अब सीधे कारागार मुख्यालय से होगी जेलों की निगरानी

  • जेलों के संवेदनशील हिस्सों की गतिविधियों पर रखी जाएगी विशेष नजर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की जेलों की निगरानी अब सीधे कारागार मुख्यालय से की जाएगी। जेलों के संवेदनशील हिस्सों में चल रही गतिविधियां वरिष्ठ अधिकारियों की नजर होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कारागार मुख्यालय के कमांड सेंटर स्थित वीडियो वॉल का शुभारंभ किया। योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों का नाम लिए बिना कहा कि कभी प्रदेश में जेलें अपराध संचालन का गढ़ होती थीं। हम जेलों को सुधार गृह बनाएं, लेकिन इस बात का ख्याल भी रखें कि यदि कहीं से कुछ शरारती तत्व जेलों को अपराध गढ़ बनाने का प्रयास करें तो उनसे पूरी सख्ती से निपटा जाए।
योगी ने छह माह में कारागार की कार्यपद्धति में आए सुधार पर संतोष जताते हुए कहा कि सुधार में तीव्रता लाने के लिए तकनीक का प्रयोग बेहतर ढंग से किया जाए। इसके लिए उचित प्रशिक्षण और उसे लागू करने वाली टीम में समन्वय बहुत आवश्यक है। योगी ने कहा कि टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए वीडियो वॉल के जरिये प्रदेश की सभी जेलों को जोडऩे का प्रभाव प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी देखने को मिलेगा। सीएम ने जेलों में जनशक्ति की कमी को जल्द पूरा कराने का भरोसा भी दिलाया। यह भी कहा कि जेलों में हम करीब एक लाख बंदियों को बैठाकर खिलाते हैं। उनकी नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में बदलने का प्रयास करें, जो देश के लिए एक उदाहरण हो सकता है।

जेलों में लगेंगे 2750 सीसीटीवी कैमरे

डीजी जेल आनन्द कुमार ने बताया कि प्रदेश की जेलों में करीब 2750 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनमें सभी संवेदनशील व प्रमुख स्थानों पर लगे कैमरों की फीड कमांड सेंटर में लगे 12 एलईडी पैनल पर देखी जा सकती है। चेहरा पहचानने से लेकर मोबाइल पर अलर्ट भेजने तक की अत्याधुनिक सुविधाओं से कमांड सेंटर लैस है। कुख्यात अपराधियों को रखने के लिए पांच जेलों को हाई सिक्योरिटी जेल में उच्चीकृत किया जा रहा है। 25 कारागारों में जेल रेडियो की शुरुआत भी हो चुकी है। कारागार विभाग जेलों को व्यापक सुधार गृह में बदलने का प्रयास करे।

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