बदलते मौसम से बढ़ा रोगों का प्रकोप अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की कतार

  • सर्दी-जुकाम और कोल्ड डायरिया ने पसारे पांव
  • प्रदूषण ने भी बढ़ाई मुसीबत सांस व हृदय रोगी बढ़े

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बदलते मौसम के कारण रोगों का प्रकोप बढ़ गया है। लोग तेजी से सर्दी-जुकाम और कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। रही सही कसर प्रदूषण ने निकाल दी है। बढ़ते प्रदूषण के कारण सांस और दिल के रोगियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों की कतार बढ़ती जा रही है।
रात की सर्दी और दिन की गर्मी के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढऩे लगा है। इन बीमारियों की चपेट में आकर रोजाना करीब 600 से 800 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। अगर पुराने मरीजों की संख्या को भी शामिल कर लिया जाए तो यह संख्या 1200 के करीब पहुंचती है। सबसे ज्यादा मरीज बुखार, सर्दी-खांसी, जुकाम के साथ कोल्ड डायरिया के हैं। मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है। बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टर विष्णु देव ने बताया कि मौसम में परिवर्तन होने के साथ ही मौसमी बीमारियों के मरीज बढऩे लगते हैं। खानपान और रहन-सहन पर ध्यान दिया जाए तो मौसमी बीमारियों के प्रकोप से बचा जा सकता है। बुखार आने पर चिकित्सक के पास पहुंचे। बुखार से बचने के लिए मच्छरों से बचें और घर व आसपास सफाई रखें, जिससे मच्छर न पनपें। वहीं राजधानी में प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदूषण के मामले में राजधानी की स्थिति बेहद खराब है। इसका सीधा असर सेहत पर पड़ रहा है। सांस और हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़
रही है।

लापरवाही पड़ सकती है भारी
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे का कहना है कि दिन में मौसम गर्म होता है पर रात में तापमान गिरता है। इस दौरान जरा सी लापरवाही भारी पड़ जाती है। गर्मी के बाद सर्दी का असर बीमारियों को दावत देता है। इसके साथ ही ठंडी चीजों से परहेज करें। बच्चों को सुबह होते ही बेड से उठकर सीधे बाहर न जाने दें।

रखें सावधानी

पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन हो सकता है। कोल्ड डायरिया के भी शिकार हो सकते हैं। वहीं मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी या क्रीम का इस्तेमाल करे। प्रदूषण के दौरान सुबह खुले में व्यायाम करने से बचें।

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