंध कभी मधुर नहीं रहे। इसकी वजह पाकिस्तानी हुक्मरान, सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई रही। पाकिस्तान की नजर हमेशा जम्मू-कश्मीर पर लगी रही। युद्धों में जब वह जीत नहीं सका तो उसने आतंकवादियों और कश्मीर के अलगाववादियों के सहारे घाटी में हिंसा फैलाई। सेना के अभियान के बाद यहां से आतंकियों का करीब-करीब सफाया हो चुका है लेकिन तनाव का सबसे बड़ा कारण भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा 370 समाप्त करना रहा। इससे पाकिस्तान बौखला गया और उसने परमाणु युद्ध तक की धमकी दी। उसने इस मामले को अंतरराष्टï्रीय समुदाय में भी उठाया लेकिन यहां उसकी एक न चली। यही नहीं कश्मीर में अब वह आतंकी गतिविधियों को भी संचालित नहीं कर पा रहा है। इससे बौखलाई पाकिस्तानी सेना सीमा पर गोलीबारी कर रही है। पाकिस्तान आर्थिक रूप से दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुका है। वहीं बलूचिस्तान और सिंध में अलग देश की मांग का आंदोलन तेज हो गया है। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना कहर बरपा रही है और बलूचियों के साथ बर्बरता की सारी सीमाएं लांघी जा रही है। इन दोनों हालात से जनता और दुनिया का ध्यान हटाने के लिए भी पाक सेना यह काम कर रही है। बावजूद इसके पाकिस्तान को सोचना चाहिए कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं होता है। उसे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ भारत से वार्ता करनी चाहिए। इससे दोनों ही देशों को फायदा होगा। इसके विपरीत यदि पाकिस्तान एक और युद्ध करता है तो उसका तबाह होना निश्चित है।

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