जिला कारागार में DM-SSP छापेमारी से हडक़ंप

 

  • अधिकारियों ने बैरकों का किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
  • कैदियों के मुलाकातियों के बारे में भी ली जानकारी, चेक किए रजिस्टर
  • साफ-सफाई के अलावा खाने की गुणवत्ता के बारे में भी की जांच-पड़ताल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। डीएम अभिषेक प्रकाश और एसएसपी कलानिधि नैथानी ने आज अपनी टीम के साथ जिला कारागार में छापेमारी की। इससे जेल में हडक़ंप मच गया। डीएम-एसएसपी ने जेल में बैरकों की स्थिति का जायजा लेने के साथ ही कैदियों को दिए जाने वाले खाने से लेकर मुलाकात करने वाले लोगों तक के बारे में विस्तृत जानकारी ली। डीएम-एसएसपी मय फोर्स आज राजधानी के जिला कारागर पहुंचे। आला अधिकारियों के अचानक जेल में पहुंचने से जेल में तैनात कर्मियों और अधिकारियों में हडक़ंप मच गया। दोनों अधिकारियों ने बैरकों की जांच-पड़ताल की। साथ ही सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता की भी जांच की। अधिकारियों ने रजिस्टर भी चेक किए। इस दौरान कारागार के पास फोर्स तैनात रही। गौरतलब है कि यहां की जेल में कई हाई प्रोफाइल बदमाश, नेता और अपराधी बंद हैं। प्रदेश की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठाये जाते रहे हैं। इसके मद्देनजर यहां छापेमारी की जाती है। प्रदेश की कई जेलों में सुरक्षा संबंधी खामियां पूर्व में मिलती रही हैं।

जम्मू-कश्मीर: प्रतिबंध के खिलाफ फैसला सुरक्षित

  • दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने लिया निर्णय

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद संचार व अन्य प्रतिबंधों के संबंध में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और अन्य द्वारा दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिकाओं पर न्यायमूर्ति एन वी रमन, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने याचिकाकर्ता गुलाम नबी आजाद की ओर से कहा कि सरकार का कहना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। धारा 144 राष्टï्रीय सुरक्षा में किसी भी तरह की समस्या को प्रतिबिंबित नहीं करता है। सरकार द्वारा दिया गया तर्क गलत है। वहीं, कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन की ओर से पेश वकील वृंदा ग्रोवर ने इन धाराओं को असंवैधानिक करार दिया। वहीं जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद वहां इंटरनेट पर लगाई गई पाबंदी को सही ठहराया था। उन्होंने कहा कि अलगाववादी, आतंकवादी और पाकिस्तान सेना सोशल मीडिया पर लोगों को जेहाद के लिए भडक़ाते रहते हैं।

इसरो ने अंतरिक्ष में फिर रचा इतिहास अब दुश्मन देशों के चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर

  • कार्टोसैट-3 सैन्य जासूसी सैटेलाइट किया लॉन्च, पीएम ने दी बधाई
  • श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतिरक्ष केंद्र से किया गया प्रक्षेपण

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) ने अंतरिक्ष ने एक बार फिर इतिहास रचा है। इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र के लॉन्च पैड से कार्टोसैट-3 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इस सैटेलाइट के जरिए भारत, पाकिस्तान सहित अपने दुश्मन देशों के चप्पे-चप्पे पर निगरानी कर सकेगा। चंद्रयान-2 के बाद यह इसरो का बड़ा मिशन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है। इसरो ने आज सुबह 9.28 बजे सैन्य सैटेलाइट कार्टोसैट-3 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। कार्टोसैट-3 सैटेलाइट पीएसएलवी-सी47 रॉकेट से छोड़ा गया। कार्टोसैट-3 पृथ्वी से 509 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्कर लगाएगा। कार्टोसैट-3 के साथ अमेरिका के 13 अन्य नैनो सैटेलाइट भी छोड़े गए। कार्टोसैट-3 का कैमरा इतना ताकतवर है कि वह अंतरिक्ष में 509 किमी की ऊंचाई से जमीन पर 9.84 इंच की ऊंचाई तक की स्पष्ट तस्वीर ले सकेगा यानी व्यक्ति की कलाई पर बंधी घड़ी पर दिख रहे सही समय की भी सटीक जानकारी देगा। संभवत: अभी तक इतनी सटीकता वाला सैटेलाइट कैमरा किसी देश ने लॉन्च नहीं किया है। अमेरिका की निजी स्पेस कंपनी डिजिटल ग्लोब का जियोआई-1 सैटेलाइट 16.14 इंच की ऊंचाई तक की तस्वीरें ले सकता है। प्राकृतिक आपदाओं और ढांचागत विकास में भी यह उपग्रह मदद करेगा। अब भारतीय सेनाएं पाकिस्तान की नापाक हरकत और उनकी आतंकी गतिविधियों पर बाज जैसी नजर रख पाएंगी। जरूरत पडऩे पर इस सैटेलाइट की मदद से सर्जिकल या एयर स्ट्राइक भी कर पाएंगी। इसरो के प्रमुख के सिवन ने कहा है कि मुझे खुशी है कि पीएसएलवी-सी 47 ने 13 अन्य उपग्रहों के साथ सफलतापूर्वक इसे कक्षा में स्थापित किया। उन्होंने बताया कि कार्टोसैट-3 उच्चतम रिज़ॉल्यूशन वाला उपग्रह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्नत कार्टोसैट -3 हमारी उच्च संकल्प इमेजिंग क्षमता को बढ़ाएगा। इसरो ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित किया है।

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