महिलाओं की सुरक्षा का हाल जानने देर रात खुद निकले डीएम

  • शहर के सूनसान इलाकों में पुलिस की तैनाती और गश्त बढ़ाने का दिया सुझाव

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कानून व्यवस्था का जायजा लेने निकले डीएम अभिषेक प्रकाश के सामने युवतियों और महिलाओं ने पुलिस की पोल खोलकर रख दी। महिलाओं ने कहा कि इमरजेेंसी में फोन करने पर 112 के सिपाही थाने जाने की बातें करते हैं, तो कभी शिकायत करने पर पुलिसकर्मी सही से बात नहीं करते हैं। महिलाओं की शिकायत दर्ज करने के बजाय उनसे बेजा सवाल पूछकर मामले को टालने का प्रयास किया जाता है। इसलिए बहुत से लोग पुलिस में शिकायत लेकर जाने और पुलिस का सहयोग लेने से डरते हैं। महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए डीएम अभिषेक प्रकाश ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ शहर के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान डीएम ने शहर के बाजारों में मौजूद महिलाओं से पुलिस व्यवस्था को लेकर जानकारी हासिल करने का प्रयास किया। डीएम ने पुलिस की डॉयल 112 सेवा के बारे में पूछा तो महिलाओं ने बेबाकी से कहा कि 112 नंबर पर फोन करने पर तुरंत सहायता नहीं मिलती। यहां तैनात पुलिसकर्मी अक्सर नजदीकी थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराने की सलाह देते हैं। इमरजेंसी में फोन करने पर पुलिस मौके पर पहुंचने में भी काफी समय लगा देती है। यदि कोई पीडि़त महिला अपनी शिकायत लेकर थाने जाती है, तो उससे ऐसे सवाल पूछे जाते हैं, जैसे उसने थाने जाकर कोई अपराध कर दिया है। वहीं मेट्रो से यात्रा करने वाली गृहणियों और कामकाजी महिलाओं ने कहा कि शहर के सूनसान इलाकों में पुलिस और पीकेट की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। रात में चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। पुलिस की गश्त बढ़ाई जानी चाहिए। डीएम ने चारबाग स्टेशन, हजरतगंज समेत कई स्थानों का भ्रमण किया। उन्होंने बाजार में मौजूद महिलाओं और युवतियों से मिले फीडबैक को गंभीरता से लेकर उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व अवनीश सक्सेना समेत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

निर्भया गैंगरेप के आरोपियों को जल्द होगी फांसी

  • 16 दिसंबर को सजा पर अमल किया जाना संभावित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। निर्भया गैंगरेप के दोषियों को फांसी देने की तैयारी शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि 16 दिसंबर को सभी को फांसी दी जा सकती है। जिस जगह पर फांसी दी जानी है, वहां साफ-सफाई का काम भी शुरू हो गया है।
निर्भया कांड के एक दोषी विनय शर्मा की तरफ से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास दाखिल की गई दया याचिका को गृह मंत्रालय ने नामंजूर करने की सिफारिश की है। क्योंकि हैदराबाद की डॉक्टर बिटिया के साथ गैंगरेप और फिर जलाकर हत्या का मामला सामने आने के बाद निर्भया के दोषियों को फांसी देने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इस बीच, खबर है कि मामले के दोषी पवन को मंडोली जेल से तिहाड़ शिफ्ट किया गया है। बता दें कि निर्भया गैंगरेप मामले में छह दोषियों में से एक की जेल में ही मौत हो चुकी है, जबकि एक नाबालिग दोषी सजा काटकर जेल से बाहर आ चुका है। बचे चार दोषियों की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है। इस वजह से उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई नहीं की जा सकी है। उम्मीद है कि गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति जल्द ही दया याचिका पर फैसला लेंगे।

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