लापरवाही: रोजाना बर्बाद हो रहा लाखों लीटर पेयजल, जनता हो रही हलकान

  • इस्माइलगंज के कई इलाकों में अधूरे पड़े हैं कनेक्शन
  • कई जगह क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की नहीं हुई मरम्मत
  • शिकायत के बाद भी हाथ पर हाथ धरे बैठे जिम्मेदार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एक ओर राजधानी में भूगर्भ जल का स्तर लगातार घट रहा है वहीं जलकल और जल निगम की लापरवाही के चलते यहां लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। शहर के तमाम इलाकों में क्षतिग्रस्त पाइपों के कारण पेयजल बह रहा है। तमाम शिकायतों के बाद भी जिम्मेदारों के कान में जूं नहीं रेंग रही है। इसके कारण राजधानीवासियों को सर्दियों में भी पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
पानी को लेकर जलकल और जल निगम महकमा बेहद लापरवाह नजर आ रहा है। शहर के तमाम हिस्सों में पेयजल बर्बाद हो रहा है। जगह-जगह फटी पाइप लाइनों के कारण पानी का रिसाव हो रहा है। इस्माइल गंज द्वितीय वार्ड में जल निगम द्वारा पानी के कनेक्शन का काम बीच में छोड़ दिया गया है। कई महीनों से सुरेंद्र नगर, पटेल नगर, शिवपुरी, शंकरपुरी आदि मोहल्लों में कनेक्शन का काम अधूरा छोड़ दिया गया है। इसके कारण पानी सडक़ों पर बह रहा है। इसके अलावा लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर पानी का बिल उपभोक्ताओं के यहां लगातार पहुंच रहा है। इसकी शिकायत जल निगम के जीएम तक से कई बार की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जल निगम की इस लापरवाही से क्षेत्रीय पार्षद भी काफी नाराज है। पार्षद समीर पाल और पूर्व पार्षद रूद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इसकी शिकायत नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन से की जाएगी। उन्होंने बताया कि अजय नगर में पिछले 15 दिनों से रोज सुबह-शाम हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। जल निगम के उदासीन रवैए से आम जनता परेशान है। इसको लेकर अभी तक की गई शिकायतों का संज्ञान नहीं लिया गया।

40 मीटर तक गिर चुका है जलस्तर
चार दशक में अलग-अलग इलाकों का जलस्तर 20 से 40 मीटर तक गिर चुका है। पहले महज दस मीटर की गहराई पर पानी मिल जाता था, लेेकिन पानी की लगातार बर्बादी के कारण शहर के 45 फीसदी हिस्सों का जलस्तर 30 से 45 मीटर तक पहुंच चुका है। लखनऊ में पिछले पांच साल से जलस्तर प्रति वर्ष 1 से 1.7 मीटर तक घट रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदारों को कोई फर्क पड़ता नहीं दिख रहा है।

जागरूकता की कमी ने भी बढ़ाई मुसीबत
आम जनता में पानी के उपयोग को लेकर जागरूकता की कमी के कारण भी स्थितियां खराब हो रही हैं। हालत यह है कि सार्वजनिक स्थलों में लगे नलों को लोग इस्तेमाल करने के बाद खुला छोड़ देते हैं। इसके अलावा घरों में भी पानी की जमकर बर्बादी की जाती है। इसके कारण लाखों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है।

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